बलूचिस्तान के खुजदार में स्कूल बस पर आत्मघाती हमला, जिसमें चार बच्चों समेत पांच लोगों की मौत और 38 घायल हुए। आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की कमजोर स्थिति एक बार फिर उजागर।
खुजदार, बलूचिस्तान (शाह टाइम्स) पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बुधवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जब स्कूली बच्चों को ले जा रही बस को आत्मघाती कार बम धमाके में निशाना बनाया गया। इस भीषण हमले में चार बच्चों समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 अन्य घायल हो गए हैं। घायलों में अधिकांश स्कूली बच्चे शामिल हैं।
यह हमला बलूचिस्तान के खुजदार जिले के जीरो पॉइंट इलाके में उस समय हुआ जब बस बच्चों को सुबह स्कूल ले जा रही थी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार हमलावर ने एक कार के जरिए आत्मघाती हमला किया, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।
घटना के बाद क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया है और बम निरोधक दस्ते के साथ सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घायलों को सीएमएच खुजदार अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पाकिस्तानी गृह मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे "देश को अस्थिर करने की कायराना साजिश" बताया है। उन्होंने कहा, "मासूम बच्चों पर हमला करके दुश्मनों ने अपनी बर्बर मानसिकता का परिचय दिया है। यह अमानवीय कृत्य है।"
नकवी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार घायलों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और हमलावरों को जल्द ही न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम राष्ट्रीय एकता के साथ आतंकवाद की हर साजिश को नाकाम करेंगे।"
बलूचिस्तान: आतंकवाद का गढ़ बना राज्य
बलूचिस्तान में पिछले कई वर्षों से आतंकवादी गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। अलगाववादी संगठन जैसे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) यहां सक्रिय हैं, जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था। बीएलए और अन्य गुट पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और नागरिकों को निशाना बनाते रहते हैं।
इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में व्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहां खुद के राज्य में मासूम बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, बावजूद इसके पाकिस्तान अन्य देशों में आतंक फैलाने से बाज नहीं आ रहा।
खुजदार का यह हमला बलूचिस्तान में बढ़ते आतंक की भयावह तस्वीर पेश करता है। जहां स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे भी आतंकवादियों की कायराना हरकतों का शिकार बन रहे हैं। यह घटना न केवल पाकिस्तान के भीतर की अस्थिरता का प्रतीक है, बल्कि उस दोहरी नीति को भी उजागर करती है, जिसमें एक तरफ पाकिस्तान आतंकी संगठनों को पनाह देता है और दूसरी तरफ खुद उनके हमलों का शिकार बनता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।