
US President signs proclamation expanding travel restrictions, Shah Times
अमेरिकी आदेश से 30 से अधिक देशों पर पूर्ण या आंशिक रोक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई घोषणा पर हस्ताक्षर कर सात और देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है। अब कुल 30 से अधिक देशों पर पूर्ण या आंशिक रोक लागू है।
📍Washington DC, ✍️ Asif Khan
नई घोषणा पर हस्ताक्षर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक नई प्रेसिडेंशियल प्रोक्लेमेशन पर साइन किए, जिसके तहत सात और देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस फैसले के साथ ही ट्रंप प्रशासन द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से प्रतिबंधित देशों की संख्या 30 से अधिक हो गई है। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह कदम नेशनल सिक्योरिटी, अपर्याप्त स्क्रीनिंग सिस्टम और बढ़ते वीजा ओवरस्टे मामलों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
किन देशों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
नए आदेश के तहत बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को उन देशों की सूची में जोड़ा गया है, जिनके नागरिकों का अमेरिका में प्रवेश पूरी तरह निलंबित रहेगा। यह विस्तारित प्रतिबंध एक जनवरी से प्रभावी होगा। इसके अलावा फिलिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी ट्रैवल डॉक्यूमेंट रखने वाले व्यक्तियों पर भी पूर्ण रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष और उग्रवादी समूहों की मौजूदगी के कारण इन यात्रियों की भरोसेमंद जांच संभव नहीं है।
पहले से प्रतिबंधित देश
आदेश के अनुसार पहले से प्रतिबंधित 12 देशों पर पूर्ण प्रवेश रोक जारी रहेगी। इन देशों में अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो रिपब्लिक, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं। व्हाइट हाउस फैक्ट शीट में कहा गया है कि इन देशों से संबंधित जोखिम पहले से ही आकलित किए जा चुके हैं।
आंशिक प्रतिबंध वाले देश
नए आदेश में 15 देशों पर आंशिक प्रवेश प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इनमें अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोटे डी आइवर, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं। इसके अलावा बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला के नागरिकों के लिए पहले से लागू आंशिक प्रतिबंध जारी रहेंगे। इन देशों के लिए कुछ वीजा कैटेगरी पर सीमाएं रखी गई हैं।
लाओस और सिएरा लियोन पर सख्ती
प्रशासन ने बताया कि लाओस और सिएरा लियोन पर पहले आंशिक प्रतिबंध लागू थे, लेकिन नए आदेश में इन्हें पूर्ण प्रतिबंध की श्रेणी में डाल दिया गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार इन देशों से वीजा ओवरस्टे और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से जुड़े मामलों में लगातार चिंताएं सामने आई थीं।
तुर्कमेनिस्तान को राहत
इस आदेश में तुर्कमेनिस्तान एकमात्र ऐसा देश है जिसे कुछ राहत दी गई है। नई घोषणा के तहत तुर्कमेनिस्तान के नागरिकों के लिए नॉन इमिग्रेंट वीजा पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि हालिया समीक्षा के बाद वहां की स्क्रीनिंग व्यवस्था में सुधार पाया गया।
कार्रवाई का कारण
ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले को हालिया सुरक्षा घटनाओं से जोड़ा है। 26 नवंबर को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को गोली मारे जाने की घटना के बाद आव्रजन नीतियों की समीक्षा तेज की गई थी। इस मामले का संदिग्ध एक अफगान नागरिक बताया गया, जो 2021 में अमेरिका लौटा था और इसी साल उसे शरण दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि इस घटना ने सख्त इमिग्रेशन कंट्रोल की जरूरत को रेखांकित किया।
व्हाइट हाउस का बचाव
व्हाइट हाउस ने आदेश का बचाव करते हुए कहा कि जिन देशों से आने वाले यात्रियों की पर्याप्त स्क्रीनिंग संभव नहीं है, वहां से प्रवेश सीमित करना जरूरी है। बयान में व्यापक करप्शन, अविश्वसनीय डॉक्यूमेंट और लॉ एनफोर्समेंट डेटा शेयरिंग की कमी को मुख्य कारण बताया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ देशों में सक्रिय आतंकवादी खतरे और कुछ में बी-वन, बी-टू और स्टूडेंट वीजा ओवरस्टे के मामले सामने आए हैं।
किन पर लागू नहीं होगा प्रतिबंध
नई घोषणा में कुछ श्रेणियों को छूट दी गई है। वैध परमानेंट रेजिडेंट, मौजूदा वीजा होल्डर, डिप्लोमैट्स, एथलीट्स और वे लोग जिनका प्रवेश अमेरिकी नेशनल इंटरेस्ट में आता है, इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। इसके अलावा मानवीय आधार पर केस-बाय-केस वेवर्स का प्रावधान भी रखा गया है।
परिवार आधारित वीजा पर असर
आदेश के तहत फैमिली-बेस्ड इमिग्रेशन वीजा के दायरे को सीमित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस कैटेगरी में फ्रॉड का जोखिम अधिक पाया गया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि सभी फैसले मौजूदा कानून और सुरक्षा आकलन के अनुसार लिए गए हैं।






