
Bajaj Finance share price drops following RBI's cybersecurity warning and regulatory concerns.
RBI की सख्त चेतावनी, डेटा लीक को लेकर Bajaj Finance के शेयर गिरे
Bajaj Finance को डेटा सिक्योरिटी में लापरवाही पड़ सकती है भारी, RBI ने जताई कड़ी आपत्ति
Mumbai,(Shah Times) । भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Bajaj Finance को कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसका सीधा असर कंपनी के शेयरों पर भी देखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bajaj Finance अपने ग्राहकों के डेटा लीक रोकने में असफल रही है, जिससे कंपनी की साइबर सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शेयर पर पड़ा असर, निवेशकों में मची हलचल
इस चेतावनी के बाद Bajaj Finance के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 3 अप्रैल 2025 को शेयर बाजार में यह स्टॉक 8,669.25 रुपये के बंद भाव के मुकाबले 8,650 रुपये पर खुला। हालांकि, कुछ ही समय में इसमें और गिरावट आई और यह 8,550 रुपये के नीचे पहुंच गया।
क्या है पूरा मामला?
RBI को शक है कि Bajaj Finance की क्रेडिट कार्ड सेवाओं में डेटा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। अगर जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
बैंकिंग रेगुलेटर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि:
✔ कंपनी का IT इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम कमजोर है।
✔ ग्राहकों की निजी जानकारी के संरक्षण में कंपनी नाकाम रही है।
✔ क्रेडिट कार्ड सेवाओं में डेटा सुरक्षा को लेकर सतर्कता की कमी दिखी है।
RBI के निर्देश – अब क्या करना होगा?
RBI ने कंपनी को साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत:
✅ डेटा लीक रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक अपनानी होगी।
✅ क्रेडिट कार्ड कारोबार में कड़े कंप्लायंस नियमों को लागू करना होगा।
✅ RBI के नए साइबर सिक्योरिटी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
Bajaj Finance पर पहले भी रहे हैं रेगुलेटरी सवाल
यह पहली बार नहीं है जब RBI ने Bajaj Finance पर कड़ी नजर रखी हो। इससे पहले डिजिटल लोन मॉडल और BNPL (Buy Now, Pay Later) सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
विशेषज्ञों की राय: कंपनी को उठाने होंगे ठोस कदम
फाइनेंशियल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Bajaj Finance जल्द ही अपनी डेटा सिक्योरिटी में सुधार नहीं करती है, तो उसे न केवल रेगुलेटरी जुर्माना बल्कि ब्रांड इमेज का भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए अलर्ट: इस घटनाक्रम को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।






