उत्तराखंड के चंपावत जिले में शुक्रवार की दोपहर अचानक चीख-पुकार और धुएं के गुबार से भर गई, जब लोहाघाट-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक कार गहरी खाई में गिरकर आग की लपटों में घिर गई। यह हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पहाड़ों की शांत सड़कों पर ऐसे हादसे एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं और ड्राइविंग परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी से पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना की ओर जा रही एक कार जैसे ही मरोड़ाखान से लगभग दो किलोमीटर आगे बंतोली गांव के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते वाहन सड़क से फिसलकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।
इस दर्दनाक हादसे में वाहन चालक राजेन्द्र कुमार (48), निवासी डीडीहाट, की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार बलदेव कुमार (36), निवासी कनालीछीना, भी आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए और उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। खाई की गहराई और आग की तीव्रता के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था। स्थानीय लोगों की मदद से राहत टीमों ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनकी संख्या और गंभीरता दोनों बढ़ी है। संकरी सड़कें, तीखे मोड़, खराब मौसम और ओवरस्पीडिंग जैसे कारक अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं।
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में वाहन के अनियंत्रित होने को कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी खराबी या ड्राइवर की गलती जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर उत्तराखंड की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। क्या पहाड़ी मार्गों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं? क्या ड्राइवरों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाता है? क्या वाहनों की फिटनेस जांच सही तरीके से हो रही है?
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और दुख है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं।
फिलहाल तीनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि जल्द ही हादसे के कारणों का खुलासा होगा।
लोहाघाट-पिथौरागढ़ मार्ग पर हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सवाल है। जब तक प्रशासन और आम लोग मिलकर इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक ऐसी त्रासदियां बार-बार दोहराई जाती रहेंगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।