
Shah Times: Enforcement Directorate officials during searches at locations linked to I-PAC in Kolkata.
कोलकाता में ED की कार्रवाई, ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
ED छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी की एंट्री, बढ़ा सियासी विवाद
कोलकाता में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की तलाशी के बाद बयान सामने आया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों पर ED ने कार्रवाई को केस-संबंधित और कानूनी बताया।
📍 Kolkata ✍️ Asif Khan
कोलकाता में गुरुवार को इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी ( I-PAC) से जुड़े कुछ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की तलाशी के बाद राजनीतिक हलचल तेज़ हुई। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के तहत की गई और इसका उद्देश्य कथित अवैध कोयला तस्करी से जुड़े धन प्रवाह, कैश जनरेशन, हवाला ट्रांसफर और मनी रूट की पड़ताल करना है। ED ने बताया कि पश्चिम बंगाल में छह और दिल्ली में चार स्थानों पर तलाशी ली जा रही है, जो इसी केस से जुड़े बताए गए हैं।
ED का आधिकारिक बयान
प्रवर्तन निदेशालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि तलाशी किसी भी राजनीतिक पार्टी को टारगेट करने के लिए नहीं है। एजेंसी के अनुसार, जिन स्थानों पर तलाशी हुई, वे केस से संबंधित लोकेशन हैं। ED ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक पार्टी के कार्यालय में तलाशी नहीं ली गई है और इस कार्रवाई का किसी चुनाव से कोई संबंध नहीं है। एजेंसी ने कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित और जारी कार्रवाई का हिस्सा है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर की जाती रहती है।
तलाशी के दौरान स्थिति
ED के मुताबिक, तलाशी की प्रक्रिया पेशेवर और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही थी। एजेंसी ने कहा कि बाद में बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद स्थिति में बदलाव आया। बयान में कहा गया कि दो स्थानों से फिज़िकल दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटाए गए, जिनकी जांच जारी है। एजेंसी ने यह भी बताया कि पूरा ऑपरेशन कानूनी प्रावधानों के तहत किया गया।
मुख्यमंत्री के आरोप और प्रतिक्रिया
तलाशी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने ED पर पार्टी से जुड़े दस्तावेज़ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एजेंसी उनके पार्टी कार्यालय से संबंधित हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज़ और संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचीं और दस्तावेज़ों को वापस लिया।
स्थान और व्यक्ति
ED की टीम ने सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के सीनियर अधिकारी प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के कार्यालय में तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, ये दोनों स्थान जांच से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतीक जैन को अपनी पार्टी का आईटी चीफ बताते हुए कहा कि उनके ठिकानों पर हुई कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
एजेंसी का स्पष्टीकरण
ED ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के दफ्तर में तलाशी नहीं ली गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि तलाशी का उद्देश्य केवल केस से जुड़े सबूतों को सुरक्षित करना और जांच को आगे बढ़ाना है। बयान में कहा गया कि कार्रवाई का आधार उपलब्ध साक्ष्य हैं और इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंजाम दिया जा रहा है।
कोयला तस्करी केस का संदर्भ
एजेंसी के मुताबिक, यह जांच कथित कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी है, जिसका संचालन अनूप माजी के नेतृत्व में बताया गया है। ED का कहना है कि यह सिंडिकेट पश्चिम बंगाल में ईसीएल के लीज़ वाले इलाकों से कोयले की चोरी और अवैध खनन में शामिल रहा है। जांच में कैश फ्लो, हवाला नेटवर्क और धन के उपयोग की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
तलाशी और डिजिटल साक्ष्य
ED ने बताया कि तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फाइनेंशियल काग़ज़ात और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एजेंसी ने कहा कि फॉरेंसिक प्रक्रियाओं के तहत डिजिटल डेटा की समीक्षा की जाती है, ताकि मनी ट्रेल और लेन-देन की पुष्टि हो सके। एजेंसी के अनुसार, यह प्रक्रिया कानून के दायरे में होती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य पार्टी की रणनीति और डेटा हासिल करना है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वे जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन समय को लेकर सवाल उठाए। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो जांच में सहयोग किया जाना चाहिए। बीजेपी नेताओं ने इसे कानून के तहत कार्रवाई बताया।
बीजेपी का पक्ष
बीजेपी के नेताओं ने सार्वजनिक बयान में कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का जांच स्थल पर पहुंचना और दस्तावेज़ों को लेकर विवाद पैदा होना गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए और कानून सब पर समान रूप से लागू होता है।
कानून और प्रक्रिया
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ED को तलाशी और जब्ती के अधिकार होते हैं, बशर्ते वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। एजेंसी का कहना है कि इस मामले में भी वही प्रक्रिया अपनाई गई। ED ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रशासनिक समन्वय
ED के बयान में कहा गया कि जांच के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस से समन्वय किया जाता है। एजेंसी ने यह भी कहा कि किसी भी तरह की बाधा जांच को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
आगे की स्थिति
तलाशी के बाद ED ने कहा कि जांच से जुड़े तथ्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है और आवश्यक होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने दोहराया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित आर्थिक अपराधों की जांच के लिए है।
आगामी घटनाक्रम
तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को एक रैली करेंगी। पार्टी ने कहा कि रैली के माध्यम से वह अपनी बात जनता के सामने रखेगी। वहीं, ED ने कहा कि जांच अपने निर्धारित रास्ते पर जारी रहेगी और किसी भी तरह के राजनीतिक बयान से प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
निष्कर्षात्मक स्थिति
मामले में ED और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एजेंसी ने अपने बयान में कार्रवाई को कानून-सम्मत और साक्ष्य-आधारित बताया है। जांच के नतीजों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।




