Rape
कांग्रेस अध्यक्ष माहरा ने जारी किए आंकड़े
प्रदेश में आपराधिक मामलों में हो रही बढ़ोतरी
आरबीआई के अनुसार 2022 में 872 महिलाओं के साथ हुआ दुराचार
Report by – Mohd Shahnazar
देहरादून। उत्तराखंड(Uttarakhand) कांग्रेस(Congress) के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर धामी सरकार(Dhami Government) पर जोरदार हमला बोला हैं, माहरा ने कहा की प्रदेश में रोजाना तीन बलात्कार के मामले दर्ज हो रहे हैं, 2022 में उत्तराखंड में 872 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ हैं।
माहरा ने शुक्रवार को राजीव भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में बढ़ रही अपराध की घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है। अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो गया है। उत्तराखण्ड राज्य में पिछले एक वर्ष में घटीत हुई अपराध की घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड में महिला अपराध, अन्य अपराधों का स्तर कहां पहुंच गया है।
माहरा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड(Ankita Bhandari Murder) पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार(State Government) के ढीले और लापरवाह रवैए की वजह से राष्ट्रीय मुद्दा बन गया। भाजपा नेता के रिसोर्ट पर आनन-फानन में बुलडोजर चलवाकर सारे साक्ष्य मिटा दिए गए। अंकिता केस के वीआईपी का नाम आज तक उजागर नहीं हो पाया है। इस हत्याकांड में एक नहीं सैकड़ों सवाल हैं जिनके जवाब अनुत्तरित हैं।

माहरा ने कहा कि ममता बहुगुणा जोशी पौड़ी के श्रीनगर से लापता है जिसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं कि ममता कहां है और आखिर इस केस की फाइल को दबा क्यों दिया गया।माहरा ने कहा कि पौडी के घुडदौड़ी इन्जीनियरिंग कॉलेज की छात्रा द्वारा विभागाध्यक्ष एवं प्रो. पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए आत्महत्या की, परन्तु कार्रवाई के नाम पर केवल उत्पीड़न करने वाले शिक्षकों के स्थानान्तरण कर दिये गये।
माहरा ने कहा कि केदार भंडारी 19 साल का युवा जो आंखों में सपने लेकर आया था अग्निवीर योजना के तहत भर्ती होने के लिए अचानक चोरी के इल्जाम में पुलिस पकड़ कर ले जाती है और केदार गायब हो जाता है। बाद मे उसके डूबने की मनगढ़ंत कहानी रची गई परन्तु लाश का आज तक कोई अता पता नहीं चला।माहरा ने कहा कि सल्ट के दलित युवक जगदीश की निर्मम हत्या देवभूमि को शर्मसार करने वाली घटना थी।
माहरा ने कहा कि हाल ही में हुई चमोली(Chamoli) में पिंकी हत्याकांड, हरिद्वार में भाजपा नेता द्वारा महिला से बलात्कार की घटना, हर्रावाला देहरादून में दलित युवती मनाली हत्याकांड, हाथीबडकला देहरादून में महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या, टिहरी में दलित युवक जितेन्द्र दास एवं लखनलाल हत्याकांड, रुड़की के ढंडेरी गांववासी दलित युवक की हत्या ये सभी घटनाएं राज्य में समाप्त हो चुकी कानून व्यवस्था के जीते जागते उदाहरण हैं।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन/प्रशासन मथुरादत्त जोशी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, जिला अध्यक्ष पुरोला दिनेश चौहान राष्ट्रीय संयोजक सोशल मीडिया अमरजीत सिंह प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।
जिले वर महिला अपराध के मामले
माहरा ने कहा कि उत्तराखंड में मातृशक्ति सुरक्षित नहीं हैं, एक आरटीआई के अनुसार 2022 में उत्तराखंड में 872 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ, प्रत्येक दिन उत्तराखण्ड राज्य के अन्दर 3 बलात्कार राज्य में दर्ज हो रहे हैं। माहरा ने बताया कि उधम सिंह नगर में बलात्कार की 247 हरिद्वार में 229 और देहरादून में 184 घटनाएं हुई हैं, सबसे कम अगर बलात्कार या छेड़छाड़ की घटनाएं कहीं घटित हुई हैं तो वह उत्तराखण्ड का पर्वतीय क्षेत्र रुद्रप्रयाग जिला है यहां सिर्फ एक मामला दर्ज किया गया है, वहीं नैनीताल में 103 मामले दर्ज हुए हैं, अल्मोड़ा में 16 मामले दर्ज किए गए हैं। माहरा ने बताया कि पिथौरागढ़ में 17 मामले दर्ज किए गए हैं, चम्पावत में 7 मामले दर्ज हैं, बागेश्वर में 10 मामले दर्ज हुए हैं, टिहरी गढ़वाल में 15, उत्तरकाशी में 13, चमोली में 9, पौड़ी गढ़वाल में 20 बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं।
जनप्रतिनिधियों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर हटाया जा रहा: माहरा
कांग्रेस पार्टी की जिला पंचायत चमोली की अध्यक्ष रजनी भण्डारी, जिला पंचायत अध्यक्ष उत्तरकाशी दीपक बिजल्वाण, नगर पालिका परिषद श्रीनगर की अध्यक्ष पूनम तिवारी, नगर पंचायत पुरोला के अध्यक्ष हरिमोहन नेगी, ब्लॉक प्रमुख खटीमा रणजीत सिंह नामधारी, नगर पंचायत पुरोला के अध्यक्ष हरिमोहन नेगी को अलोकतांत्रिक तरीके से झूठे आरोप लगाते हुए उनके पदों से हटाया गया। जिला पंचायत बागेश्वर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज किया गया, इसके विपरीत भाजपा नेताओं पर हत्या, बलात्कार, भ्रष्टाचार और तमाम भर्ती घोटालों में संलिप्ता उजागर होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।







