लेट नाइट खाना खाने से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है, आइए जानते हैं?

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में देर रात तक काम करना, मोबाइल-स्क्रीन पर समय बिताना और अनियमित दिनचर्या आम होती जा रही है। ऐसे में रात को देर से खाना भी बहुतों की आदत बन चुका है। लेकिन क्या यह आदत हमारी सेहत के लिए ठीक है? चिकित्सकीय और पोषण संबंधी अध्ययनों के संकेत बताते हैं कि देर रात भोजन करने के कई नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं।
पाचन संबंधी समस्याएं होना
रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है। देर से भारी भोजन करने पर पाचन तंत्र को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसका नतीजा अपच, गैस, एसिडिटी और सीने में जलन के रूप में सामने आ सकता है। कई लोगों में यह आदत लंबे समय तक बनी रहे तो गैस्ट्रिक समस्याएँ स्थायी भी हो सकती हैं।
वजन बढ़ना
देर रात खाया गया भोजन ऊर्जा के रूप में खर्च होने के बजाय शरीर में वसा के रूप में जमा होने लगता है। खासकर अगर भोजन तला-भुना या अधिक कैलोरी वाला हो। शोध बताते हैं कि देर से खाने वालों में मोटापा और कमर के आसपास चर्बी बढ़ने की आशंका अधिक होती है।
नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ना
भरा हुआ पेट लेकर सोने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। देर रात भोजन करने के बाद तुरंत लेट जाने से एसिड रिफ्लक्स और बेचैनी बढ़ सकती है, जिससे नींद टूटती है। पर्याप्त और गहरी नींद न मिलने का सीधा असर अगले दिन की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
शुगर और हार्ट हेल्थ के लिए नुकसानदायक
कुछ अध्ययनों के अनुसार देर रात भोजन करने से ब्लड शुगर नियंत्रण बिगड़ सकता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, अनियमित भोजन समय और खराब पाचन हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ना
अनियमित खान-पान की आदतें तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती हैं। देर रात खाने के बाद अपराधबोध या असहजता महसूस होना भी आम है, जो मानसिक शांति को प्रभावित करता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात का भोजन सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले कर लेना चाहिए। भोजन हल्का, संतुलित और आसानी से पचने वाला हो—जैसे दाल, सब्ज़ियाँ, सलाद और कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट। अगर देर तक जागना ज़रूरी हो, तो भारी भोजन की जगह हल्का नाश्ता बेहतर विकल्प हो सकता है।
निष्कर्ष
रात को देर से खाना सुविधा भले लगे, लेकिन लंबे समय में यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए समय पर भोजन, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाना ज़रूरी है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।







