तब्बू का 55वां जन्मदिन आज, जानिए फिल्मी सफर और निजी जिंदगी की कहानी।
शादी को जिंदगी की शर्त नहीं मानतीं तब्बू, रिश्तों पर अभिनेत्री का बेबाक नजरिया।
55 की उम्र में भी सिनेमा में सक्रिय तब्बू, क्यों चुनी अकेले जिंदगी?
55 साल की हुईं तब्बू, शादी से दूरी पर दिया था बेबाक जवाब, 2 नेशनल अवॉर्ड से सजा फिल्मी सफर
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री तब्बू 4 नवंबर 2026 को अपना 55वां जन्मदिन मना रही हैं। हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय फिल्मों तक अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाली तब्बू ने अपने करियर में ऐसे किरदार निभाए हैं, जिन्होंने उन्हें दूसरी अभिनेत्रियों से अलग पहचान दी। उनकी निजी जिंदगी भी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। खासतौर पर शादी नहीं करने और रिश्तों को लेकर उनके विचार लोगों की दिलचस्पी का केंद्र रहे हैं।
📍 हैदराबाद | 🗓️ 4 नवंबर 2026 | ✍️ Himani panwar
परिचय: 55 साल की उम्र में भी अभिनय का सफर जारी
तब्बू का जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। उनका पूरा नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है। बचपन से ही अभिनय की दुनिया से जुड़ी तब्बू ने हिंदी के साथ तेलुगु, तमिल, मलयालम, मराठी और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है।
उनकी खासियत यह रही है कि उन्होंने अपने करियर में केवल व्यावसायिक फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। गंभीर सामाजिक विषयों, मनोवैज्ञानिक किरदारों और महिला केंद्रित कहानियों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई।
तब्बू की निजी जिंदगी पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अभिनेत्री ने कभी शादी नहीं की और अपने रिश्तों को लेकर सार्वजनिक चर्चा को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
हिंदुस्तान टाइम्स को 2017 में दिए एक पुराने इंटरव्यू में तब्बू ने कहा था कि उन्हें समझ नहीं आता कि किसी व्यक्ति के शादीशुदा या अविवाहित होने को इतनी बड़ी बात क्यों बनाया जाता है।
उन्होंने अपने जवाब में कहा था कि वह किसी व्यक्ति का आकलन उसकी वैवाहिक स्थिति या इस आधार पर नहीं करतीं कि उसके बच्चे हैं या नहीं। उन्होंने शादी से जुड़े सवालों को उबाऊ बताते हुए बातचीत को दूसरे विषय पर ले जाने की इच्छा जताई थी।
तब्बू ने एक अन्य पुराने इंटरव्यू में रिश्तों और व्यक्तिगत आजादी पर भी अपने विचार साझा किए थे।
उन्होंने कहा था कि इंसान की खुशी कई ऐसी चीजों से जुड़ी होती है, जिनका रिश्ते की स्थिति से सीधा संबंध नहीं होता। उनके मुताबिक, गलत साथी के साथ रहने से मिलने वाली परेशानी अकेलेपन से भी अधिक मुश्किल हो सकती है।
उन्होंने आदर्श रिश्ते की व्याख्या करते हुए कहा था कि दोनों लोगों को एक-दूसरे की जिंदगी में रहते हुए आगे बढ़ने और विकसित होने का अवसर मिलना चाहिए।
उनका यह नजरिया उनकी निजी पसंद और जीवन के प्रति स्वतंत्र दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में बतौर लीड अभिनेत्री अपनी पहचान बनाई। 1991 में तेलुगु फिल्म कुली नंबर 1 में वह मुख्य भूमिका में नजर आईं।
हिंदी फिल्मों में बतौर मुख्य अभिनेत्री उनकी शुरुआत 1995 की फिल्म प्रेम से हुई। इसके बाद विजयपथ ने उन्हें बॉलीवुड में लोकप्रियता दिलाई।
माचिस से चांदनी बार तक, अभिनय ने बनाई अलग पहचान
तब्बू के करियर में 1996 की फिल्म माचिस एक अहम पड़ाव साबित हुई। गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने वीरन का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्हें पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
इसके बाद 2001 में आई चांदनी बार में मुमताज के किरदार ने उनके अभिनय की नई पहचान बनाई। इस फिल्म के लिए उन्हें दूसरा नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
तब्बू ने अस्तित्व, विरासत, मकबूल, हैदर, अंधाधुन और दृश्यम जैसी फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं।
नागार्जुन के साथ रिश्ते की चर्चा क्यों हुई?
तब्बू का नाम दक्षिण भारतीय अभिनेता नागार्जुन के साथ भी जोड़ा जाता रहा है। दोनों ने फिल्मों में साथ काम किया था और उनकी दोस्ती को लेकर कई बार चर्चाएं हुईं।
मीडिया रिपोर्टों में दोनों के बीच लंबे समय तक रिश्ते की बात कही गई, लेकिन दोनों ने अपने संबंधों को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत पुष्टि नहीं की।
नागार्जुन ने एक पुराने इंटरव्यू में तब्बू को अपनी शानदार दोस्त बताया था। इसलिए इस रिश्ते से जुड़े अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
फिल्म के निर्माताओं ने जन्मदिन के अवसर पर तब्बू का फर्स्ट लुक जारी किया है। इससे उनके प्रशंसकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ी है।
निष्कर्ष: निजी फैसले से नहीं, काम से बनी पहचान
तब्बू का 55वां जन्मदिन उनके लंबे फिल्मी सफर और अभिनय की निरंतरता को याद करने का अवसर है। उन्होंने शादी को अपनी जिंदगी की अनिवार्यता नहीं माना और अपने निजी फैसलों पर सार्वजनिक दबाव को हावी नहीं होने दिया।
उनकी कहानी यह दिखाती है कि किसी कलाकार की पहचान उसके वैवाहिक दर्जे से नहीं, बल्कि उसके काम, हुनर और पेशेवर योगदान से तय होती है।