
Election Commission releases UP draft voter list after SIR process – Shah Times
उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट लिस्ट जारी, मतदाताओं की संख्या घटी दावा-आपत्ति शुरू
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है. इस सूची में 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं. दावा और आपत्ति की प्रक्रिया 6 जनवरी से शुरू हो गई है.
📍Lucknow ✍️ Asif Khan
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. यह सूची 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक साथ चल रही प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है. आयोग के अनुसार, एसआईआर की शुरुआत 27 अक्टूबर से हुई थी और इसके तहत घर-घर सत्यापन, रिकॉर्ड मिलान और प्रपत्रों की जांच की गई.
यूपी में ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन पहले तय समय पर नहीं हो सका था. तीन बार तारीख आगे बढ़ने के बाद अब इसे सार्वजनिक किया गया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई हैं, ताकि वे भी सूची की जांच कर सकें.
मतदाताओं की संख्या में बदलाव
ड्राफ्ट सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. एसआईआर से पहले राज्य में करीब 15 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे. अब ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 12 करोड़ रह गई है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुल मतदाताओं में से 12.55 करोड़ लोगों ने खुद या परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से गणना प्रपत्र जमा किए. यह कुल पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 81.30 प्रतिशत है. शेष लगभग 18 प्रतिशत मतदाताओं की ओर से प्रपत्र जमा नहीं किए गए.
नाम हटाने के कारण
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट सूची से नाम हटाने के पीछे अलग-अलग कारण रहे. सत्यापन के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. आयोग द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार—
46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का 2.99 प्रतिशत है.
2.17 करोड़ मतदाता अनुपस्थित मिले या अपने पते से स्थानांतरित पाए गए, जिनका प्रतिशत 14.06 है.
25.47 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए, जो 1.65 प्रतिशत है.
इन सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं. आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया रिकॉर्ड को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से की गई है.
राजनीतिक दलों को सूची उपलब्ध
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को सौंप दी गई है. दलों को यह अवसर दिया गया है कि वे अपने स्तर पर सूची की जांच करें और यदि किसी क्षेत्र में कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे आयोग के संज्ञान में लाएं.
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है. सभी दलों और मतदाताओं को समान अवसर दिया जा रहा है ताकि सही मतदाता सूची तैयार की जा सके.
नए पोलिंग स्टेशन और सीमा तय
एसआईआर प्रक्रिया के साथ ही पोलिंग स्टेशनों की संख्या और सीमा में भी बदलाव किया गया है. चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार अब एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1200 मतदाता ही पंजीकृत होंगे. इससे पहले यह सीमा करीब 1500 थी.
इस नए मानक को लागू करने के लिए राज्य में कई नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, नए केंद्र स्थापित करने, भवन चिन्हित करने और संसाधन जुटाने में अतिरिक्त समय लगा. इसी वजह से ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन में देरी हुई.
Uttar Pradesh New Voter List Download: उत्तर प्रदेश की नई वोटर लिस्ट डाउनलोड कैसे करें
इलेक्शन कमीशन की तरफ से जो उत्तर प्रदेश की नई वोटर लिस्ट जारी की गई है, वह ड्राफ्ट लिस्ट है। अगर आप अपने नाम वाली या अपने क्षेत्र की वोटर लिस्ट डाउनलोड करना चाहते हैं, तो इसका तरीका बहुत आसान है। सबसे पहले आप https://voters.eci.gov.in/ वेबसाइट पर जाएं और यहां Download Electoral Roll पर क्लिक करें। इसके बाद आपको राज्य, जिला, अपनी विधानसभा, भाषा, कैप्चा कोड और भाग संख्या चुननी होगी। भाग संख्या वह चुनें, जिसमें आपका वोट है। सबकुछ भरने के बाद Download Selected PDFs पर क्लिक करने से वोटर लिस्ट डाउनलोड हो जाएगी.
दावा और आपत्ति की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ ही दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. यह अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है.
जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है, वे इस अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं. आयोग के अनुसार, सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक कर लिया जाएगा.
अंतिम सूची की तारीख
दावा और आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. चुनाव आयोग ने बताया कि अंतिम वोटर लिस्ट 6 मार्च 2026 को जारी की जाएगी.
अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद ही आगामी चुनावों में उसी सूची का उपयोग किया जाएगा. आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है.
नए मतदाताओं के लिए अपील
चुनाव आयोग ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी नए मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में जरूर जांचें. जिनका नाम सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं.
इसके अलावा, जिन मतदाताओं के नाम या पते में किसी प्रकार की त्रुटि है, उनके लिए फॉर्म-8 भरने की सुविधा उपलब्ध है. आयोग ने कहा कि समय रहते आवेदन करने से अंतिम सूची में नाम शामिल किया जा सकता है.
पारदर्शिता और सत्यापन पर जोर
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान घर-घर सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड मिलान और फील्ड स्तर पर जांच की गई. आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाना है.
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया नियमित अंतराल पर की जाती है ताकि मृत, स्थानांतरित या दोहरे पंजीकरण वाले नामों को हटाया जा सके. इससे चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचाव होता है.
आगे की प्रक्रिया
अब आयोग का फोकस दावा और आपत्ति के निस्तारण पर है. जिला स्तर पर निर्वाचन अधिकारी और बूथ लेवल अधिकारी आवेदन की जांच करेंगे. आवश्यक होने पर फील्ड सत्यापन भी किया जाएगा.
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी वैध दावों को स्वीकार किया जाएगा और किसी भी पात्र मतदाता का नाम अंतिम सूची से बाहर नहीं रहेगा.




