
कुछ लोगों के लिए चमत्कार से कम नहीं है वन तुलसी का सेवन करना?

सर्दी-खांसी, अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आज आम होती जा रही हैं। बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर होती रोग-प्रतिरोधक क्षमता ने श्वसन रोगों को गंभीर चुनौती बना दिया है। ऐसे समय में आयुर्वेद की एक पुरानी औषधि वन तुलसी का काढ़ा कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
तुलसी को भारतीय संस्कृति में पवित्र पौधा माना जाता है, जो न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी एक खजाना है। घर के आंगन या बाग-बगीचों में लगी तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। तुलसी के एक किस्म का नाम वन तुलसी है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।वन तुलसी, जिसे जंगली तुलसी भी कहते हैं, हिमालयी क्षेत्र में पाई जाती है और अपने विशेष औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है।
तुलसी का कैसे करें सेवन।
वन तुलसी का काढ़ा या चाय पीने से सर्दी-खांसी और सांस की दिक्कत दूर हो सकती हैं। वैज्ञानिक अध्ययन भी तुलसी लाभों की पुष्टि करते हैं।
सामग्री
पानी
वन तुलसी के पत्ते
अदरक का रस
शहद
काढ़ा बनानें कि विधि
इस काढ़े को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी को गरम करें। इसमें वन तुलसी के पत्ते और अदरक का रस मिलाएं। कुछ मिनट तक उबालें। गैस बंद करें और इसे कुछ मिनट तक ढककर रखें। इसे छान लें और गरमा गरम पिएं।अगर आप चाहते हैं कि काढ़ा मीठा हो, तो इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें।
तुलसी के सेवन के फायदे।
खासकर वन तुलसी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती है। औषधीय गुणों से भरपूर वन तुलसी को आयुर्वेद में खासा स्थान प्राप्त है और इसका उपयोग टॉनिक के रूप में किया जाता है, जो शरीर की एनर्जी और जीवन शक्ति बढ़ाने में कारगर है।
मच्छर भगाने में सहायक
वन तुलसी की सुगंध भी तेज होती है, जो प्राकृतिक रूप से मच्छर भगाने का भी काम करती है और हवा को शुद्ध रखती है। वन तुलसी के सेवन से कई फायदे मिलते हैं।
श्वसन तंत्र मजबूत होना
यह श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है, बलगम निकालने में मदद करती है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी जैसी सांस की समस्याओं में राहत देती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
तनाव कम होना
तनाव कम कर मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में कारगर है। यह दिल को स्वस्थ रखने और सूजन कम करने में सहायक है।
थकान दूर होना
आयुर्वेदिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल करने से थकान दूर होती है और एनर्जी मिलती है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।







