
दूध में हल्दी मिलाकर पीने से शरीर को मिलते हैं अनेक फायदें?

दूध और हल्दी दोनों ही हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है। आयुर्वेद में भी दूध और हल्दी को बहुत महत्व दिया गया है। जब इन दोनों को एक साथ मिलाया जाता है तो यह गोल्डन मिल्क यानी हल्दी वाला दूध बन जाता है। सर्दियों में अगर रोजाना हल्दी वाला दूध का सेवन किया जाए तो इससे आपको कई तरह के फायदे हो सकते हैं। यह एक तरह से प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है।
हल्दी एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है। ऐसे में अगर आप इसे दूध में मिलाकर पीते हैं, तो यह शरीर के लिए किसी प्राकृतिक दवा से कम नहीं हो सकता। हल्दी वाला दूध, जिसे ‘गोल्डन मिल्क’ के नाम से भी जाना जाता है, न सिर्फ बीमारियों से बचाता है बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। यहां जानें हल्दी वाले दूध को अपने रूटीन में शामिल करने के क्या फायदे हैं?
हल्दी वाला दूध पीने से होने वाले फायदें?
इम्यूनिटी मजबूत होना
हल्दी में ‘करक्यूमिन नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। रोज रात को हल्दी दूध पीने से इम्यूनिटी को मजबूत किया जा सकता है और मौसमी बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।
स्किन के लिए फायदेमंद
हल्दी वाले दूध में मौजूद करक्यूमिन, प्रोपियोनिबैक्टीरियम एक्नेस बैक्टीरिया को नष्ट करके मुँहासों से लड़ता है। इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, मुक्त कणों को निष्क्रिय करके आपकी त्वचा को क्षति और बढ़ती उम्र से बचाते हैं। नियमित उपयोग से आपको हल्के काले धब्बे दिखाई देंगे क्योंकि यह मेलेनिन के उत्पादन को रोकता है। यह पेय अपने सूजन-रोधी प्रभावों से एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा की समस्याओं को खत्म करता है।
एंटीऑक्सीडेंट से होता है भरपूर
हल्दी वाला दूध एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार है। यह शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद करता है। उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करता है।
बेहतर नींद के लिए फायदेमंद
अगर आप नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं तो हल्दी वाला दूध इसका समाधान हो सकता है। इस गर्म पेय में शांतिदायक गुण होते हैं जो मन को शांत करते हैं। इसमें एक चुटकी जायफल मिलाने से इसका शामक प्रभाव बढ़ सकता है। जिससे गहरी नींद आती है।
सर्दी-जुकाम से राहत
सर्दियों में व्यक्ति को सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम परेशान करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह वायरस ठंडे, शुष्क मौसम में ज्यादा फैलते हैं। लेकिन हल्दी में मौजूद करक्यूमिन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर सर्दी-जुकाम, फ्लू और मौसमी संक्रमण से बचाव में बहुत मददगार है।।
हड्डियां मजबूत होना
दूध का कैल्शियम और हल्दी के एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाने, ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी कमजोर होना) के खतरे को कम करने और जोड़ों के दर्द व सूजन से राहत दिलाने में बेहद फायदेमंद होते हैं।







