
बनबसा में अग्निवीर भर्ती, तकनीक से हुआ चयन
डिजिटल सिस्टम से बनी पारदर्शी अग्निवीर रैली
बनबसा सैन्य परिसर में आधुनिक भर्ती प्रक्रिया लागू
टनकपुर–बनबसा सैन्य परिसर में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली 2026 में चयन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से संचालित की गई। मेजर जनरल मनीष कुमार ने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और ऑटोमैटिक टाइमिंग सिस्टम से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। रैली में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। प्रशासन और सेना के समन्वय से आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा।
📍 टनकपुर ✍️ आबिद सिद्दीकी
बनबसा सैन्य परिसर में भर्ती रैली का आयोजन
टनकपुर–बनबसा क्षेत्र स्थित सैन्य परिसर में वर्ष 2026 की अग्निवीर भर्ती रैली मुकम्मल इंतज़ामात के साथ आयोजित की गई। सुबह से ही बड़ी तादाद में नौजवान अभ्यर्थी परिसर के बाहर कतारबद्ध नज़र आए। एंट्री प्वाइंट पर सिक्योरिटी चेक, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया क्रमबद्ध तरीके से पूरी की गई।
रैली का आयोजन पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक हुआ। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट किया गया, ताकि हर स्टेप रिकॉर्डेड और ट्रैसेबल रहे।
मेजर जनरल मनीष कुमार ने दी जानकारी
भर्ती रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में मेजर जनरल मनीष कुमार, एडीजी मुख्यालय रिक्रूटिंग ज़ोन लखनऊ, ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया को टेक्नोलॉजी-संचालित बनाया गया है। उनका कहना था कि सेना की प्राथमिकता योग्य और सक्षम युवाओं का चयन है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष रनिंग टेस्ट में डिजिटल टाइमिंग सिस्टम का उपयोग किया गया। हर अभ्यर्थी को यूनिक कोड आधारित टैग दिया गया, जिससे पहचान और समय का रिकॉर्ड ऑटोमैटिकली दर्ज हुआ।
पारदर्शिता के लिए डिजिटल सिस्टम लागू
अधिकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में निम्न व्यवस्थाएँ लागू की गईं:
पूरे परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी।
डिजिटल टाइमिंग सिस्टम से रनिंग का सटीक रिकॉर्ड।
प्रत्येक उम्मीदवार का बायोमेट्रिक सत्यापन।
ऑटोमेटेड डेटा एंट्री और रिजल्ट प्रोसेसिंग।
फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की अनिवार्यता।
इन उपायों का उद्देश्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या गलत एंट्री को रोकना था।
चयन के चरण
रैली में चयन की प्रक्रिया कई चरणों में संपन्न हुई। सबसे पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की गई। इसमें रनिंग, बीम, बैलेंस और अन्य फिटनेस पैरामीटर शामिल रहे।
इसके बाद मेडिकल एग्ज़ामिनेशन हुआ, जिसमें उम्मीदवारों की हेल्थ कंडीशन का मूल्यांकन किया गया। अंतिम चरण में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड अपलोड किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक हर चरण का डेटा तुरंत सर्वर पर अपडेट हुआ। इससे रिजल्ट प्रोसेसिंग में देरी नहीं हुई।
युवाओं की भागीदारी
सुबह से ही अलग-अलग जिलों से आए युवाओं की मौजूदगी देखी गई। कई अभ्यर्थी रात में ही टनकपुर पहुंच गए थे। ठंडी हवाओं के बावजूद रनिंग ट्रैक पर उत्साह स्पष्ट दिखा।
अभ्यर्थियों ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और एडमिट कार्ड डाउनलोड की प्रक्रिया पहले से पूरी कर ली गई थी। एंट्री के समय क्यूआर कोड स्कैनिंग से सत्यापन हुआ।
चार वर्ष की सेवा अवधि
अग्निवीर योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को चार वर्ष की सेवा अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान उन्हें मॉडर्न मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी।
ट्रेनिंग मॉड्यूल में फिजिकल ट्रेनिंग, वेपन हैंडलिंग, ड्रिल, कम्युनिकेशन स्किल और टेक्निकल एजुकेशन शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों को स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।

प्रशासन और सेना का समन्वय
रैली के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन और सेना के बीच तालमेल देखा गया। परिसर के बाहर ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था रही।
मेडिकल टीम, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को स्टैंडबाय रखा गया। पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और विश्राम स्थल की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
सुरक्षा इंतज़ाम
सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखा गया। प्रवेश द्वार पर चेकिंग के बाद ही उम्मीदवारों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम से पूरे परिसर की मॉनिटरिंग की गई।
आधिकारिक पंजीकरण की अपील
अधिकारियों ने युवाओं से अपील की कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही रजिस्ट्रेशन करें। किसी भी प्रकार की अफवाह या दलालों से सावधान रहने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है।
टनकपुर–बनबसा में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। डिजिटल सिस्टम के उपयोग से प्रक्रिया पारदर्शी रही। बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी दर्ज की गई। सेना अधिकारियों के अनुसार चयन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की गई।




