नवरात्रि में अमेरिकी मंदिर को दहलाने की साजिश, मास शूटिंग का प्लान बनाने वाला 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
Asif Khan
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2026-10-15 11:35:49
अमेरिका में बड़े कत्लेआम की साजिश नाकाम, राइफल जाम होने से बची सैकड़ों हिंदुओं की जान
इलिनोइस के हिंदू मंदिर में मास शूटिंग की प्लानिंग, श्वेत वर्चस्ववादी 19 साल का आरोपी गिरफ्तार
नवरात्रि उत्सव के दौरान शिकागो के मंदिर में हमले का प्लान, FBI और पुलिस ने किया बड़ा भंडाफोड़
अमेरिका के इलिनोइस में नवरात्रि के दौरान हिंदू मंदिर में मास शूटिंग की साजिश रचने के आरोप में 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस गिरफ्तार। राइफल जाम होने से सैकड़ों जानें बचीं। पुलिस ने हथियार और मेनिफेस्टो बरामद किए।
अमेरिका के इलिनोइस (Illinois) प्रांत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां नवरात्रि उत्सव के दौरान एक हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी (Mass Shooting) कर कत्लेआम मचाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान पैलेटाइन निवासी एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस (Alexandros Paporakis) के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी मॉडिफाइड AR-स्टाइल राइफल और लगभग 300 राउंड गोलियों के साथ हिंदू मंदिर पहुंचा था। जब उसने गोलीबारी शुरू करने की कोशिश की, तो ऐन वक्त पर उसकी बंदूक जाम हो गई, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
कुक काउंटी की अदालत ने आरोपी को हिरासत में भेज दिया है। जांचकर्ताओं को आरोपी के पास से एक दस्तावेज मिला है, जिसे "ऑरोरा शूटर मेनिफेस्टो" का नाम दिया गया था। इसमें श्वेत वर्चस्ववादी (White Supremacist) और चरमपंथी विचारधारा का जिक्र है। इस दस्तावेज में विशेष रूप से दक्षिण एशियाई और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत और हिंसा भड़काने की बातें लिखी गई थीं।
पैलेटाइन पुलिस विभाग के अनुसार, "हम एफबीआई (FBI) के साथ मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने का आरोप लगाया गया है।" वहीं, हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने एक्स (ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए कहा, "हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हैं। हर समुदाय को बिना किसी डर के पूजा करने का अधिकार है।"
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका सहित दुनियाभर में हिंदू समुदाय नवरात्रि और अन्य त्योहार मना रहा है। हाल ही में अमेरिका और कनाडा में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद से समुदाय में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
आरोपी 19 साल का है, जिसके पास से 300 राउंड गोलियां और अत्याधुनिक राइफल बरामद हुई है। उसे 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और 30 अक्टूबर को उसे फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
एफबीआई और स्थानीय पुलिस आरोपी के अन्य संपर्कों और उसकी इंटरनेट हिस्ट्री की फोरेंसिक जांच कर रही है। इस दौरान आरोपी पर कुछ और गंभीर संघीय आरोप (Federal Charges) भी लगाए जा सकते हैं।
यह घटना अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के लोगों और हिंदू समुदाय के लिए एक बड़ी चेतावनी है। समय रहते हथियार के जाम हो जाने से सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान बच गई, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और हेट क्राइम्स पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने की यह हालिया साजिश यह स्पष्ट करती है कि दक्षिण एशियाई डायस्पोरा के खिलाफ 'हेट क्राइम' (Hate Crime) का खतरा वास्तविक और गंभीर है। श्वेत वर्चस्ववादी मानसिकता से प्रेरित होकर जिस तरह एक 19 साल का युवक 300 राउंड गोलियों के साथ कत्लेआम की योजना बनाता है, वह अमेरिकी समाज में पनप रहे चरमपंथ का खतरनाक संकेत है। अमेरिकी प्रशासन को केवल ऐसी साजिशों को नाकाम करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नफरत फैलाने वाले इकोसिस्टम के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।