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लखनऊ आग कांड: अलीगंज बिल्डिंग में 15 मौतें, SIT जांच और बड़ी कार्रवाई

Shahana • 2026-06-23 05:49:26
लखनऊ आग कांड: अलीगंज बिल्डिंग में 15 मौतें, SIT जांच और बड़ी कार्रवाई

लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया और कई लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT जांच के आदेश दिए, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अधिकारियों को सस्पेंड किया गया। शुरुआती जांच में बिल्डिंग में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है।

भयावह आग जिसने झकझोर दिया लखनऊ

लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार शाम लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक कमर्शियल बिल्डिंग में अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में बच्चों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई लोग बिल्डिंग से कूदने को मजबूर हो गए।

क्या हुआ उस शाम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिल्डिंग में अचानक धुआं भरने लगा और कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग ऊपरी मंजिलों में फंस गए। राहत और बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने में समय लगा, जिसके चलते स्थिति और गंभीर हो गई।

बचाव अभियान और संघर्ष

पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचावकर्मी दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 15 लोगों की जान जा चुकी थी।

क्यों हुआ इतना बड़ा हादसा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह मूल रूप से रिहायशी थी लेकिन बाद में उसे अवैध रूप से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

बिल्डिंग का विवादित इतिहास

रिकॉर्ड के मुताबिक यह प्रॉपर्टी 1980 में आवंटित हुई थी और बाद में कई बार मालिक बदले गए। 2014 में इसका नक्शा रिहायशी भवन के रूप में पास हुआ था, लेकिन बाद में इसे व्यावसायिक उपयोग में लाया गया। 2016 में अवैध निर्माण के आरोप लगे और कार्रवाई भी हुई, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

प्रशासनिक कार्रवाई तेज

घटना के बाद सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए। चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, जिनमें इंजीनियर और फूड सेफ्टी अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

SIT और जांच पैनल का गठन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। इसके अलावा LDA ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जो सात दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। जांच का दायरा बिल्डिंग की मंजूरी से लेकर सुरक्षा मानकों तक फैला हुआ है।

पीड़ितों का दर्द

घटना में अपने बेटे को खोने वाली एक मां ने कहा कि अगर समय पर मदद मिलती तो उसका बेटा बच सकता था। कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मदद के लिए फोन किया लेकिन समय पर सहायता नहीं मिली।

अस्पतालों में हालात

KGMU में 15 शव लाए गए और कई घायल भर्ती हैं। कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों को ऊंचाई से कूदने के कारण गंभीर चोटें आई हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई नेताओं ने घटना पर दुख जताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की।

विपक्ष का हमला

विपक्ष ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस और अन्य दलों ने सरकार को घेरा और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए।

क्या यह टाला जा सकता था?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हादसा टाला जा सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फायर सेफ्टी नियमों का पालन किया गया होता और समय पर निरीक्षण हुआ होता, तो नुकसान कम हो सकता था।

जमीनी हकीकत

भारत के कई शहरों में इस तरह की इमारतें मौजूद हैं, जहां नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जाती हैं। यह घटना उसी सिस्टम की एक बड़ी विफलता को उजागर करती है।

आगे क्या होगा

सरकार ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही शहर में अन्य अवैध इमारतों की जांच भी तेज होने की संभावना है।

लखनऊ का यह अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों का आईना है। 15 जिंदगियों की कीमत पर मिली यह सीख प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है।

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Shahana

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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