
Farmers gather during protest at Delhi–Dehradun Highway in Gangnauli, as covered by Shah Times.
गांगनौली में कट की मांग पर धरना जारी,1 अप्रैल तक प्रशासन को चेतावनी
दिल्ली–देहरादून हाईवे पर स्थित गांगनौली में भारतीय किसान यूनियन ने धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने कॉरिडोर पर कट की मांग को लेकर प्रशासन को 1 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत की मौजूदगी में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समय सीमा तक मांग पूरी न होने पर किसान स्वयं रास्ता बनाने की कार्रवाई करेंगे। धरना शांतिपूर्ण रहा और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
📍Gangnauli ✍️ Israr Khan
दिल्ली–देहरादून हाईवे पर गांगनौली के पास आज सवेरे से ही किसानों की भीड़ जमा होने लगी। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसान और स्थानीय निवासी धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन पूरी तरह अमन और इंतज़ाम के साथ आयोजित किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद रहा।
किसानों की बुनियादी मांग साफ है। उनका कहना है कि गांगनौली गांव के पास बने कॉरिडोर पर कट नहीं होने से आवाजाही में मुश्किल हो रही है। दिल्ली और देहरादून की तरफ जाने वाले स्थानीय लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे वक़्त और ईंधन दोनों की ज़्यादा खपत हो रही है।





कॉरिडोर पर कट की मांग
धरने में मौजूद किसानों ने कहा कि जब हाईवे और कॉरिडोर का निर्माण हुआ, तब स्थानीय स्तर पर कट देने का भरोसा दिया गया था। उनका दावा है कि आसपास के कुछ अन्य स्थानों पर कट उपलब्ध है, लेकिन गांगनौली के पास सुविधा नहीं दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल जाने वाले बच्चों, रोज़गार के लिए जाने वाले युवाओं और खेतों तक पहुंचने वाले किसानों को रोज़ाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई लोगों ने कहा कि एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बन सकती है।
गौरव टिकैत की मौजूदगी
धरने में भारतीय किसान यूनियन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने किसानों की मांगों को दोहराया और प्रशासन से बातचीत के ज़रिए हल निकालने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि प्रशासन को 1 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया जाए। किसानों ने कहा कि अगर तय तारीख तक कट नहीं दिया गया, तो वे अपने ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन लेकर स्वयं रास्ता बनाने के लिए स्वतंत्र होंगे।
अल्टीमेटम की घोषणा
मंच से की गई घोषणा के मुताबिक 1 अप्रैल तक प्रशासन को लिखित और मौखिक दोनों रूप में सूचना दी जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि वे पहले शांतिपूर्ण और क़ानूनी तरीक़े से अपनी बात रख रहे हैं।
धरने में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन का मकसद ट्रैफिक या आम जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि अपनी स्थानीय ज़रूरत को प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत के जरिए समाधान निकलता है तो संगठन उसका स्वागत करेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
धरना स्थल पर मौजूद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की मांग सुनी। अधिकारियों ने कहा कि मामले को उच्च स्तर पर पहुंचाया जाएगा और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं हुआ था। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
प्रमुख उपस्थित लोग
धरने में धर्मेंद्र प्रधान (गांगनौली), मनीष राठी (टिकरी), अक्षरा राठी (टिकरी), पिंटू डायरेक्टर (गांगनौली), राजेंद्र चौधरी (भारतीय किसान यूनियन), सचिन चौधरी, पप्पू प्रधान (टिकरी), तपेश राणा, मोहन राठी, रामपाल राठी (मेंबर), विनोद राठी, तिलकराम और विक्रम राठी (चेयरमैन, टिकरी) सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बुजुर्ग और महिलाएं भी समर्थन देने के लिए धरना स्थल तक पहुंचीं।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
दिन भर चले इस धरना कार्यक्रम के दौरान यातायात सामान्य बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जाम या अवरोध नहीं किया। आयोजकों ने स्वयंसेवकों की टीम बनाकर अनुशासन बनाए रखा।
शाम के समय सभा समाप्त होने के बाद किसानों ने कहा कि वे 1 अप्रैल तक प्रशासन के जवाब का इंतजार करेंगे। इसके बाद अगली रणनीति की घोषणा की जाएगी।
आगे की रणनीति
किसान नेताओं ने कहा कि वे आने वाले दिनों में ज्ञापन सौंपेंगे और संबंधित विभागों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन का स्वरूप फिलहाल शांतिपूर्ण है।
अगर मांग पूरी नहीं होती है तो 1 अप्रैल के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि, अभी किसी बड़े कार्यक्रम की तारीख घोषित नहीं की गई है।





