पाकिस्तान के पेशावर शहर में गुरुवार सुबह एक निजी स्कूल की छत गिरने से कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बड़ी संख्या में मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे में दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। राहत और बचाव दलों ने मलबे में फंसे बच्चों को निकालने के लिए अभियान चलाया। स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि पुलिस ने स्कूल मालिक को हिरासत में ले लिया है।
उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान | 15 अक्टूबर 2026
कक्षाओं के दौरान अचानक ढही स्कूल की छत
यह दर्दनाक हादसा पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत की राजधानी पेशावर के डीर कॉलोनी इलाक़े में स्थित अल-ख़ैर एजुकेशन सेंटर में हुआ।
जानकारी के मुताबिक़ सुबह स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। इसी दौरान इमारत की ऊपरी मंज़िल की छत अचानक नीचे गिर गई। छत के गिरने से निचली मंज़िल पर मौजूद बच्चे और स्कूल कर्मचारी मलबे में दब गए।
रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक़ इमारत की 2 छतें एक-दूसरे पर गिर गई थीं, जिससे बचाव अभियान मुश्किल हो गया।
मृतकों में अधिकांश बच्चे, अस्पताल में इमरजेंसी
पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक़ शुरुआती मृतक संख्या 29 थी। एक रिपोर्ट में 28 बच्चों और 1 महिला शिक्षिका की मौत दर्ज की गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में 27 बच्चों और 2 महिला शिक्षिकाओं की मौत का उल्लेख है। अस्पताल प्रशासन ने बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने के बाद इमरजेंसी घोषित की। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ़ ने घायलों का इलाज शुरू किया। कई बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए।
तंग गलियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन को बनाया मुश्किल
हादसे की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू 1122 की टीमें, पुलिस और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे।
स्कूल घनी आबादी वाले इलाक़े में स्थित था। आसपास की संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में दिक़्क़त आई। स्थानीय निवासियों ने भी मलबा हटाने और बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। राहत अधिकारियों के मुताबिक़ बचाव अभियान में 16 एंबुलेंस, 2 आपदा प्रतिक्रिया वाहन और 60 से अधिक कर्मियों को लगाया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
स्कूल मालिक हिरासत में, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
पेशावर पुलिस प्रमुख मियां सईद ने बताया कि स्कूल मालिक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इमारत की कमज़ोर बनावट और निर्माण संबंधी लापरवाही की आशंका जताई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ हादसे के समय स्कूल की इमारत में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। शुरुआती पड़ताल में भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। हालांकि छत गिरने की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। स्कूल प्रशासन की संभावित ज़िम्मेदारी और निर्माण मानकों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षकों के परिवारों के प्रति गहरा अफ़सोस जताया है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों में तेज़ी लाने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के गवर्नर फ़ैसल करीम कुंडी ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और हादसे के कारणों की जांच करने को कहा है।
स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पेशावर की इस घटना ने पाकिस्तान में निजी शिक्षण संस्थानों की इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इससे पहले लाहौर में भी एक निजी शिक्षण केंद्र की छत गिरने से बच्चों की मौत की घटना सामने आ चुकी है। ऐसी घटनाओं के बाद भवन निर्माण की गुणवत्ता, नियमित सुरक्षा जांच और संस्थानों के संचालन संबंधी नियमों पर बहस तेज़ हुई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।