पीवी सिंधु एशियन गेम्स क्वार्टर फाइनल में चेन यूफेई से 21-11, 18-21, 10-21 से हार गईं। सिंधु ने 18 घंटे में 3 मैच खेलने को लेकर शेड्यूल पर सवाल उठाए।
नागोया, जापान | 28 सितंबर 2026
BY MOHD HARIS
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का एशियन गेम्स 2026 अभियान महिला सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया। चीन की चेन यूफेई ने उन्हें 21-11, 18-21, 10-21 से हराया। सिंधु ने मुकाबले के बाद अपनी निराशा जाहिर की और टूर्नामेंट के शेड्यूल को लेकर भी सवाल उठाए।
सिंधु के मुताबिक, उन्होंने 18 घंटे के भीतर 3 मैच खेले। उन्होंने बताया कि एक मैच खत्म करने के बाद वह करीब 3 बजे अपने होटल लौटीं और अगले मुकाबले के लिए सुबह 8:30 बजे फिर निकलना पड़ा। उनके अनुसार इस शेड्यूल का शरीर पर असर पड़ा।
क्वार्टर फाइनल में क्या हुआ
चेन यूफेई के खिलाफ सिंधु ने मुकाबले की शुरुआत मजबूत अंदाज में की। उन्होंने पहला गेम 21-11 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में चेन ने वापसी की और 21-18 से गेम जीत लिया। निर्णायक तीसरे गेम में चीन की खिलाड़ी ने 21-10 से जीत दर्ज की और सिंधु का अभियान समाप्त हो गया।
सिंधु ने कहा कि वह मुकाबले में निर्णायक चरण तक पहुंची थीं और जीत से कुछ अंक दूर थीं। उन्होंने माना कि अहम मौकों पर लंबी रैलियों ने मैच का रुख बदल दिया।
18 घंटे में 3 मैच पर सवाल
हार के बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने कार्यक्रम का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि 18 घंटे में 3 मैच खेलने पड़े। उनके मुताबिक, रात करीब 3 बजे होटल पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे दोबारा निकलना पड़ा। सिंधु ने कहा कि इस शेड्यूल का असर पड़ा।
रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को सिंधु ने 2 मैच खेले थे और उनका दूसरा मुकाबला रात करीब 1 बजे खत्म हुआ। इसके बाद रविवार को उन्हें क्वार्टर फाइनल खेलना था।
सिंधु ने शेड्यूल को लेकर क्या कहा
सिंधु ने मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने किसी बड़े टूर्नामेंट में इससे पहले ऐसी स्थिति कम देखी थी। उन्होंने रिकवरी को प्राथमिकता बताते हुए शेड्यूल को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किए जाने की जरूरत पर सवाल उठाया।
उनका मुद्दा केवल हार तक सीमित नहीं था। सिंधु ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह क्वार्टर फाइनल जीतने से 3 अंक दूर थीं और इस मौके के निकल जाने का उन्हें दुख है।
हार के बावजूद वापसी का इरादा
सिंधु ने अपने बयान में हार को लेकर निराशा जाहिर की, लेकिन अपने लंबे करियर को भी याद किया। यह उनका चौथा एशियन गेम्स अभियान था। उन्होंने 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर 2026 तक भारत के लिए खेलने को अपने सफर का अहम हिस्सा बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि एक दर्दनाक नतीजा उनके पूरे सफर को परिभाषित नहीं करता। सिंधु ने अपने प्रदर्शन की समीक्षा और अहम मौकों पर बेहतर तरीके से मुकाबला खत्म करने पर काम जारी रखने की बात कही।
एशियन गेम्स में सिंधु का रिकॉर्ड
सिंधु ने एशियन गेम्स में 2014 में डेब्यू किया था। वह 2014 में महिला सिंगल्स में कांस्य पदक जीत चुकी हैं और 2018 में रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। 2026 में उनका अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हुआ।
इस बार व्यक्तिगत बैडमिंटन स्पर्धा में भारत का अभियान पदक के बिना समाप्त हुआ। पुरुष टीम का कांस्य भारत का बैडमिंटन में इस संस्करण का एकमात्र पदक रहा।
क्वार्टर फाइनल में चेन यूफेई ने पहला गेम गंवाने के बाद लगातार 2 गेम जीते। निर्णायक गेम में उन्होंने 21-10 से जीत दर्ज की। इसलिए मैच के तकनीकी पहलू, लंबी रैलियां और अहम अंकों पर प्रदर्शन भी परिणाम का हिस्सा रहे।
दूसरे खिलाड़ियों ने भी उठाए सवाल
एशियन गेम्स के बैडमिंटन शेड्यूल को लेकर अन्य खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। रिपोर्टों में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी, जापान के कोडाई नाराओका और चीन की टैन निंग की ओर से भी रिकवरी टाइम और कार्यक्रम को लेकर चिंता का उल्लेख है।
इससे यह मुद्दा केवल सिंधु के व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं दिखता, हालांकि आयोजन समिति की ओर से खिलाड़ियों की इन शिकायतों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।