बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने 20 IFS अधिकारियों का तबादला किया और दो निलंबित अधिकारियों को बहाल किया। जानिए पूरी खबर
भोपाल मध्य प्रदेश (शाह टाइम्स) के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बीते दिनों हुई 10 हाथियों की रहस्यमयी मौतों के मामले ने सरकार को कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इसी सिलसिले में राज्य सरकार ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों का तबादला कर दिया है। साथ ही, दो निलंबित अधिकारियों – गौरव चौधरी और फत्ते सिंह निनामा – को बहाल कर पुनः जिम्मेदारियों से नवाजा गया है।
बांधवगढ़ कांड: जांच के घेरे में अधिकारी
यह निर्णय उस समय लिया गया जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक के बाद एक 10 हाथियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई। इस गंभीर घटना ने पूरे प्रदेश में वन प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे।
गौरव चौधरी, जो कि 2010 बैच के IFS अधिकारी हैं, को घटना के बाद 3 नवंबर 2024 को निलंबित कर दिया गया था। अब उन्हें बालाघाट सर्कल का वन संरक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, फत्ते सिंह निनामा, जो बांधवगढ़ के पनपथा रेंज में उप वन मंडल अधिकारी थे, उन्हें शाजापुर सामान्य वन मंडल का उप वन मंडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। हालांकि, उनके विरुद्ध विभागीय जांच अब भी जारी है।
अन्य प्रमुख तबादले:
सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला किया गया है:
एचयू खान, पहले पीसीसीएफ (प्रोडक्शन), को अब पीसीसीएफ एवं सीईओ, सीएएलपीए मुख्यालय बनाया गया है।
अरविंद प्रताप सिंह, पूर्व में बालाघाट सर्कल के मुख्य वन संरक्षक, अब ग्वालियर सर्कल की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रिपुदमन सिंह भदौरिया, वन बल प्रमुख कार्यालय में वन संरक्षक, अब सागर वन सर्कल में तैनात होंगे।
क्षितिज कुमार, जो वन विभाग में ओएसडी थे, अब भोपाल में मंडल वन अधिकारी (कार्य योजना) होंगे, साथ ही वे ओएसडी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे।
प्रियंशी सिंह, शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान की पूर्व उप निदेशक, को अब इंदौर में मंडल वन अधिकारी (कार्य योजना) नियुक्त किया गया है।
क्षेत्रीय स्तर पर भी बदलाव:
लवित भारती को नरसिंहपुर से शहडोल कार्य योजना का मंडल वन अधिकारी बनाया गया।
प्रीता एसएम को मंडला (उत्पादन) से पूर्व मंडला वन मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई।
विनय कुमार, रायसेन के मंडल वन अधिकारी, अब भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के उप वन संरक्षक और निदेशक होंगे।
ऋषभ नेताम, पूर्व मंडला से स्थानांतरित होकर अब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में उप निदेशक बनाए गए हैं।
सरकार की सख्ती या दिखावटी कदम?
हालांकि सरकार ने इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बताया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि सिर्फ तबादलों से जवाबदेही तय नहीं होती। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि हाथियों की मौत के पीछे के कारणों का सही खुलासा हो सके
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।