
Union Home Minister Amit Shah and CM Pushkar Singh Dhami at the release event in Rishikesh | Shah Times
ऋषिकेश में गीता प्रेस के ‘कल्याण’ शताब्दी अंक का विमोचन
ऋषिकेश में आयोजित गीता प्रेस के कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘कल्याण’ मासिक पत्रिका के शताब्दी अंक और अरोग्यांक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में संतगणों और कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
📍Rishikesh ✍️Asif Khan
कार्यक्रम का आयोजन और पृष्ठभूमि
ऋषिकेश में आज गीता प्रेस, गोरखपुर की ओर से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक और अरोग्यांक के गुजराती संस्करण का औपचारिक विमोचन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ संतगण, धर्माचार्य, जनप्रतिनिधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद थे।
यह कार्यक्रम गीता प्रेस की स्थापना और उसके प्रकाशन कार्यों के सौ वर्षों की यात्रा के संदर्भ में आयोजित किया गया। ‘कल्याण’ पत्रिका लंबे समय से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर सामग्री प्रकाशित करती आ रही है।
विमोचन की प्रक्रिया
कार्यक्रम के दौरान मंच पर विधिवत रूप से ‘कल्याण’ का शताब्दी अंक और अरोग्यांक प्रस्तुत किया गया। संतगणों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार के साथ विमोचन की प्रक्रिया पूरी की गई। कार्यक्रम स्थल पर गीता प्रेस के प्रकाशनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां आगंतुकों ने विभिन्न पुस्तकों और पत्रिकाओं को देखा।
विमोचन के बाद अतिथियों ने स्मारिका और विशेष अंकों का अवलोकन किया। आयोजकों की ओर से बताया गया कि शताब्दी अंक में पत्रिका की सौ वर्ष की यात्रा, प्रकाशित विषयों और ऐतिहासिक संदर्भों को संकलित किया गया है।
गृह मंत्री का संबोधन
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संबोधन में ‘कल्याण’ पत्रिका की संपूर्ण यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका केवल धार्मिक विषयों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों को भी स्थान देती रही है।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक पत्रिका की निरंतरता का उल्लेख किया और कहा कि ‘कल्याण’ ने विभिन्न कालखंडों में अपने पाठकों से संवाद बनाए रखा। उनके अनुसार पत्रिका ने समय के साथ अपनी पहचान को बनाए रखा और अपने मूल उद्देश्य पर कायम रही।
गीता प्रेस पर टिप्पणी
अपने वक्तव्य में श्री अमित शाह ने गीता प्रेस, गोरखपुर की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस केवल एक प्रकाशन संस्था नहीं है, बल्कि यह धार्मिक साहित्य के प्रकाशन के माध्यम से एक व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका निभाता आया है।
उन्होंने बताया कि गीता प्रेस ने अपने प्रकाशनों के जरिए बड़ी संख्या में पाठकों तक सामग्री पहुंचाई है। प्रेस के कार्यों को विभिन्न भाषाई क्षेत्रों में पाठकों ने अपनाया है।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता प्रेस के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रचार-प्रसार में गीता प्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘कल्याण’ जैसी पत्रिकाओं ने समाज में विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम प्रदान किया है। उनके अनुसार ऐसे प्रकाशन लंबे समय तक पाठकों के साथ जुड़े रहते हैं।
संतगणों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विभिन्न संतगण और धर्माचार्य उपस्थित रहे। संतों ने गीता प्रेस के प्रकाशन कार्यों का उल्लेख किया और ‘कल्याण’ पत्रिका की निरंतरता पर बात रखी।
कार्यक्रम के दौरान संतों ने प्रेस के संस्थापकों और पूर्व संपादकों को भी स्मरण किया, जिन्होंने पत्रिका के प्रारंभिक वर्षों में इसकी दिशा तय की।








अन्य अतिथियों की मौजूदगी
इस अवसर पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा काऊ, रेनू बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े लोग भी शामिल हुए। सभी अतिथियों के लिए बैठने की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन निर्धारित समयानुसार किया गया।
शताब्दी अंक की विशेषताएं
आयोजकों के अनुसार ‘कल्याण’ का शताब्दी अंक विशेष रूप से संपादित किया गया है। इसमें पत्रिका के इतिहास, प्रमुख लेखों, सामाजिक विषयों और सांस्कृतिक प्रसंगों को शामिल किया गया है।
अरोग्यांक के गुजराती संस्करण में स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि व्यापक पाठक वर्ग तक जानकारी पहुंच सके।
कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन गीता प्रेस के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत किया और प्रेस की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी।
संचालन के दौरान प्रेस के पिछले सौ वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित प्रस्तुति भी दिखाई गई। इसमें प्रकाशन प्रक्रिया, वितरण और पाठक प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं को दर्शाया गया।
सुरक्षा और व्यवस्था
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की ओर से यातायात और प्रवेश व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा गया।
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम कार्यक्रम स्थल पर तैनात रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
समापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद संतगणों के आशीर्वचन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में गीता प्रेस की ओर से अन्य कार्यक्रम और प्रकाशन गतिविधियां जारी रहेंगी।




