सोमवार, 24 August 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
None

एक सदी की विरासत: एसआरसीसी में वार्षिक एलुमनाई मीट

None 2026-02-09 16:16:04
एक सदी की विरासत: एसआरसीसी में वार्षिक एलुमनाई मीट

एसआरसीसी शताब्दी समारोह में पूर्व छात्र लौटे अपने परिसर

शताब्दी वर्ष में एसआरसीसी परिसर बना स्मृतियों का केंद्र

दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में शताब्दी वर्ष के तहत वार्षिक पूर्व छात्र मिलन आयोजित हुआ। देश और विदेश से आए पूर्व छात्र एक साथ परिसर में जुटे।एसआरसीसी शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित एलुमनाई मीट में विभिन्न पीढ़ियों के पूर्व छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों की उपस्थिति दर्ज की गई। कार्यक्रम में संवाद, स्मृतियां और संस्थागत जुड़ाव प्रमुख रहा।

📍New Delhi ✍️ Asif Khan 

शताब्दी वर्ष में विशेष आयोजन

दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में रविवार को शताब्दी वर्ष समारोहों के अंतर्गत वार्षिक पूर्व छात्र मिलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन कॉलेज परिसर में दिनभर चला, जिसमें अलग अलग दशकों के पूर्व छात्रों ने भाग लिया। कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह मिलन समारोह शताब्दी कार्यक्रमों की प्रमुख कड़ी रहा, जिसका उद्देश्य पूर्व छात्रों और वर्तमान संस्थान के बीच निरंतर संवाद बनाए रखना था।

पारंपरिक शुरुआत और परिसर का माहौल

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक मशाल जुलूस से हुई। कॉलेज परिसर में सुबह से ही पंजीकरण डेस्क, स्वागत काउंटर और सूचना केंद्र सक्रिय रहे। पूर्व छात्र अपने बैच के सहपाठियों और शिक्षकों से मिले। परिसर में पुराने और नए भवनों के बीच संवाद का माहौल देखने को मिला।

विभिन्न क्षेत्रों से पूर्व छात्रों की भागीदारी

इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन, सिविल सर्विस, कॉरपोरेट सेक्टर, मीडिया, शिक्षा और क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े पूर्व छात्र उपस्थित रहे। कॉलेज प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे पूर्व छात्र शामिल हुए जो वर्तमान में पब्लिक सर्विस, लॉ, मैनेजमेंट और बिज़नेस से जुड़े हैं।

कॉलेज प्रशासन का संबोधन

एसआरसीसी की प्राचार्या प्रोफेसर सिमरित कौर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष केवल संस्थान की उम्र का प्रतीक नहीं है, बल्कि उन लोगों की यात्रा का भी दस्तावेज है जिन्होंने कॉलेज को पहचान दी। उन्होंने बताया कि पूर्व छात्रों की निरंतर भागीदारी कॉलेज की अकादमिक और सामाजिक गतिविधियों को मजबूती देती है।

गवर्निंग बॉडी का दृष्टिकोण

एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष अजय एस श्रीराम ने कहा कि यह मिलन समारोह कॉलेज की निरंतर प्रासंगिकता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि एसआरसीसी का फोकस हमेशा वैल्यू बेस्ड एजुकेशन और व्यावहारिक सोच विकसित करने पर रहा है।

एलुमनाई एसोसिएशन की भूमिका

एसआरसीसी एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ गिरिश आहूजा ने कहा कि यह आयोजन अलग अलग दशकों को जोड़ने वाला मंच है। उनके अनुसार एलुमनाई नेटवर्क केवल स्मृतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के मार्गदर्शन और संस्थान के विकास से भी जुड़ा है।

पूर्व छात्रों की निरंतर भागीदारी

एलुमनाई एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रवि गुप्ता ने बताया कि शताब्दी वर्ष में पूर्व छात्रों की भागीदारी में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव आने वाले वर्षों में भी जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।

संगठनात्मक गतिविधियां

एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव सुशील अग्रवाल ने कहा कि आज पूर्व छात्र कॉलेज के साथ मेंटरशिप, स्कॉलरशिप और अकादमिक सहयोग के माध्यम से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि शताब्दी समारोह में इस सहभागिता को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

विशिष्ट पूर्व छात्रों के अनुभव

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अर्जुन सीकरी ने अपने संबोधन में कहा कि कॉलेज में बिताया समय उनके प्रोफेशनल जीवन की नींव बना। उन्होंने बताया कि यहां मिली शिक्षा और डिसिप्लिन ने उनके निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित किया।

मीडिया और सार्वजनिक जीवन से जुड़े पूर्व छात्र

इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने कहा कि एसआरसीसी में पढ़ाई ने उन्हें स्पष्ट सोच और जिम्मेदार संवाद की समझ दी। उन्होंने बताया कि कॉलेज का वातावरण छात्रों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए तैयार करता है।

अन्य वक्ताओं की उपस्थिति

कार्यक्रम में उद्यमी सी आर राय सहित कई अन्य पूर्व छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कॉलेज के प्रोफेसर डॉ अरुणा झा, डॉ मीशा गोयल, डॉ रचना जावा और डॉ सपना बंसल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

अनौपचारिक संवाद और नेटवर्किंग

दिन के उत्तरार्ध में पूर्व छात्रों के लिए अनौपचारिक संवाद सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में करियर, शिक्षा और सामाजिक भूमिका से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह संवाद शताब्दी समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

रात्रिभोज के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन रात्रिभोज के साथ हुआ। इसमें पूर्व छात्र, शिक्षक, अतिथि और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न बैचों के बीच संवाद और मुलाकात का यह अवसर देर शाम तक जारी रहा।

शताब्दी समारोह का व्यापक संदर्भ

कॉलेज प्रशासन ने बताया कि शताब्दी वर्ष के दौरान अकादमिक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है। वार्षिक पूर्व छात्र मिलन इन्हीं आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा है।

संस्थान और पूर्व छात्रों का संबंध

इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि समय के साथ संस्थान और उसके पूर्व छात्रों के बीच संबंध बना रहता है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से यह संवाद जारी रखा जाएगा।

-->

एसआरसीसी शताब्दी समारोह में पूर्व छात्र लौटे अपने परिसर

शताब्दी वर्ष में एसआरसीसी परिसर बना स्मृतियों का केंद्र

दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में शताब्दी वर्ष के तहत वार्षिक पूर्व छात्र मिलन आयोजित हुआ। देश और विदेश से आए पूर्व छात्र एक साथ परिसर में जुटे।एसआरसीसी शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित एलुमनाई मीट में विभिन्न पीढ़ियों के पूर्व छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों की उपस्थिति दर्ज की गई। कार्यक्रम में संवाद, स्मृतियां और संस्थागत जुड़ाव प्रमुख रहा।

📍New Delhi ✍️ Asif Khan 

शताब्दी वर्ष में विशेष आयोजन

दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में रविवार को शताब्दी वर्ष समारोहों के अंतर्गत वार्षिक पूर्व छात्र मिलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन कॉलेज परिसर में दिनभर चला, जिसमें अलग अलग दशकों के पूर्व छात्रों ने भाग लिया। कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह मिलन समारोह शताब्दी कार्यक्रमों की प्रमुख कड़ी रहा, जिसका उद्देश्य पूर्व छात्रों और वर्तमान संस्थान के बीच निरंतर संवाद बनाए रखना था।

पारंपरिक शुरुआत और परिसर का माहौल

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक मशाल जुलूस से हुई। कॉलेज परिसर में सुबह से ही पंजीकरण डेस्क, स्वागत काउंटर और सूचना केंद्र सक्रिय रहे। पूर्व छात्र अपने बैच के सहपाठियों और शिक्षकों से मिले। परिसर में पुराने और नए भवनों के बीच संवाद का माहौल देखने को मिला।

विभिन्न क्षेत्रों से पूर्व छात्रों की भागीदारी

इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन, सिविल सर्विस, कॉरपोरेट सेक्टर, मीडिया, शिक्षा और क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े पूर्व छात्र उपस्थित रहे। कॉलेज प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे पूर्व छात्र शामिल हुए जो वर्तमान में पब्लिक सर्विस, लॉ, मैनेजमेंट और बिज़नेस से जुड़े हैं।

कॉलेज प्रशासन का संबोधन

एसआरसीसी की प्राचार्या प्रोफेसर सिमरित कौर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष केवल संस्थान की उम्र का प्रतीक नहीं है, बल्कि उन लोगों की यात्रा का भी दस्तावेज है जिन्होंने कॉलेज को पहचान दी। उन्होंने बताया कि पूर्व छात्रों की निरंतर भागीदारी कॉलेज की अकादमिक और सामाजिक गतिविधियों को मजबूती देती है।

गवर्निंग बॉडी का दृष्टिकोण

एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष अजय एस श्रीराम ने कहा कि यह मिलन समारोह कॉलेज की निरंतर प्रासंगिकता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि एसआरसीसी का फोकस हमेशा वैल्यू बेस्ड एजुकेशन और व्यावहारिक सोच विकसित करने पर रहा है।

एलुमनाई एसोसिएशन की भूमिका

एसआरसीसी एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ गिरिश आहूजा ने कहा कि यह आयोजन अलग अलग दशकों को जोड़ने वाला मंच है। उनके अनुसार एलुमनाई नेटवर्क केवल स्मृतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के मार्गदर्शन और संस्थान के विकास से भी जुड़ा है।

पूर्व छात्रों की निरंतर भागीदारी

एलुमनाई एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रवि गुप्ता ने बताया कि शताब्दी वर्ष में पूर्व छात्रों की भागीदारी में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव आने वाले वर्षों में भी जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।

संगठनात्मक गतिविधियां

एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव सुशील अग्रवाल ने कहा कि आज पूर्व छात्र कॉलेज के साथ मेंटरशिप, स्कॉलरशिप और अकादमिक सहयोग के माध्यम से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि शताब्दी समारोह में इस सहभागिता को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

विशिष्ट पूर्व छात्रों के अनुभव

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अर्जुन सीकरी ने अपने संबोधन में कहा कि कॉलेज में बिताया समय उनके प्रोफेशनल जीवन की नींव बना। उन्होंने बताया कि यहां मिली शिक्षा और डिसिप्लिन ने उनके निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित किया।

मीडिया और सार्वजनिक जीवन से जुड़े पूर्व छात्र

इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने कहा कि एसआरसीसी में पढ़ाई ने उन्हें स्पष्ट सोच और जिम्मेदार संवाद की समझ दी। उन्होंने बताया कि कॉलेज का वातावरण छात्रों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए तैयार करता है।

अन्य वक्ताओं की उपस्थिति

कार्यक्रम में उद्यमी सी आर राय सहित कई अन्य पूर्व छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कॉलेज के प्रोफेसर डॉ अरुणा झा, डॉ मीशा गोयल, डॉ रचना जावा और डॉ सपना बंसल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

अनौपचारिक संवाद और नेटवर्किंग

दिन के उत्तरार्ध में पूर्व छात्रों के लिए अनौपचारिक संवाद सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में करियर, शिक्षा और सामाजिक भूमिका से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह संवाद शताब्दी समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

रात्रिभोज के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन रात्रिभोज के साथ हुआ। इसमें पूर्व छात्र, शिक्षक, अतिथि और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न बैचों के बीच संवाद और मुलाकात का यह अवसर देर शाम तक जारी रहा।

शताब्दी समारोह का व्यापक संदर्भ

कॉलेज प्रशासन ने बताया कि शताब्दी वर्ष के दौरान अकादमिक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है। वार्षिक पूर्व छात्र मिलन इन्हीं आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा है।

संस्थान और पूर्व छात्रों का संबंध

इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि समय के साथ संस्थान और उसके पूर्व छात्रों के बीच संबंध बना रहता है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से यह संवाद जारी रखा जाएगा।

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर