
फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास देर रात बुलडोजर कार्रवाई
हाईकोर्ट निर्देश पर तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाया गया
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में देर रात अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पथराव हुआ, जिससे कुछ समय के लिए तनाव पैदा हुआ।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर सामान्य हालात बहाल किए।
📍Delhi ✍️ Asif Khan
राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास देर रात अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई 7 जनवरी की मध्यरात्रि के बाद शुरू हुई, जिसमें दिल्ली नगर निगम की टीम और पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार, यह कदम न्यायालय के निर्देशों के तहत उठाया गया।
बुलडोजरों की तैनाती
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के लिए कई भारी मशीनें मौके पर लाई गईं। करीब दस से अधिक बुलडोजर और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। टीम ने चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमित ढांचों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
पथराव की घटना
कार्रवाई के बीच मस्जिद के बाहर मौजूद कुछ लोगों द्वारा अचानक पथराव किया गया। पुलिस के अनुसार, इस घटना से कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मौके पर तैनात बल ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए। पथराव के दौरान पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पथराव की घटना के बाद सीमित बल का प्रयोग किया गया। आंसू गैस के कुछ गोले दागे गए, जिससे भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। पुलिस का कहना है कि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई और किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचाव हुआ।
हाईकोर्ट के निर्देश
प्रशासन के मुताबिक, यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई। सर्वेक्षण में यह पाया गया था कि रामलीला मैदान क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में कई संरचनाएं अवैध रूप से बनाई गई थीं। इन्हें हटाने के लिए नगर निगम को निर्देश दिए गए थे।
क्या-क्या हटाया गया
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बने एक बैंक्वेट हॉल, एक क्लीनिक और एक डिस्पेंसरी को हटाया गया। इन संरचनाओं को नगर निगम द्वारा अवैध घोषित किया गया था। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से उठाया गया।
रात में कार्रवाई का कारण
पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसलिए कार्रवाई रात के समय की गई। दिन में यातायात और जनसंचार पर अधिक असर पड़ने की आशंका थी। इसी वजह से आधी रात के बाद अभियान चलाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस सुरक्षा घेरे में रखा गया। अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल मौजूद रहा।
ट्रैफिक पर असर
दिल्ली यातायात पुलिस ने कार्रवाई को देखते हुए पहले से ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी। जेएलएन मार्ग, अजमेरी गेट, मिंटो रोड और दिल्ली गेट के आसपास यातायात प्रभावित रहने की संभावना जताई गई थी। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई।
धारा 144 लागू
पुलिस ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू की। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम एहतियातन उठाया गया, ताकि किसी भी तरह की भीड़ या अव्यवस्था को रोका जा सके।
अधिकारियों के बयान
सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई। उन्होंने कहा कि कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन सीमित बल प्रयोग से स्थिति को संभाल लिया गया।
नगर निगम का पक्ष
दिल्ली नगर निगम के डीसी विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के आदेश के अनुसार की गई। उन्होंने बताया कि नगर निगम के किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई और पुलिस ने प्रभावी तरीके से सुरक्षा सुनिश्चित की।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पथराव करने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुबह तक चला अभियान
बुलडोजर कार्रवाई देर रात शुरू होकर सुबह तक चली। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश अवैध ढांचे हटा दिए गए हैं और जो शेष हैं, उन्हें जल्द हटाया जाएगा। अभियान के बाद इलाके में स्थिति सामान्य बताई गई।
स्थानीय हालात
कार्रवाई के बाद इलाके में शांति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।





