रावलपिंडी वनडे में पाकिस्तान की 87 रन से जीत, मिन्हास बने मैच के हीरो
91/0 से 215 पर ऑलआउट, इंग्लैंड की पारी कैसे बिखरी?
बाबर ने बनाए 34, रूट 33 पर आउट, मिन्हास ने पलटा मुकाबला
रावलपिंडी वनडे में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 87 रन से हराया। अराफात मिन्हास ने 59 रन बनाने के बाद 6 विकेट लिए। पाकिस्तान के 302/9 के जवाब में इंग्लैंड 38.4 ओवर में 215 रन पर सिमट गया।
📍 रावलपिंडी, पाकिस्तान | 🗓️ 20 अक्टूबर 2026 | ✍️Himani panwar
मिन्हास के ऑलराउंड प्रदर्शन से जीत
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, पाकिस्तान ने रावलपिंडी में इंग्लैंड को 87 रन से हराकर त्रिकोणीय वनडे सीरीज़ में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। अराफात मिन्हास को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मुश्किल शुरुआत के बाद संभली पारी
बोर्ड के विवरण में पाकिस्तान का स्कोर एक समय 81/4 दर्ज है। हसन नवाज़ ने 79 रन बनाकर पारी को संभाला। बाबर आज़म ने 52 गेंदों पर 34 रन बनाए।
बल्लेबाज़ी के बाद गेंदबाज़ी में भी योगदान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, मिन्हास ने 58 गेंदों पर 59 रन बनाए। फिर बाएं हाथ की स्पिन से 6/40 का प्रदर्शन किया। पाकिस्तान ने निर्धारित 50 ओवर में 302/9 बनाए थे।
अच्छी शुरुआत का लाभ नहीं उठा सका इंग्लैंड
उपलब्ध मैच विवरण के मुताबिक, इंग्लैंड के ओपनरों ने 91 रन जोड़े। इसके बाद विकेट गिरते गए। टॉम बैंटन ने 57 और बेन डकेट ने 45 रन बनाए। जो रूट की पारी 35 गेंदों पर 33 रन पर समाप्त हुई।
अहम आंकड़े
• पाकिस्तान: 302/9, 50 ओवर। • इंग्लैंड: 215 ऑलआउट, 38.4 ओवर। • जीत का अंतर: 87 रन। • मिन्हास: 59 रन और 6/40। • हसन नवाज़: 79 रन।
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ये आंकड़े आधिकारिक मैच विवरण में दर्ज हैं।
खास उपलब्धि में शामिल मिन्हास
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अनुसार, मिन्हास एक ही पुरुष वनडे में अर्धशतक और कम से कम 5 विकेट लेने वाले पाकिस्तान के तीसरे खिलाड़ी बने। उनसे पहले शाहिद अफरीदी और अब्दुल रज़्ज़ाक यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
आगे के मुकाबले
बोर्ड के प्रकाशित कार्यक्रम के मुताबिक, इंग्लैंड को 22 अक्टूबर को रावलपिंडी में श्रीलंका से खेलना है। पाकिस्तान और इंग्लैंड का अगला मुकाबला 25 अक्टूबर को लाहौर में निर्धारित है।
मैच का निर्णायक अंतर पाकिस्तान के निचले मध्यक्रम का योगदान और इंग्लैंड की साझेदारियां टूटना रहा। स्कोर की स्थिति बताती है कि शुरुआती विकेट खोने के बावजूद प्रतिस्पर्धी कुल तक पहुंचना अहम था। इंग्लैंड के लिए अच्छी शुरुआत को लंबी साझेदारी में बदलना अगली चुनौती होगी।