
Republic Day 2026 parade showcasing India’s military and cultural strength at Kartavya Path, New Delhi. Shah Times
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ बना भारत की ताकत का मंच
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में भारत की विकास यात्रा, सैन्य क्षमता और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन हुआ. समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की.
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर पर भारत की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और सैन्य सामर्थ्य को एक साथ प्रस्तुत किया गया. परेड की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की. कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ और लगभग दो घंटे तक चला.
प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि से शुरुआत
समारोह की औपचारिक शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि पारंपरिक बग्घी में राष्ट्रपति अंगरक्षकों की सुरक्षा में कर्तव्य पथ पहुंचीं.
अंतरराष्ट्रीय अतिथियों की मौजूदगी
इस वर्ष समारोह में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी रही. यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इसके अलावा यूरोपीय संघ का सैन्य दस्ता भी परेड में शामिल हुआ.
वंदे मातरम् थीम की झलक
पूरे समारोह की थीम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर आधारित रही. कर्तव्य पथ पर संगीत, बैनर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इस थीम को दर्शाया गया. परेड के समापन पर ‘वंदे मातरम्’ लिखे बैनर और गुब्बारे छोड़े गए.
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड का प्रमुख आकर्षण सैन्य प्रदर्शन रहा. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के मार्चिंग कंटिन्जेंट ने कर्तव्य पथ पर कदमताल की. ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई हथियार प्रणालियों के मॉडल पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए गए.






अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां
परेड में टी-90 भीष्म टैंक, अर्जुन एमके-1 मेन बैटल टैंक और नाग मिसाइल सिस्टम मार्क-2 को दर्शाया गया. इसके साथ आकाश वेपन सिस्टम और एबीएचआरए मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम भी शामिल रहे. इन प्रदर्शनों ने भारत की रक्षा तैयारी और तकनीकी क्षमता को रेखांकित किया.
हवाई शक्ति की झलक
आसमान में वायुसेना के फाइटर जेट्स ने फ्लाईपास्ट किया. सिंदूर फॉर्मेशन में राफेल, सुखोई, मिग-29 और जगुआर विमानों ने उड़ान भरी. इसके साथ हेलिकॉप्टर फॉर्मेशन द्वारा पुष्प वर्षा की गई, जिसका नेतृत्व एमआई-17 हेलिकॉप्टरों ने किया.
ड्रोन और नई तकनीक
परेड में ड्रोन शक्ति और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर का प्रदर्शन किया गया. डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल का मॉडल भी दिखाया गया. यह प्रणाली नौसेना की तटीय सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है.
नौसेना और तटरक्षक बल
भारतीय नौसेना की झांकी में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को दर्शाया गया. इसके साथ भारतीय तट रक्षक बल का मार्चिंग दस्ता भी शामिल रहा, जिसका नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट निशी शर्मा ने किया.
बीएसएफ का ऊंट दस्ता
सीमा सुरक्षा बल का ऊंट दस्ता कर्तव्य पथ पर विशेष आकर्षण रहा. डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौड़ के नेतृत्व में ऊंट सवारों ने पारंपरिक अंदाज में मार्च किया.
विशेष पशु और दस्ते
हिम योद्धा दस्ता, बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्करी पोनी और प्रशिक्षित सैन्य कुत्तों ने परेड में हिस्सा लिया. इनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड और अन्य स्वदेशी नस्लें शामिल रहीं.
राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां
गणतंत्र दिवस परेड में विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की झांकियां प्रस्तुत की गईं. इन झांकियों में सांस्कृतिक विविधता, परंपराएं और विकास कार्यों को दर्शाया गया. मणिपुर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और असम सहित कई राज्यों की झलक देखने को मिली.
हरियाणा और अन्य राज्यों में आयोजन
राज्यों में भी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम आयोजित हुए. हरियाणा के गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तिरंगा फहराया और नागरिकों को संबोधित किया. उन्होंने विविधता में एकता के संदेश पर जोर दिया.
राष्ट्रपति द्वारा सम्मान
समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता पुरस्कार और विशिष्ट सेवा सम्मान प्रदान किए. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया.
समापन और राष्ट्रगान
कर्तव्य पथ पर समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ. 21 तोपों की सलामी दी गई और राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. इसके साथ ही 77वें गणतंत्र दिवस का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ.







