कक्षा 6-8 के साइंस शिक्षकों के लिए NCERT का ऑनलाइन कोर्स, जानिए फीस और पात्रता
NCERTX पर 12 अक्टूबर से एनरोलमेंट, साइंस टीचिंग के 40 मॉड्यूल होंगे पूरे
साइंस टीचर्स के लिए 40 सप्ताह का NCERT प्रोग्राम, ₹2,000 फीस और फाइनल एग्जाम
NCERT का ऑनलाइन प्रोग्राम साइंस शिक्षकों की विषयगत समझ और पेडागॉजिकल स्किल बेहतर करने पर केंद्रित है। 40 मॉड्यूल के बाद फाइनल एग्जाम का प्रावधान है।
📍 नई दिल्ली 🗓️ 7 अक्टूबर 2026 ✍️ Himani Panwar
नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी NCERT ने 2026-27 बैच के लिए “Teaching of Science at Middle Stage” ऑनलाइन कोर्स पेश किया है। यह प्रोग्राम मुख्य रूप से कक्षा 6 से 8 तक साइंस पढ़ाने वाले शिक्षकों की प्रोफेशनल डेवलपमेंट, विषयगत समझ और पेडागॉजिकल स्किल मजबूत करने पर केंद्रित है। NCERT की वेबसाइट पर 2026-27 कोर्स का नोटिस मौजूद है, जबकि NCERTX पोर्टल पर नए बैच का एनरोलमेंट 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
NCERTX के मुताबिक, कोर्स में कुल 40 मॉड्यूल हैं। औसतन एक मॉड्यूल पूरा करने के लिए 6 से 8 घंटे का समय निर्धारित है। हर सोमवार नया मॉड्यूल खोला जाएगा और पूरे मॉड्यूल तथा फाइनल एग्जाम को 40 सप्ताह में पूरा किया जाना है।
पाठ्यक्रम केवल साइंस के तथ्यों तक सीमित नहीं है। शुरुआती मॉड्यूल में “What is Science?”, बच्चों के सीखने की प्रक्रिया, एक्टिव लर्निंग, टीचिंग-लर्निंग स्ट्रैटेजी और असेसमेंट शामिल हैं। इसके बाद एसिड-बेस, एटम और मॉलेक्यूल, मोशन, फोर्स, एनर्जी, लाइट, इलेक्ट्रिसिटी, एस्ट्रोनॉमी, सेल, फोटोसिंथेसिस, ह्यूमन रिप्रोडक्शन, इकोसिस्टम और बायोडायवर्सिटी जैसे विषय शामिल हैं।
पात्रता के दायरे में B.Sc डिग्रीधारी, कक्षा 6-8 में साइंस पढ़ाने वाले इन-सर्विस टीचर, एजुकेशन में डिप्लोमा या डिग्री रखने वाले, ऐसे कोर्स कर रहे प्री-सर्विस टीचर और साइंस एजुकेशन से सीधे जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। वन-टाइम एनरोलमेंट फीस ₹2,000 है और इसके अलावा अलग कोर्स फीस नहीं बताई गई है। एनरोलमेंट की अंतिम तारीख 12 नवंबर 2026 है।
असेसमेंट में हर मॉड्यूल के अंत में ऑब्जेक्टिव टेस्ट और आखिर में फाइनल एग्जाम शामिल है। सभी 40 मॉड्यूल पूरे करने और 40 टेस्ट में शामिल होने वाले लर्नर्स फाइनल एग्जाम के पात्र होंगे। सफल समापन पर NCERT “Teaching of Science at Middle Stage” का ई-सर्टिफिकेट देगा।
एक अहम स्पष्टीकरण भी है। NCERTX के अनुसार यह अकादमिक और प्रोफेशनल डेवलपमेंट कोर्स है। NCERT इसे शिक्षक नियुक्ति के लिए जरूरी किसी दूसरी क्वालिफिकेशन के बराबर होने का दावा नहीं करता। इसलिए इसे टीचर रिक्रूटमेंट की अनिवार्य योग्यता समझना सही नहीं होगा।
आवेदक आधिकारिक NCERTX कोर्स पेज पर कार्यक्रम की जानकारी देख सकते हैं।
इस पहल की अहमियत इसकी अवधि से ज्यादा इसके पेडागॉजिकल डिजाइन में है। मिडिल स्टेज वह दौर है जहां विद्यार्थी बेसिक साइंस से अधिक कॉन्सेप्चुअल समझ की तरफ बढ़ते हैं। NCERT का पाठ्यक्रम कंटेंट नॉलेज के साथ प्रश्न पूछने, क्रिटिकल थिंकिंग, एक्टिव लर्निंग और बच्चों द्वारा ज्ञान के निर्माण जैसे पहलुओं पर जोर देता है।
दूसरा अहम पहलू ऑनलाइन एक्सेस है। NCERT के मुताबिक इसका मकसद ऐसे शिक्षकों तक भी कैपेसिटी-बिल्डिंग पहुंचाना है जिनकी शैक्षिक संसाधनों या ट्रेनिंग प्रोग्राम तक पहुंच सीमित है।
हालांकि अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी तथ्य इसकी वैधानिक स्थिति है। यह प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम है, शिक्षक नियुक्ति की वैकल्पिक या अनिवार्य क्वालिफिकेशन नहीं। इस फर्क को एडमिशन और करियर संबंधी रिपोर्टिंग में साफ रखना जरूरी है।