
प्रतिदिन चावल का सेवन करना हमारी सेहत के लिए कैसा होता है,आइए जानते हैं?

भारतीय भोजन की थाली बिना चावल की अधूरी सी लगती है।चावल भारतीय खान-पान का एक अहम हिस्सा है। भारत में चावल केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। देश के कई राज्यों में यह मुख्य आहार है और करोड़ों लोग प्रतिदिन चावल का सेवन करते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या रोज़ाना चावल खाना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है या हानिकारक? आइए जानते हैं।
ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है चावल
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार चावल कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। खासकर शारीरिक श्रम करने वाले लोगों के लिए यह तुरंत ऊर्जा देने वाला आहार है। उबला या भाप में पका चावल आसानी से पच जाता है, जिससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
सफेद बनाम ब्राउन राइस
सफेद चावल
आपको बता दें कि सफेद चावल में फाइबर की मात्रा कम होती है, क्योंकि इसकी ऊपरी परत हटा दी जाती है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह रक्त शर्करा स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है।
ब्राउन राइस
ब्राउन राइस में फाइबर, विटामिन और खनिज अधिक होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य और पाचन के लिए बेहतर माने जाते हैं। इसलिए ब्राउन राइस का सेवन करना हमारी हेल्थ के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
सीमित मात्रा में सेवन करें।
डायटीशियन मानते हैं कि यदि चावल सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ खाया जाए तो यह नुकसानदायक नहीं है। लेकिन अत्यधिक मात्रा में, विशेषकर कम शारीरिक गतिविधि वाले लोगों के लिए, यह वजन बढ़ने और टाइप-2 मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए चावल का सेवन सही मात्रा में करना आवश्यक होता है।
निष्कर्ष
प्रतिदिन चावल का सेवन अपने-आप में हानिकारक नहीं है, बशर्ते मात्रा नियंत्रित हो और आहार संतुलित हो। व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इसका सेवन तय किया जाना चाहिए।




