
ऊंटनी के दूध को क्यों कहा जाता है सफेद गोल्ड, आइए जानते हैं?

आज तक आपने देखा होगा कि हमारे घरों में सुबह या शाम को सिर्फ गाय या भैंस का दूध आता है, जिसे बच्चों को नाश्ते में ग्लास भर कर दिया जाता है और हम खुद उसकी चाय-कॉफी बनाकर पीते हैं। दूध को हर लिहाज से एक पौष्टिक पेय माना गया है। लेकिन अगर आपसे कहा जाएं कि गाय-भैंस के अलावा भी एक जानवर ऐसा है, जिसका दूध पीने से आपको दोगुनी ताकत मिल कसती है तो क्या आप यकीन करेंगे?
जी हां हम बात कर रहे हैं ऊंटनी के दूध की। इसका दूध राजस्थान और गुजरात के कई प्रांतों में बड़े ही चाव के साथ पिया जाता है। स्वाद में तो यह लाजवाब होता ही है साथ में डायबिटीज-कोलेस्ट्राल और कई तरह की अन्य बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। ऊंटनी का दूध इतना फेमस हो रहा है कि कुछ कंपनियां तो इससे दूध, राबड़ी, घी, छाछ, दही, क्रीम, कुल्फी, आइसक्रीम और बर्फी तक भी बना रहे हैं। ऊंटनी के दूध को सफेद सोना भी कहा जाता है।
ऊंटनी के दूध को क्यों कहा जाता है सफेद सोना?
आपको बता दें कि ऊंटनी का दूध सबसे महंगे दूध में से एक माना जाता है। इसकी वजह है इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व जिस वजह से इसके दूध की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि इसे सफेद गोल्ड कहा जाता है।
दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्व
ऊंटनी के दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में मददगार हो सकते हैं।
क्या है ऊंटनी के दूध कि कीमत
अरब देशों में ऊंटनी का दूध लगभग 1500 रुपये प्रति लीटर बेचा जाता है। जो बाकी दूध के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा है।
ऊंटनी का दूध पीने से होने वाले फायदे।
स्किन के लिए फायदेमंद
ऊंटनी के दूध में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ और जवां बनाए रखते हैं. यही वजह है कि इसे कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल किया जाता है।
जोड़ों के दर्द में आराम मिलना
ऊंटनी के दूध का सेवन करने से डायबिटीज को कम करने, हड्डियों, जोड़ो, ह्रदय और पाचन तंत्र को मजबूत करने का काम करता है। इसका सेवन सुबह-शाम कर सकते है।
बच्चों के लिए लाभदायक
बच्चों के अच्छी ग्रोथ में भी ऊंटनी के दूध का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके साथ ही इस दूध का सेवन बच्चों के पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में भी लाभदायी हो सकता है। इस दूध को पीने से मानसिक विकास भी होता है।






