नागपुर को Orange city के नाम से क्यों जाना जाता है, आखिर क्या है वजह?

भारत के मानचित्र पर अपनी खास पहचान रखने वाला नागपुर सिर्फ भौगोलिक केंद्र होने के कारण ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि अपनी मीठी और रसीली संतरे की फसल के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि इसे प्यार से “संतरे का शहर” कहा जाता है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के नागपुर की,जो सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि देश भर में संतरों की सप्लाई का सबसे बड़ा केंद्र है। आइए जानते हैं कि इस शहर के संतरों में ऐसा क्या खास है जिसने इसे ‘ऑरेंज सिटी’ का रुतबा दिला दिया।
संतरे की होती है विशेष खेती
नागपुर और उसके आसपास का क्षेत्र संतरे की खेती के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। यहां की काली कपास वाली मिट्टी, अनुकूल जलवायु और संतुलित वर्षा संतरे की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है। खासतौर पर “नागपुरी संतरा” अपने स्वाद, रंग और रस के लिए देशभर में मशहूर है।
भौगोलिक दृष्टि से
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित नागपुर में गर्मी और सर्दी का संतुलित चक्र देखने को मिलता है। दिन में तेज धूप और रात में ठंडक फल के स्वाद को प्राकृतिक मिठास देती है। यही कारण है कि यहां उगने वाले संतरे का स्वाद अलग और आकर्षक होता है।
आर्थिक पहचान
नागपुर की अर्थव्यवस्था में संतरे की खेती का महत्वपूर्ण योगदान है। हजारों किसान इस पर निर्भर हैं। यहां से संतरे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी निर्यात किए जाते हैं।
GI टैग की पहचान
नागपुरी संतरे को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग भी मिला है, जो इसकी गुणवत्ता और विशिष्टता को प्रमाणित करता है। इससे यह साबित होता है कि नागपुर का संतरा अन्य क्षेत्रों के संतरे से अलग और विशेष है।
पर्यटन और पहचान के रूप में प्रसिद्ध
संतरे की प्रसिद्धि के कारण नागपुर को पर्यटन के क्षेत्र में भी लाभ मिला है। सर्दियों के मौसम में यहां संतरे की भरपूर आवक होती है और बाजारों में हर तरफ नारंगी रंग की बहार देखने को मिलती है।
निष्कर्ष
नागपुर को संतरे का शहर कहना केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि यहां की मिट्टी, मेहनत और परंपरा का सम्मान है। स्वाद, गुणवत्ता और उत्पादन की दृष्टि से नागपुरी संतरा देश में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।







