
Shah Times visual representing Trump discussing Modi conversation
हाउस जीओपी रिट्रीट में डोनाल्ड ट्रंप ने नरेन्द्र मोदी से बातचीत का ज़िक्र किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई निजी बातचीत का उल्लेख किया। बातचीत में अपाचे हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी और व्यापार टैरिफ जैसे मुद्दे शामिल बताए गए।
📍 Washington ✍️ Asif Khan
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक निजी बातचीत को सार्वजनिक किया है। यह टिप्पणी उन्होंने हाउस जीओपी मेंबर रिट्रीट के दौरान की। ट्रंप ने कहा कि भारत की रक्षा खरीद और व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे सीधे संपर्क किया था। इस बातचीत में अपाचे हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी और टैरिफ से जुड़े विषय शामिल बताए गए।
ट्रंप ने मंच से कहा कि भारत ने अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था, लेकिन डिलीवरी में लंबा समय लगा। उनके अनुसार, इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने आए थे। ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘सर’ कहकर संबोधित किया।
हाउस जीओपी रिट्रीट में ट्रंप के बयान
हाउस जीओपी मेंबर रिट्रीट, जिसे रिपब्लिकन पार्टी के आंतरिक कार्यक्रम के रूप में देखा जाता है, वहां ट्रंप ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसी क्रम में उन्होंने भारत का ज़िक्र किया। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और दोनों नेताओं के बीच संवाद बना रहता है।
उन्होंने मंच से यह भी कहा कि अपाचे हेलीकॉप्टरों के मामले में भारत लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था। ट्रंप के अनुसार, इस देरी को लेकर बातचीत हुई और अब इस दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि भारत ने कुल 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था, हालांकि उन्होंने इस पर कोई अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किया।
अपाचे हेलीकॉप्टर सौदे का संदर्भ
अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिका की बोइंग कंपनी द्वारा बनाए जाते हैं और इन्हें अटैक हेलीकॉप्टर की श्रेणी में रखा जाता है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग के तहत अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद के समझौते पहले से मौजूद रहे हैं। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भारत को इन हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी में पांच साल तक इंतज़ार करना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति को बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन या भारतीय पक्ष की ओर से इस विषय पर कोई नई आधिकारिक समय-सीमा या विवरण उसी कार्यक्रम में साझा नहीं किया गया।
टैरिफ को लेकर ट्रंप का दावा
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने टैरिफ का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी टैरिफ के मुद्दे पर उनसे खुश नहीं हैं। ट्रंप के अनुसार, भारत को अब अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है और इसी वजह से असंतोष की बात कही गई।
ट्रंप ने यह भी कहा कि टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लाभ हो रहा है। उनके अनुसार, टैरिफ की वजह से अमेरिका में बड़े स्तर पर निवेश आने की संभावना है। ट्रंप ने मंच से कहा कि सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश या तो आ रहा है या जल्द आने वाला है। यह बयान उन्होंने अमेरिकी आर्थिक नीतियों के संदर्भ में दिया।
रूस से तेल खरीद पर टिप्पणी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में भारत द्वारा रूस से तेल खरीद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल की खरीद में काफी हद तक कटौती की है। ट्रंप के अनुसार, यह कदम अमेरिकी रणनीति के अनुरूप बताया गया, जिसमें देशों पर रूस के साथ ऊर्जा व्यापार कम करने का दबाव बनाया जा रहा है।
हालांकि, इस विषय पर भारतीय सरकार की ओर से उसी समय कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऊर्जा व्यापार और प्रतिबंधों को लेकर विभिन्न देशों की नीतियां समय-समय पर चर्चा का विषय रही हैं।
पहले दिए गए बयानों का संदर्भ
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी का सार्वजनिक रूप से ज़िक्र किया हो। इससे पहले भी उन्होंने मीडिया से बातचीत में भारत पर टैरिफ बढ़ाने के विकल्प की बात कही थी। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि यदि कुछ मुद्दों पर सहयोग नहीं मिलता है, तो टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं।
उसी बातचीत में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नरम रुख भी दिखाया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी एक अच्छे इंसान हैं और व्यापार को समझते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा था कि व्यापारिक मामलों में तेज़ी से फैसले लिए जा सकते हैं।
ट्रंप की बयान शैली और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक शैली में निजी बातचीत का सार्वजनिक मंचों पर उल्लेख पहले भी देखा गया है। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हुई बातचीत के अंश साझा किए हैं। इस बार उनका ज़िक्र भारत के प्रधानमंत्री से जुड़ा रहा।
हाउस जीओपी रिट्रीट के दौरान ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भी हल्के अंदाज़ में उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आम तौर पर लोग उन्हें ‘मिस्टर प्रेसिडेंट’ कहते हैं, जबकि एक बार मैक्रों ने उन्हें केवल ‘डोनाल्ड’ कहकर संबोधित किया था। यह टिप्पणी उन्होंने कार्यक्रम के दौरान की।
भारत–अमेरिका संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, रक्षा और व्यापारिक संबंध लंबे समय से चले आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा समझौते, सैन्य अभ्यास और हथियारों की खरीद से जुड़े करार होते रहे हैं। अपाचे हेलीकॉप्टर सौदा भी इसी व्यापक रक्षा सहयोग का हिस्सा माना जाता है।
व्यापार के मोर्चे पर दोनों देशों के बीच टैरिफ और बाज़ार पहुंच जैसे मुद्दों पर समय-समय पर बातचीत होती रही है। ट्रंप के बयानों में इन विषयों का ज़िक्र इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
आधिकारिक प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार
ट्रंप के इन बयानों के बाद भारतीय पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई। आम तौर पर ऐसे मामलों में विदेश मंत्रालय या संबंधित विभाग स्थिति स्पष्ट करता है। अपाचे हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी, टैरिफ और ऊर्जा व्यापार जैसे मुद्दों पर भविष्य में औपचारिक बयान आने की संभावना रहती है।
अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी इन दावों पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई। ट्रंप के बयान मुख्य रूप से उनके भाषण और मीडिया इंटरैक्शन पर आधारित रहे।
आगे की कूटनीतिक गतिविधियां
भारत और अमेरिका के बीच आने वाले समय में उच्चस्तरीय बैठकों और संवाद की संभावना बनी रहती है। रक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे मुद्दे द्विपक्षीय एजेंडा का हिस्सा रहते हैं। ट्रंप के ताज़ा बयान इन विषयों को फिर से चर्चा के केंद्र में ले आए हैं।
फिलहाल, ट्रंप के सार्वजनिक दावों के बाद दोनों देशों की आधिकारिक प्रक्रियाओं और कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से आगे की जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है।






