
बाजरे की रोटी के साथ साथ हलवा भी होता है सेहत के लिए फायदेमंद?

बदलते लाइफस्टाइल और लगातार बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोग फिर से देसी और मोटे अनाज की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं अनाजों में एक है बाजरा, जो पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ स्वाद में भी लाजवाब है। आपने अब तक बजे की सिर्फ रोटियां खाई होगी। चलिए आज हम आपको बाजरे के हलवे के बारे में बताते हैं।सर्दियों में खास तौर पर बनाया जाने वाला बाजरे का हलवा न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है।
बाजरे का हलवा कैसे बनाया जाता है।
हलवा बनाने की सामग्री
• बाजरे का आटा – 1 कप
• देसी घी – ½ कप
• गुड़ या चीनी – ¾ कप (स्वादानुसार)
• पानी या दूध – 2½ कप
• इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
• सूखे मेवे (काजू, बादाम) – इच्छानुसार
हलवा बनाने की विधि
कढ़ाही में घी गरम करें और उसमें बाजरे का आटा डालें। धीमी आंच पर आटे को लगातार चलाते हुए भूनें, जब तक खुशबू न आने लगे और रंग हल्का भूरा हो जाए।
अब धीरे-धीरे गरम पानी या दूध डालें और गांठ न बनने दें। मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें गुड़/चीनी और इलायची पाउडर डालें। अच्छी तरह पकने पर ऊपर से सूखे मेवे डालकर गरम-गरम परोसें।
बाजरे का हलवा खाने के फायदे।
ऊर्जा का अच्छा स्रोत
बाजरा जटिल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है।
पाचन के लिए फायदेमंद
इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर विकल्प
बाजरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता।
मजबूत हड्डियां बनाने में सहायक
इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के लिए जरूरी हैं।
दिल की सेहत के लिए उपयोगी
बाजरा खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग का खतरा घटता है।
निष्कर्ष
बाजरे का हलवा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि हमारी परंपरा और स्वास्थ्य का प्रतीक है। सर्दियों में इसे अपनाकर आप देसी स्वाद के साथ सेहत का भी लाभ उठा सकते हैं।







