गुरुवार, 25 June 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
Shah Times Logo
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

मोदी की तारीफ के पीछे छिपा अमेरिकी मतलब

None 2023-06-08 22:17:16
मोदी की तारीफ के पीछे छिपा अमेरिकी मतलब

कारोबार को अपनी नीतियों के केंद्र में रखने वाले अमेरिका के हर बयान के पीछे होते हैं गहरे मतलब

मोदी की यात्रा से पहले बड़े रक्षा सौदों को अंतिम रूप देने की बाधएं हटाने में जुटा है बाइडन प्रशासन

आनंद बत्रा सुमन

नई दिल्ली यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि कारोबार को अपनी तमाम नीतियों के केंद्र में रखने वाले अमेरिका के हर बयान के गहरे निहितार्थ होते हैं। लोकतंत्र-लोकतंत्र के खेल के जरिये दुनिया की तमाम सरकारों को बनाने और बिगाड़ने के उपक्रम में वह दशकों तक एक पक्ष रहा है। अमेरिका के बारे में अकसर कहा भी जाता है कि अमेरिका की सारी नीतियां अमेरिका से शुरू होकर अमेरिका पर ही खत्म हो जाती हैं।

बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय की धर्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में भारत में अल्पसंख्यकों की दशा को लेकर सवाल खड़े किए गए थे। अमेरिका की कई अन्य संस्थाएं भी गाहे-बगाहे ऐसे सवाल खड़ी करती रही हैं। जाहिर है अमेरिका चाहता है कि प्रधनमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले माहौल बनाया जाए, ताकि बड़े रक्षा सौदों को अंतिम रूप देने में कोई पुरानी कसक बाधक न बने। वैसे भारत को लोकतंत्र की जीवंतता को लेकर किसी अमेरिकी सर्टीफिकेट की आवश्यकता नहीं है। आजादी का अमृतकाल मनाते देश में आजादी के बाद भले ही एक दल या कई दलों की सरकारें बनी हों, वामपंथ या दक्षिणपंथ के रुझान की सरकारें बनी हों, हर बार सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्वक ही हुआ है।

आज भी स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा बनाया गया संविधान हमारा मार्गदर्शक है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अपनी जीवंतता से पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक देशों का मार्गदर्शन कर रहा है। निस्संदेह, राजनीतिक विद्रूपताओं व जीवन मूल्यों की गिरावट से कुछ विसंगतियां सामने आई हैं, लेकिन सदियों तक साम्राज्यवादी ताकतों के दोहन से उपजी अथाह गरीबी व एक बड़ी आबादी भी इसके मूल में रही हैं। यह एक संयोग ही है कि पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब कुछ दिन पहले तक विपक्षी कांग्रेसी नेता राहुल गांधी मोदी सरकार की रीति-नीतियों को लेकर अमेरिका में तमाम सवाल खड़े करते रहे हैं। अच्छा तो यह माना जाता है कि देश में सत्तापक्ष से विपक्ष के कितने भी मतभेद हों, विदेश की धरती पर भारतीय लोकतंत्र की छवि पर आंच नहीं आनी चाहिए। जीवंत भारतीय लोकतंत्र की खूबियां दुनिया को खुद-ब-खुद आकर्षित करती रही हैं। जिसके मूल में भारतीय लोकतंत्र की मजबूत साख ही है।

अमेरिका को फिलहाल भारत जैसे बड़े देश के साथ की जरूरत

अमेरिका के मौजूदा रुख में आए बदलाव के मूल में तेजी से बदलते वैश्विक सामरिक समीकरण भी हैं। जिसके संतुलन के लिए अमेरिका को भारत जैसे बड़े देश के साथ की जरूरत है। खासकर साम्राज्यवादी चीन की विस्तारवादी नीतियों पर अंकुश लगाने के लिए। पिछले कुछ वर्षों में चीन एलएसी पर भारत के लिए जैसी चुनौतियां पैदा करता रहा है उसका मुकाबला भी अमेरिका जैसी विश्व शक्ति के सहयोग से संभव है। बहरहाल, भारत के लिए यह गौरव की बात है कि 21 से 24 जून तक चलने वाली प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी यात्रा रक्षा सौदों के अलावा भी कई मायनों में महत्वपूर्ण है। अमेरिकी सांसदों के बुलावे पर अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्रा को भी वे संबोध्ति करेंगे। निस्संदेह, मौजूदा हालात में अमेरिका चीन के मुकाबले के लिए भारत को एक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। हाल ही में भारत व अमेरिका ने रक्षा औद्योगिक सहयोग के लिए एक रोडमैप को अंतिम रूप दिया है।

International,National,India, Narendra Modi, Joe Biden, America, Shah Times, शाह टाइम्स

ADVERTISEMENT

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर