74 वर्षीय सुमन धामने ने यूट्यूब पर 'आपली आजी' चैनल शुरू कर हर महीने 6 लाख रुपये की कमाई शुरू की। जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी।
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) "सीखने और कुछ नया शुरू करने की कोई उम्र नहीं होती"—इस कहावत को सच कर दिखाया है महाराष्ट्र की 74 वर्षीय सुमन धामने ने। सुमन, जो अब 'आपली आजी' के नाम से यूट्यूब पर मशहूर हैं, हर महीने 5 से 6 लाख रुपये की कमाई कर रही हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर 17.9 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और यह सफर शुरू हुआ था मार्च 2020 में, उनके 17 वर्षीय पोते यश के एक सुझाव से।
पोते की पहल, दादी की मेहनत
अहमदनगर जिले के सरोला कासार गांव की रहने वाली सुमन धामने को यूट्यूब की दुनिया से कोई वास्ता नहीं था। उनके पोते यश ने उन्हें पाव भाजी बनाने को कहा और फिर वही वीडियो यूट्यूब पर डाला। वीडियो को जब लोगों ने पसंद किया, तो सुमन ने इस सफर को गंभीरता से अपनाया।
तकनीकी चुनौतियों के बावजूद जारी रखा सफर
शुरुआत में कैमरे के सामने बोलने में झिझक, तकनीकी परेशानियां और यहां तक कि चैनल हैक होने जैसी मुश्किलें आईं, लेकिन सुमन पीछे नहीं हटीं। अपने सादगीभरे अंदाज और पारंपरिक महाराष्ट्रीयन रेसिपी से उन्होंने लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई।
खासियत: पारंपरिक स्वाद और अपनापन
‘आपली आजी’ चैनल पर पाव भाजी, करेले की सब्जी, पूरणपोली और पारंपरिक मिठाइयों की रेसिपी मिलती हैं। यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद से भरपूर होती हैं, बल्कि उनमें सुमन की अपनापन भरी आवाज और तरीका दर्शकों को पुराने दिनों की याद दिलाता है।
सिर्फ यूट्यूब नहीं, अब बिजनेस भी
सुमन आज सिर्फ एक यूट्यूबर नहीं हैं, बल्कि एक उद्यमी भी बन गई हैं। उन्होंने अपने मसालों की एक रेंज भी लॉन्च की है, जिससे वह अपने फैंस से और भी जुड़ गई हैं।
प्रेरणा बनीं 'आपली आजी'
सुमन धामने की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर परिवार का साथ हो और दिल में कुछ कर गुजरने की लगन हो, तो उम्र सिर्फ एक नंबर बनकर रह जाती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स आज हर उम्र के लोगों के लिए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।
लाखों लोगों को दे रहा है प्रेरणा
सुमन धामने की सफलता यह दिखाती है कि जीवन में कभी भी शुरुआत की जा सकती है। उनका जीवन, उनका काम और उनका आत्मविश्वास आज लाखों लोगों को प्रेरणा दे रहा है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।