
मेरठ में पुलवामा शहीदों की याद में कैंडल मार्च
पुलवामा हमले के शहीदों को सूरजकुंड पार्क में नमन
मेरठ के सूरजकुंड पार्क में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों की याद में कैंडल मार्च आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।कैंडल मार्च के दौरान दो मिनट का मौन रखा गया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
📍 Meerut ✍️ Shahwez Khan
मेरठ में पुलवामा शहीदों के सम्मान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य
मेरठ शहर में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की स्मृति में एक सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कैंडल मार्च सूरजकुंड पार्क में हुआ, जहां नागरिकों ने एकत्र होकर शहीदों को याद किया। आयोजन का उद्देश्य शहीद जवानों के बलिदान को स्मरण करना और समाज में एकजुटता का संदेश देना रहा।
कैंडल मार्च की शुरुआत
शाम के समय शुरू हुए इस कैंडल मार्च में लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर पार्क परिसर में एकत्र हुए। माहौल शांत रहा और पूरे कार्यक्रम में सादगी दिखाई दी। प्रतिभागियों ने बिना किसी नारेबाजी के मौन रखते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दो मिनट का मौन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के नामों को स्मरण किया गया। मौन के समय पूरा पार्क खामोशी में डूबा रहा, जो शहीदों के प्रति सम्मान और एहतराम का प्रतीक रहा।
संबोधन
कार्यक्रम में युवा नेता विपिन मनोठिया ने संक्षिप्त संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में शहीद जवानों का बलिदान देशवासियों के दिलों में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देते हैं।
नागरिकों की सहभागिता
कैंडल मार्च में शहर के विभिन्न इलाकों से आए नागरिकों ने भाग लिया। इसमें युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी शामिल रहे। सहभागिता करने वालों ने इसे एक शांतिपूर्ण और मर्यादित श्रद्धांजलि बताया।
सामाजिक संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से एकता और आपसी ताल्लुक का संदेश दिया गया। आयोजकों ने बताया कि कैंडल मार्च का मकसद किसी राजनीतिक गतिविधि से जुड़ा नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से शहीद जवानों की याद में आयोजित एक सामाजिक पहल थी।
कार्यक्रम स्थल का माहौल
सूरजकुंड पार्क में आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखी गई। पार्क परिसर में किसी तरह की अव्यवस्था नहीं देखी गई। स्वयंसेवकों ने भीड़ को व्यवस्थित रखने में सहयोग किया।
उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में कई स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग मौजूद रहे। इनमें पूर्व महापौर प्रत्याशी दीपू मनोठिया, अमित प्रधान, सौरभ कश्यप, उमेश पटेल, अमन हंस, चौधरी दीपक मनोठिया, दीपक ढिलोर वाल्मीकि, राजा महरोल, अमित बेनीवाल, रिंकू वाल्मीकि और सोनू वाल्मीकि शामिल रहे।
युवाओं की भागीदारी
युवाओं की संख्या कार्यक्रम में उल्लेखनीय रही। कई युवाओं ने कहा कि वे शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए आए हैं। उनके अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को इतिहास और बलिदान की याद दिलाते हैं।
शांति और अनुशासन
पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बना रहा। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकारात्मक घटना की सूचना नहीं मिली। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई।
कार्यक्रम का समापन
कैंडल मार्च का समापन शांति के साथ हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।




