प्रयागराज | 3 नवंबर 2026
By Mohd Haris
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की कथित आत्महत्या से मौत हो गई। घटना सोमवार, 2 नवंबर को झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम इलाक़े में सामने आई। पुलिस के मुताबिक़ छात्रा पिछली बार नीट परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सकी थी और अगले परीक्षा चक्र की तैयारी में जुटी हुई थी। घटनास्थल से मिले एक नोट में उसने परीक्षा पास न कर पाने की आशंका ज़ाहिर की थी। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की मानसिक सेहत, परीक्षा से जुड़ी आशंकाओं और मुश्किल दौर में मिलने वाले सहयोग जैसे अहम मुद्दों की तरफ़ ध्यान खींचा है। हालांकि, छात्रा की मौत के पीछे किसी एक वजह को अंतिम रूप से ज़िम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
झूंसी के त्रिवेणीपुरम इलाक़े में सामने आई घटना
पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन के मुताबिक़, छात्रा प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम में रहती थी। वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट की तैयारी कर रही थी।
परिवार की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, छात्रा देर रात तक पढ़ाई करती थी। उसका सामान्य अध्ययन कार्यक्रम सुबह लगभग 4 से 5 बजे तक चलता था और वह दोपहर लगभग 2:30 बजे उठती थी। सोमवार को जब छात्रा दोपहर 3 बजे तक नहीं उठी तो परिवार के सदस्य उसे देखने पहुंचे। इसी दौरान घटना का पता चला।
पुलिस के मुताबिक़, छात्रा की मौत में उसके पिता के लाइसेंसी हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई है। मामले के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
परीक्षा को लेकर चिंता का ज़िक्र करने वाला नोट मिला
पुलिस उपायुक्त सागर जैन ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, नोट में छात्रा ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण न कर पाने की आशंका जताई थी और परिवार से माफ़ी मांगी थी।
यह जानकारी छात्रा की मानसिक परेशानी की ओर संकेत करती है। लेकिन किसी व्यक्ति की आत्महत्या के पीछे मानसिक, सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का जटिल संबंध हो सकता है। इसलिए केवल नोट के आधार पर घटना की पूरी वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस ने छात्रा के पिता के बारे में बताया कि वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में इंजीनियर रह चुके हैं और अब सेवानिवृत्त हैं।
पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस उपायुक्त के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उपलब्ध जानकारी में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के नतीजे, विस्तृत जांच के निष्कर्ष और किसी अन्य परिस्थिति की भूमिका के बारे में अंतिम आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसीलिए फिलहाल यह मामला पुलिस की शुरुआती जानकारी और बरामद नोट के आधार पर रिपोर्ट किया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य का सवाल
नीट देश में मेडिकल शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाख़िले से जुड़ी प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। इसकी तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को लंबे अध्ययन कार्यक्रम, परीक्षा की अनिश्चितता और परिणाम को लेकर चिंताओं का सामना करना पड़ सकता है। प्रयागराज की घटना के सिलसिले में पुलिस ने छात्रा के अध्ययन कार्यक्रम और पिछली परीक्षा के परिणाम का उल्लेख किया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी कोचिंग संस्थान, शिक्षक या अन्य व्यक्ति की ओर से दबाव डाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले को व्यापक शैक्षणिक माहौल से जोड़कर देखते समय यह अंतर बनाए रखना ज़रूरी है कि परीक्षा से संबंधित परेशानी का उल्लेख होना और परीक्षा को मौत की एकमात्र वजह साबित करना अलग-अलग बातें हैं। विशेषज्ञों के सामान्य मानसिक स्वास्थ्य मार्गदर्शन के अनुसार, लगातार निराशा, असहाय महसूस करना, सामाजिक दूरी और स्वयं को नुकसान पहुंचाने से संबंधित विचारों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे संकेत मिलने पर परिवार, भरोसेमंद व्यक्ति और प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर की मदद अहम होती है।
परिवार और शिक्षण संस्थानों की भूमिका
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों से संवाद बनाए रखना ज़रूरी है। परीक्षा में असफलता के बाद अगली कोशिश की योजना बनाते समय उनकी भावनात्मक स्थिति, नींद, स्वास्थ्य और उपलब्ध सहयोग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। परिवार और शिक्षकों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि परीक्षा का परिणाम किसी विद्यार्थी की योग्यता या भविष्य की संभावनाओं का अंतिम पैमाना नहीं है।
प्रयागराज की घटना के बाद भी सबसे ज़रूरी बात यही है कि जांच के निष्कर्षों का इंतज़ार किया जाए और छात्रा के परिवार की निजता तथा गरिमा का सम्मान किया जाए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।