अंधेरे में जीवन की खोज ने वैज्ञानिकों को चौंकाया
न्यू मैक्सिको। आमतौर पर प्रकाश संश्लेषण की बात आते ही सूर्य की रोशनी और पौधों की याद आती है। लेकिन अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्थित Carlsbad Caverns National Park की भूमिगत दुनिया में वैज्ञानिकों ने ऐसे सूक्ष्मजीवों का अध्ययन किया है, जो बेहद कम रोशनी वाले वातावरण में भी ऊर्जा हासिल करने में सक्षम हैं। यहां कुछ सायनोबैक्टीरिया में ऐसी विशेष क्लोरोफिल संरचनाएं पाई गई हैं, जो near-infrared radiation को पकड़ सकती हैं।
119 से अधिक गुफाओं का विशाल नेटवर्क
Carlsbad Caverns National Park में 119 से अधिक ज्ञात गुफाएं हैं। National Park Service के अनुसार, इस क्षेत्र की गुफाओं का निर्माण मुख्य रूप से सल्फ्यूरिक एसिड द्वारा चूना-पत्थर के घुलने की प्रक्रिया से हुआ और Carlsbad Cavern के निर्माण की प्रमुख अवधि लगभग 40 से 60 लाख वर्ष पहले मानी जाती है।
इसलिए “ये गुफाएं 5 करोड़ साल पुरानी हैं” कहना सही नहीं होगा। करीब 49 मिलियन वर्ष यानी 4.9 करोड़ वर्ष का आंकड़ा हालिया रिपोर्टिंग में इस बात के संदर्भ में आया है कि कुछ विशेष सूक्ष्मजीवी वातावरण लंबे समय से लगभग अछूते रहे होंगे। इसे गुफाओं की उम्र समझना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
घुप अंधेरे में हरे रंग की परत
वैज्ञानिकों Hazel Barton और Lars Behrendt समेत शोधकर्ताओं ने Carlsbad Caverns की भूमिगत दुनिया में हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतों का अध्ययन किया। हैरानी की बात यह थी कि जिन हिस्सों में इंसानी आंखों को सूर्य का प्रकाश दिखाई नहीं देता, वहां भी सायनोबैक्टीरिया मौजूद थे। 2019 में प्रकाशित और 2020 में Environmental Microbiology में प्रकाशित शोध में बताया गया कि कुछ सायनोबैक्टीरिया chlorophyll d और chlorophyll f जैसे पिगमेंट का इस्तेमाल करते हैं। ये पिगमेंट 700–780 नैनोमीटर के near-infrared प्रकाश को ऊर्जा के लिए पकड़ सकते हैं।
आखिर अंधेरे में उन्हें रोशनी कहां से मिलती है?
यहां “अंधेरा” शब्द को समझना जरूरी है। इंसानी आंखों के लिए यह जगह लगभग पूरी तरह अंधेरी हो सकती है, लेकिन near-infrared radiation इंसानी आंखों को दिखाई नहीं देती।शोध के मुताबिक गुफा की चट्टानों की सतह कुछ खास wavelength के प्रकाश को प्रतिबिंबित कर सकती है। इसी कारण गुफा के अपेक्षाकृत गहरे हिस्सों में भी near-infrared प्रकाश की मौजूदगी दर्ज की गई। यानी ये जीव किसी दिखाई देने वाले बल्ब या सूर्य की सीधी किरण में नहीं रह रहे थे, बल्कि प्रकाश के उस हिस्से का इस्तेमाल कर रहे थे जिसे इंसानी आंखें देख ही नहीं सकतीं।
क्या ये जीव सूर्य के बिना प्रकाश संश्लेषण करते हैं?
शोध से पता चलता है कि इन सायनोबैक्टीरिया में मौजूद विशेष पिगमेंट near-infrared radiation को ऊर्जा में बदलने की क्षमता रखते हैं। वैज्ञानिकों ने चार स्थलीय गुफा प्रणालियों में प्रकाश, पिगमेंट और माइक्रोबियल समुदायों का अध्ययन किया था। हालांकि, इसे यह कहना कि “जीव पूरी तरह बिना किसी प्रकाश के प्रकाश संश्लेषण करते हैं”, भ्रामक होगा। प्रकाश संश्लेषण के लिए उन्हें near-infrared प्रकाश की उपलब्धता चाहिए, भले ही वह प्रकाश मानव आंखों को दिखाई न देता हो।
सिर्फ यही नहीं, गुफाओं में कई तरह का जीवन
Carlsbad Caverns में अंधेरे वातावरण में सिर्फ सूक्ष्मजीव ही नहीं पाए जाते। National Park Service के अनुसार, गुफा के भीतर cave crickets, mites, spiders और विभिन्न प्रकार के bacteria भी पाए जाते हैं। कुछ सूक्ष्मजीव चट्टानों और उपलब्ध रासायनिक संसाधनों से ऊर्जा हासिल करने में सक्षम होते हैं।
इससे यह समझने में मदद मिलती है कि nगुफाओं जैसे अत्यंत सीमित संसाधनों वाले वातावरण भी जैविक गतिविधि से पूरी तरह खाली नहीं होते।
अंतरिक्ष में जीवन की खोज से क्या संबंध?
इस खोज का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहलू astrobiology से जुड़ा है। यदि पृथ्वी पर कुछ सूक्ष्मजीव इंसानी आंखों को दिखाई न देने वाली near-infrared radiation का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो वैज्ञानिकों के लिए ऐसे वातावरण के बारे में सोचने का दायरा बढ़ता है जहां पारंपरिक सूर्य-जैसी रोशनी उपलब्ध नहीं है।
शोधकर्ताओं ने इस तरह के जीवों को उन संभावित परिस्थितियों को समझने के लिए उपयोगी माना है, जिनमें बेहद कम प्रकाश वाले वातावरण में जीवन ऊर्जा प्राप्त कर सकता है।
शोध कब प्रकाशित हुआ?
इस विषय पर महत्वपूर्ण शोध Lars Behrendt और उनके सहयोगियों ने किया था। शोधपत्र Life in the dark: far-red absorbing cyanobacteria extend photic zones deep into terrestrial caves शीर्षक से Environmental Microbiology में प्रकाशित हुआ। इसमें Carlsbad समेत गुफाओं के भीतर near-infrared प्रकाश और उससे जुड़े सायनोबैक्टीरिया का अध्ययन किया गया।
आगे क्या होगा?
वैज्ञानिकों के लिए अगला सवाल यह समझना है कि इतनी कम near-infrared रोशनी में ये जीव कितनी ऊर्जा हासिल कर सकते हैं और इस क्षमता की जैविक सीमाएं क्या हैं। ऐसी जानकारी पृथ्वी के चरम वातावरण के साथ-साथ दूसरे ग्रहों और उनके संभावित जीवन-क्षेत्रों के अध्ययन में भी उपयोगी हो सकती है।
निष्कर्ष
Carlsbad Caverns की यह खोज इस बात का उदाहरण है कि “अंधेरा” हर जीवन के लिए ऊर्जा-विहीन वातावरण नहीं होता। इंसानी आंखों से अदृश्य near-infrared radiation कुछ सूक्ष्मजीवों के लिए ऊर्जा का स्रोत बन सकती है। हालांकि, इसे “5 करोड़ साल पुरानी 119 गुफाओं में पहली बार जीवन मिला” कहना सही नहीं होगा। उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी इससे कहीं अधिक दिलचस्प और सटीक कहानी बताती है—जीवन बेहद कम रोशनी और कठिन परिस्थितियों में भी अपने लिए ऊर्जा के नए रास्ते खोज सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।