
मेरठ में 21 अक्टूबर पर राष्ट्रचेतना कार्यक्रम में सुभारती विश्वविद्यालय में शैक्षणिक प्रतियोगिताएँ
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में 21 अक्टूबर “अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस” के अवसर पर जन-जागरूकता और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर एक अहम बैठक हुई। बैठक में शिक्षाविद, शोधार्थी और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में वाद-विवाद, निबंध, पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिताएँ कराने का फैसला लिया गया।
📍Meerut ✍️ Asif Khan
विश्वविद्यालय में अहम बैठक आयोजित
मेरठ स्थित स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में 21 अक्टूबर को प्रस्तावित “अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस” के सिलसिले में एक अहम इजलास आयोजित किया गया। इस बैठक की सदारत विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने की। बैठक में प्राध्यापकगण, रिसर्च स्कॉलर्स, समाजसेवी अफ़राद और मुख्तलिफ़ तंजीमों के नुमाइंदे शरीक हुए।
बैठक का मकसद 21 अक्टूबर के मौके पर जन-जागरूकता मुहिम और तालीमी मुकाबलों की रूपरेखा तय करना था। मौजूद अफ़राद ने कार्यक्रम को मुनज़्ज़म और कामयाब बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव पेश किए।
कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा
इजलास के दौरान तय किया गया कि मेरठ शहर के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्रों को इतिहास, राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना है।
सर्वसम्मति से जिन प्रतियोगिताओं पर फैसला लिया गया, उनमें वाद-विवाद प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, पेंटिंग और पोस्टर निर्माण, तथा प्रश्नोत्तरी यानी क्विज प्रतियोगिता शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इन मुकाबलों में बड़ी तादाद में विद्यार्थियों की शिरकत सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य विषय रहेगा राष्ट्रीय चरित्र और स्वतंत्रता आंदोलन
बैठक में यह भी तय किया गया कि इस वर्ष कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “राष्ट्रीय चरित्र, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, आज़ाद हिंद सेना तथा विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलन” रहेगा। इस थीम के तहत स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अहम वाक़ियात, किरदारों और तहरीकों पर रोशनी डाली जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि विद्यार्थियों को ऐतिहासिक दस्तावेज़, संदर्भ सामग्री और रिसर्च बेस्ड जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे अपने प्रेज़ेंटेशन और लेखन को तथ्यपरक और प्रमाणिक बना सकें।
ऐतिहासिक योगदान पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस और आज़ाद हिंद आंदोलन के ऐतिहासिक योगदान पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में इतिहासकारों और विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के विविध आयामों से परिचित कराना है।
बैठक में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व
इजलास में कर्नल (सेवानिवृत्त) राजेश त्यागी, परवेज वशीर, अनिल अज्ञात, ओमसिंह राणा, डॉ. डी. सी. सक्सेना, प्रिंसिपल कुलदीप और डॉ. मोनिका समेत कई शिक्षाविद और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के लिए अपने सुझाव रखे।
मौजूद सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने, अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ने और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया।


समन्वय समिति का गठन
बैठक के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समन्वय समिति गठित करने का निर्णय लिया। यह समिति विभिन्न संस्थानों से संपर्क स्थापित करेगी, प्रतियोगिताओं की समय-सारणी तय करेगी और कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेगी।
समिति को प्रचार-प्रसार, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जजमेंट पैनल की नियुक्ति और समापन समारोह की तैयारियों की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
शिक्षण संस्थानों से सहभागिता की अपील
बैठक के दौरान डॉ. अतुल कृष्ण ने सभी शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना और ऐतिहासिक तथ्यों को समझने का अवसर प्रदान करना है।
आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार, जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम तालिका और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सार्वजनिक की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि विजेताओं को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
तैयारी चरण में प्रशासन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए जाएंगे। सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, टेक्निकल सपोर्ट और मीडिया कवरेज को लेकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी की उम्मीद है। इसके मद्देनज़र डिजिटल रजिस्ट्रेशन और ऑफलाइन एंट्री दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर समन्वय
सूत्रों के मुताबिक, शहर के प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों से प्रारंभिक बातचीत की जा चुकी है। कई संस्थानों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि कार्यक्रम को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिताओं के परिणाम निष्पक्ष जजमेंट प्रक्रिया के आधार पर घोषित किए जाएंगे।




