रिपोर्ट-एस.आलम अंसारी
देहरादून।उत्तराखंड(Uttarakhand) अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Subordinate Services Selection Commission) द्वारा सहायक अध्यापक एलटी भर्ती परीक्षा-2021 के चयनित 228 शिक्षकों को शीघ्र नियुक्ति दी जायेगी। इन सभी चयनित सहायक अध्यापकों को पहली तैनाती प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों(Schools) में दी जायेगी ताकि दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर कर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को चयनित एलटी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दे दिये गये हैं। जबकि सहायक अध्यापक कला के 262 पदों के लिये नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत(Dr. Dhan Singh Rawat) ने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक एलटी भर्ती परीक्षा-2021 के तहत चयनित विभिन्न विषयों के 228 सहायक अध्यापकों को एक माह के भीतर नियुक्ति प्रदान कर दी जायेगी। चयनित शिक्षकों को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी(Chief Minister Pushkar) के हाथों मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक समारोह में नियुक्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे, जिसके लिये शीघ्र ही मुख्यमंत्री से समय लिया जायेगा।
जबकि उत्तराखंड(Uttarakhand) उच्च न्यायालय(High Court)के आदेश के क्रम में कला विषय के 262 रिक्त पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती नये सिरे से शुरू की जायेगी। विभागीय मंत्री डॉ. रावत के अनुसार आयोग द्वारा चयनित अभियर्थियों के अभिलेख सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। चयनित अभियर्थियों की अंतिम सूची शीघ्र ही विभाग को उपलब्ध हो जायेगी। इस संबंध में उनकी आयोग के अधिकारियों के साथ वार्ता हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि चयनित अभियर्थियों को गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल के दुर्गम विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी जायेगी। जिसमें हिन्दी के 69, विज्ञान 38, गणित 36, अंग्रेजी 35, व्यायाम 24, सामान्य 12, संस्कृत 6, गृह विज्ञान 4 तथा वाणिज्य, संगीत, उर्दू व पंजाबी विषयों के 1-1 पद भरे जायेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि इससे पूर्व आयोग से चयनित विभिन्न विषयों के 917 सहायक अध्यापकों को प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी जा चुकी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।