
सुबह उठते ही बनने लगता है एसिड? एक बार आज़माएं ये घरेलू उपाय।

सुबह उठते ही सीने में जलन, खट्टी डकारें, गले में खराश या पेट भारी लगना—ये सभी एसिडिटी के आम लक्षण हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान, देर रात भोजन, तनाव और नींद की कमी के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। अच्छी बात यह है कि कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप सुबह की एसिडिटी से राहत पा सकते हैं।
एसिडिटी क्यों होती है?
पेट में मौजूद गैस्ट्रिक एसिड भोजन को पचाने में मदद करता है, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा बनता है या ऊपर की ओर आने लगता है, तो जलन और बेचैनी होती है। इसके प्रमुख कारण हैं।
- खाली पेट चाय-कॉफी पीना
- मसालेदार/तला-भुना भोजन
- देर रात खाना
- तनाव और कम नींद
- धूम्रपान या शराब
सुबह की एसिडिटी दूर करने के असरदार घरेलू उपाय
1. गुनगुना पानी पिएं
सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पीने से पेट साफ होता है और एसिड का स्तर संतुलित रहता है। चाहें तो इसमें 4–5 बूंद नींबू का रस मिलाएं।
2. सौंफ का पानी
रात में एक चम्मच सौंफ पानी में भिगो दें। सुबह इसे छानकर पी लें। सौंफ पाचन को बेहतर बनाती है और जलन कम करती है।
3. ठंडा दूध
एसिडिटी होने पर ठंडा दूध पेट की जलन को तुरंत शांत करता है। ध्यान रखें—दूध में चीनी न मिलाएं।
4. केला या सेब
सुबह खाली पेट केला या सेब खाने से पेट में बनने वाला अतिरिक्त एसिड सोख लिया जाता है और आराम मिलता है।
5. नारियल पानी
नारियल पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है और पेट की अम्लता को कम करता है। सुबह एक गिलास नारियल पानी फायदेमंद रहता है।
6. अजवाइन और काला नमक
आधा चम्मच अजवाइन में एक चुटकी काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। यह गैस और एसिडिटी में राहत देता है।
7. तुलसी के पत्ते
2–3 तुलसी के पत्ते चबाने या तुलसी की चाय पीने से पेट को ठंडक मिलती है और एसिड कम होता है। खानपान और लाइफस्टाइल में ये बदलाव भी ज़रूरी है। सुबह खाली पेट चाय-कॉफी पीने से बचें। रात का खाना सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले करें। बहुत मसालेदार और तलीय भोजन कम करें। तनाव कम करने के लिए योग, प्राणायाम या वॉक करें। पर्याप्त नींद लें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर घरेलू उपायों के बावजूद रोज़ाना एसिडिटी बनी रहती है, उल्टी, खून की शिकायत, वजन तेजी से घटे या सीने में तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
सुबह की एसिडिटी को हल्के में न लें। सही दिनचर्या और बताए गए घरेलू उपाय अपनाकर आप इस समस्या से काफी हद तक राहत पा सकते हैं। नियमितता ही सबसे बड़ा इलाज है।







