
February 11 historical events timeline with global landmarks, Shah Times
आज का इतिहास: 11 फ़रवरी की प्रमुख घटनाएँ
11 फ़रवरी को विश्व और भारत के इतिहास में कूटनीति, शासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और सामाजिक बदलाव से जुड़ी कई घटनाएँ दर्ज हैं।समझौतों, राजनीतिक बदलावों, संस्थानों की स्थापना, सांस्कृतिक उपलब्धियों और स्मरणीय जन्म व निधन की घटनाएँ दर्ज हैं।यह रिपोर्ट उसी दिन की सत्यापित ऐतिहासिक समयरेखा प्रस्तुत करती है। नीचे क्रमबद्ध विवरण दिया गया है।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
11 फ़रवरी इतिहास के पन्नों में कई अहम पड़ावों के साथ दर्ज है। इस तारीख़ पर अलग-अलग क्षेत्रों में घटित घटनाएँ वैश्विक और भारतीय संदर्भ में महत्त्व रखती हैं। कूटनीतिक समझौतों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, संवैधानिक विकास, खेल और सामाजिक आंदोलनों तक, इस दिन की समयरेखा व्यापक है। नीचे क्रमवार तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत है।
कूटनीति और सत्ता से जुड़ी घटनाएँ
1543 में रोम और इंग्लैंड के बीच फ़्रांस के ख़िलाफ़ एक समझौता दर्ज किया गया। यह समझौता उस दौर की यूरोपीय शक्ति-संतुलन राजनीति को दर्शाता है, जिसमें गठबंधनों की भूमिका निर्णायक रही।
1613 में मुग़ल शासक जहाँगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में कारख़ाना स्थापित करने की अनुमति दी। इस अनुमति को उपमहाद्वीप में यूरोपीय व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की एक अहम कड़ी के रूप में दर्ज किया जाता है।
1720 में स्वीडेन और प्रशिया के बीच शांति समझौते की सूचना मिलती है। यह समझौता उत्तरी यूरोप में लंबे समय से चले आ रहे टकराव के बाद स्थिरता की दिशा में एक क़दम था।
1793 में नीदरलैंड के वेनलो क्षेत्र पर प्रशिया की सेना के क़ब्ज़े का उल्लेख मिलता है। यह घटना उस समय के यूरोपीय सैन्य संघर्षों की पृष्ठभूमि में दर्ज की जाती है।
1798 में रोम पर फ़्रांस के क़ब्ज़े की घटना सामने आती है, जो फ़्रांसीसी क्रांति के बाद यूरोप में बदलती राजनीतिक स्थितियों का संकेत देती है।
1814 में नॉर्वे द्वारा स्वतंत्रता की घोषणा की गई। यह घोषणा स्कैंडिनेवियाई क्षेत्र के राजनीतिक पुनर्गठन की प्रक्रिया में एक निर्णायक मोड़ मानी जाती है।
शिक्षा, संविधान और संस्थान
1826 में लंदन में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की स्थापना की गई। यह संस्था उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में जानी जाती है और आगे चलकर आधुनिक विश्वविद्यालय व्यवस्था के विकास से जुड़ी।
1889 में जापान में मेजी संविधान को अंगीकार किया गया। इस संविधान ने जापान के शासन ढांचे को आधुनिक दिशा दी और देश के राजनीतिक व प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव दर्ज किए गए।
1929 में लैटर्न संधि के तहत स्वतंत्र वेटिकन सिटी की स्थापना हुई। यह संधि रोमन कैथोलिक चर्च और इटली के संबंधों के पुनर्संतुलन का आधार बनी।
औपनिवेशिक दौर और प्रशासनिक बदलाव
1856 में अवध पर ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण की घटना दर्ज है। यह घटना औपनिवेशिक विस्तार और प्रशासनिक अधिग्रहण की प्रक्रिया का हिस्सा रही।
1919 में फ्रेडरिक एबर्ट जर्मनी के राष्ट्रपति चुने गए। प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी के राजनीतिक ढांचे में यह एक अहम परिवर्तन था।
युद्ध, संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय संबंध
1944 में जर्मन सेना द्वारा इटली के अप्रिलिया क्षेत्र पर दोबारा क़ब्ज़े की सूचना दर्ज है। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोपीय मोर्चे पर जारी संघर्षों का हिस्सा था।
1953 में सोवियत संघ ने इज़रायल के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ने की घोषणा की। यह कदम शीत युद्ध के दौर की अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना गया।
1963 में अमेरिका ने इराक की नई सरकार को मान्यता दी। यह निर्णय मध्य पूर्व में बदलते राजनीतिक हालात से जुड़ा था।
1964 में ताइवान ने फ़्रांस के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ने की घोषणा की। इसी वर्ष तुर्क और ग्रीक के बीच संघर्ष की शुरुआत की सूचना भी दर्ज है, जिसने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया।
मीडिया, विज्ञान और खेल
1955 में भारत में समाचार प्रकाशन से जुड़े एक महत्वपूर्ण विकास का उल्लेख मिलता है, जिसे मीडिया इतिहास की समयरेखा में दर्ज किया जाता है।
1959 में भारतीय क्रिकेटर वीनू मांकड़ ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ दिल्ली में अपना आख़िरी टेस्ट मैच खेला। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास की उल्लेखनीय घटनाओं में शामिल है।
1996 में भारतीय खगोल भौतिकविद जयंत वी नार्लीकर को यूनेस्को के कलिंग पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई, जो बाद में 1997 में प्रदान किया गया।
2001 में एक डच कम्प्यूटर प्रोग्रामर द्वारा ‘अन्ना कुरनिकोवा’ वायरस लॉन्च किए जाने की घटना सामने आई। इस वायरस से बड़ी संख्या में ई-मेल प्रणालियाँ प्रभावित हुईं और साइबर सुरक्षा पर वैश्विक चर्चा तेज़ हुई।
2007 में हिंदाल्को द्वारा अमेरिकी एल्युमिनियम फ़र्म नोवलिस के अधिग्रहण की घोषणा हुई। यह भारतीय उद्योग के वैश्विक विस्तार से जुड़ा एक बड़ा व्यावसायिक सौदा था।
भारत और विश्व की समकालीन घटनाएँ
2008 में रूस के प्रधानमंत्री विक्टर जुबकोव दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुँचे। इस दौरे के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विषयों पर चर्चा दर्ज की गई।
2009 में असमिया साहित्य के प्रसिद्ध लेखक डॉ. लक्ष्मी नंदन बोरा को सरस्वती सम्मान देने की घोषणा हुई।
2011 में मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने मिस्र क्रांति के चलते पद से इस्तीफ़ा दिया। लगभग तीन दशकों तक सत्ता में रहने के बाद उनका इस्तीफ़ा मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना गया।
2013 में रूस के कोमी क्षेत्र में हुए एक विस्फोट में लगभग 18 खदान कर्मियों की मौत की सूचना दर्ज की गई।
2014 में पूर्वी अल्जीरिया के ओउम एल बुआधी प्रांत के एक पहाड़ी इलाके में सैन्य परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें लगभग 77 लोगों के मारे जाने की सूचना सामने आई।
11 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति
1750 में भारतीय स्वाधीनता संग्राम के शुरुआती शहीदों में गिने जाने वाले तिलका मांझी का जन्म दर्ज है।
1847 में आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन का जन्म हुआ, जिनका योगदान विज्ञान और तकनीक के इतिहास में व्यापक रूप से दर्ज है।
1901 में भारतीय क्रांतिकारी दामोदर स्वरूप सेठ का जन्म हुआ।
1917 में भारतीय क्रांतिकारी टी नागी रेड्डी का जन्म दर्ज है।
1917 में ही विश्व में व्यापक रूप से पढ़े जाने वाले लेखक सिडनी शेल्डन का जन्म हुआ।
1957 में भारतीय अभिनेत्री टीना मुनीम का जन्म हुआ।
11 फ़रवरी को हुए निधन
1713 में मुग़ल शासक जहाँदारशाह का निधन हुआ।
1942 में समाजसेवी जमनालाल बजाज का निधन दर्ज है।
1945 में हिंदी के आरंभिक उपन्यासकारों में शामिल हरिकृष्ण ‘जौहर’ का निधन हुआ।
1968 में राजनीतिज्ञ पंडित दीनदयाल उपाध्याय का निधन दर्ज किया गया।
1977 में भारत के पाँचवें राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद का निधन हुआ।
1989 में हिंदी के प्रसिद्ध कवि, लेखक और संपादक पंडित नरेंद्र शर्मा का निधन हुआ।
1993 में फ़िल्म निर्माता और निर्देशक कमाल अमरोही का निधन दर्ज है।
2015 में हिंदी और ब्रज भाषा के कवि विष्णु विराट का निधन हुआ।
महत्वपूर्ण दिवस
11 फ़रवरी को प्रोमिस डे के रूप में भी जाना जाता है, जिसे समकालीन सांस्कृतिक संदर्भ में दर्ज किया जाता है।




