
मुजफ्फरनगर के खालापार में सीसी सड़क निरीक्षण, ठेकेदार पर कार्रवाई
15वें वित्त आयोग की सड़क में दरार, डीएम सख्त
खालापार सीसी सड़क में खामी, ब्लैकलिस्ट प्रक्रिया शुरू
मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग से बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।मुजफ्फरनगर
खालापार क्षेत्र में बनी 247 मीटर सीसी सड़क में निर्माण के छह माह के भीतर दरारें पाई गईं।
जिलाधिकारी ने मौके पर निरीक्षण कर भुगतान रोकने और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।
📍 Muzaffarnagar ✍️ Asif Khan
नगरपालिका परिषद, मुजफ्फरनगर के वार्ड संख्या 55 और 27 के खालापार इलाके में मंगलवार को प्रशासनिक हलचल देखी गई। फक्कर शाह चौक से ए०के० सैनेट्री स्टोर तक बनी 247 मीटर लंबी सीसी सड़क का जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। यह सड़क 15वें वित्त आयोग की योजना के अंतर्गत बनाई गई थी।
छह माह में उखड़ती सड़क
मौके पर जांच के दौरान यह सामने आया कि सड़क का निर्माण लगभग छह माह पहले कराया गया था, लेकिन इसके बीच हिस्से में दरारें आ गईं। इन दरारों को दूर करने के लिए संबंधित ठेकेदार की ओर से सीसी सड़क पर तारकोल भरकर मरम्मत कराई गई थी। अधिकारियों के अनुसार यह तरीका मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
घटिया मरम्मत पर आपत्ति
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने सड़क की सतह, किनारों और दरारों को बारीकी से देखा। पाया गया कि तारकोल से भरी गई जगहों पर सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने इसे निर्माण की लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता बताया।
ठेकेदार को मौके पर फटकार
सड़क की स्थिति देखने के बाद जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन से बने कार्यों में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती से नजर रखी जाए।
भुगतान रोकने के निर्देश
निरीक्षण के तुरंत बाद अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद, मुजफ्फरनगर को आदेश दिए गए कि संबंधित ठेकेदार का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोका जाए। जब तक पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार का भुगतान न किया जाए।
ब्लैकलिस्ट की प्रक्रिया
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित फर्म और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, नियमानुसार नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद, मुजफ्फरनगर, सहायक अभियंता निर्माण शाखा और संबंधित ठेकेदार मै० धीरज पाल सिंह मौके पर मौजूद रहे। सभी से सड़क निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी ली गई।
15वें वित्त आयोग की योजना
यह सीसी सड़क 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत विकास कार्यों में शामिल थी। योजना का उद्देश्य स्थानीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
स्थानीय क्षेत्र में चर्चा
निरीक्षण के बाद खालापार क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों ने भी सड़क की हालत को लेकर पहले शिकायतें की थीं। अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मामले पर औपचारिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
आगे की कार्रवाई
नगरपालिका परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क निर्माण से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की रिपोर्ट तैयार की जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।




