
इन हरी पत्तियों का सेवन करने आप कर सकते हैं डायबिटीज पर नियंत्रण?
वर्तमान समय में शुगर एक ऐसी बीमारी बन गई है जिसने हर घर में अपने पैर पसार लिए हैं। शायद ही ऐसा कोई घर बचा होगा जहां शुगर पेशेंट ना हो। शुगर एक ऐसी समस्या हो जो तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाती है। शुगर का स्तर एक बार बढ़ जाता है तो इसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है और शरीर में कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगता है। शुगर धीरे-धीरे शरीर को कमजोर होने लगता है और अंत में जान तक चली जाती है। इसलिए, शुगर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। अगर, आप डायबिटीज को प्राकृतिक तरीके से कंट्रोल करना चाहते हैं तो आज हम आपको एक ऐसी हरी पट्टी के बारे में बताने वाले हैं जिनका सेवन करने से आप शुगर पर कंट्रोल कर सकते हैं आईए जानते हैं कौन सी है वह हरी पत्तियां।
शुगर को कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक तरीकों से सावधानी बरतना भी बहुत जरूरी है। ऐसे में गुड़मार, जिसे आयुर्वेद में मधुनाशिनी या गुरमार कहा जाता है, एक झाड़ीदार लता है जो भारत, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है। आयुर्वेद में इसे कफ और वात दोष को शांत करने वाली, कड़वी और तीखी रस वाली औषधि माना गया है। इसके पत्ते, जड़ और बीज सभी औषधीय काम आते हैं। इसकी पत्तियां सिर्फ डायबिटीज़ के लिए ही नही बल्कि और भी बहुत सी बीमारियों के लिए फायदेमंद है।
सबसे ज्यादा गुड़मार डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए जानी जाती है। गुड़मार खून में शुगर को घटाता है, इंसुलिन स्राव बढ़ाता है और पाचन के दौरान कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कम करता है। यह टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह की डायबिटीज में मदद करता है। इसके अलावा, यह मीठा खाने की क्रेविंग भी कम करता है।
वेट लॉस करने में सहायक
वजन घटाने में भी यह काम आता है. यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, वसा जलाने में मदद करता है और भूख को नियंत्रित करता है। श्वसन संबंधी समस्याओं में जैसे अस्थमा या कफ, यह श्वास नली को साफ करता है और सांस लेने में आसानी लाता है। गुड़मार मूत्र उत्पादन बढ़ाकर गुर्दे की पथरी को घोलने और संक्रमण कम करने में भी मदद करता है।
हेल्दी हार्ट के लिए फायदेमंद
इसके अलावा, यह जिगर को मजबूत बनाता है, पीलिया में लाभकारी है, त्वचा पर सूजन, फोड़े या जलन कम करता है और घाव जल्दी भरने में सहायक है।हृदय के लिए भी फायदेमंद है, यह खराब कोलेस्ट्रॉल कम और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। कुछ लोग इसे सर्पदंश, उल्टी, नेत्र विकार, रक्तस्राव, बालों के लिए और बुखार में भी इस्तेमाल करते हैं।
कैसे करें इन पत्तियों का सेवन
घरेलू नुस्खों में आप गुड़मार के सूखे पत्तों का पाउडर (4-6 ग्राम) या ताजा पत्तियों का रस (25-30 मिली) सुबह खाली पेट ले सकते हैं। मीठा खाने की इच्छा कम करने के लिए ताजे पत्ते चबाना फायदेमंद है। सर्पदंश या त्वचा पर इसे सीधे लगाना भी उपयोगी है। गुड़मार को अन्य जड़ी बूटियां जैसे करेले, नीम, जामुन और मेथी के साथ भी मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। यह डायबिटीज और मोटापा दोनों में ही फायदेमंद होता है।




