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दिसंबर में होगा मुस्लिम 'मोदी मित्रों' का सम्मेलन,पीएम अपने चाहने वालों से करेंगे सीधा संवाद

None • 2023-06-08 17:22:42
दिसंबर में होगा मुस्लिम 'मोदी मित्रों' का सम्मेलन,पीएम अपने चाहने वालों से करेंगे सीधा संवाद

  • 14 राज्यों की 65 लोकसभा सीटों पर बीजेपी की नजर
  • 100 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाता करते हैं नतीजों को प्रभावित
  • हर लोकसभा सीट पर 5000 मुस्लिम मोदी मित्र बनाने का लक्ष्य है अल्पसंख्यक मोर्चे का

यूसुफ़ अंसारी

नई दिल्ली। अगला लोकसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी मुस्लिम समाज में भी पैठ बनाने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इसके लिए बीजेपी ने मुस्लिम समाज में बड़े पैमाने पर मुस्लिम मित्र बनाने की मुहिम छेड़ी हुई है। मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों पर हर लोकसभा में कम से कम 5000 मुस्लिम मित्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी ने दिसंबर में दिल्ली में मुस्लिम मित्रों का एक बड़ा सम्मेलन बुलाने की योजना बनाई है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपने चाहने वालों से सीधा संवाद करेंगे।

भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने खास बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे पहले अक्टूबर से राज्यों की राजधानियों में मुस्लिम मोदी मित्रों के सम्मेलन शुरू हो जाएंगे। अगले लोकसभा चुनाव में जीत के लिए यह रणनीति बनाई गई है। हर राज्य में भाजपा का अल्पसंख्यक मोर्चा हर लोकसभा सीट पर 5000 मुस्लिम मोदी मित्र बनाने की मुहिम में जुटा है। बीजेपी मुस्लिम समाज से ऐसे लोगों को मोदी मित्र बना रही है जिन्हें सीधे बीजेपी से जुड़ने में एतराज है लेकिन वो बतौर पीएम नरेंद्र मोदी को पसंद करते हैं। विश्व नेता के रूप में नरेंद्र मोदी को स्थापित करना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी के विज़न और उनके देश को आगे बढ़ाने के कार्यक्रमों से सहमत हैं।

जमाल सिद्दीकी कहते हैं कि ऐसे मुसलमान ढूंढना भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन मुस्लिम समाज में प्रधानमंत्री को निजी तौर पर पसंद करने वालों की संख्या बढ़ी है। हमारी कोशिश उन तक पहुंचकर उन्हें मोदी मित्र बबने को राज़ी करना और उनके जरिए मुस्लिम समाज में पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की पहुंच को बढ़ाना है। मोदी मित्र बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरत नहीं है। इनमें वकील, इंजीनियर, डाक्टर, टीचर और अन्य सरकारी कर्मचारी भी हो सकते हैं। इनका काम सिर्फ समाज में पीएम नरेंद्र मोदी और उनके विज़न का प्रचार- प्रसार करना है।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में हैदराबाद में हुई भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पसमांदा मुसलमानों के बीच पार्टी को काम करने की हिदायत दी थी। उसके बाद से बीजेपी ने पसमांदा मुसलमानों को जुड़ने के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाया। उत्तर प्रदेश में इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं। रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट पर जीत बीजेपी की इन्हीं कोशिशों का नतीजा है। बीजेपी ने अपना दल के सहारे ये जीत दर्ज की है। लेकिन बीजेपी मुसलमानों के बीच लगातार पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। नरेंद्र मोदी की सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर पार्टी की तरफ से मुसलमानों के बीच इस बात का बकायदा प्रचार किया जा रहा है कि मोदी की किन-किन योजनाओं से मुस्लिम समाज को सीधा फायदा हुआ है।

जमाल सिद्दीकी बताते हैं कि उन्होंने देशभर में 14 राज्यों मुस्लिम बहुल 65 लोकसभा सीटों की पहचान की है। ये वह सीटें हैं जहां मुसलमानों की आबादी 30% से ज्यादा है। जमाल सिद्दीकी के मुताबिक लोकसभा की 100 से ज्यादा सीटों पर मुसलमान असरदार भूमिका निभाते हैं। चुनाव जिताने हराने में उनकी बड़ी भूमिका होती है। ऐसी सभी सीटों पर उन्होंने 5000 मोदी मित्र बनाने का लक्ष्य रखा है‌‌। कई सीटों पर यह लक्ष्य पूरा हो चुका है। दिसंबर तक इस लक्ष्य को पूरा किया जाना है। उसके बाद दिल्ली में सभी मोदी मित्रों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा इस सम्मेलन में मोदी खुद अपने चाहने वालों से सीधे संवाद करेंगे। इसे अगले लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी मुस्लिम समाज को अपने मुस्लिम मित्रों के जरिए महत्वपूर्ण संदेश देंगे। इसका फायदा बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में निश्चित तौर पर होगा। ‌

  • 14 राज्यों की 65 लोकसभा सीटों पर बीजेपी की नजर
  • 100 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाता करते हैं नतीजों को प्रभावित
  • हर लोकसभा सीट पर 5000 मुस्लिम मोदी मित्र बनाने का लक्ष्य है अल्पसंख्यक मोर्चे का

यूसुफ़ अंसारी

नई दिल्ली। अगला लोकसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी मुस्लिम समाज में भी पैठ बनाने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इसके लिए बीजेपी ने मुस्लिम समाज में बड़े पैमाने पर मुस्लिम मित्र बनाने की मुहिम छेड़ी हुई है। मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों पर हर लोकसभा में कम से कम 5000 मुस्लिम मित्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी ने दिसंबर में दिल्ली में मुस्लिम मित्रों का एक बड़ा सम्मेलन बुलाने की योजना बनाई है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपने चाहने वालों से सीधा संवाद करेंगे।

भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने खास बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे पहले अक्टूबर से राज्यों की राजधानियों में मुस्लिम मोदी मित्रों के सम्मेलन शुरू हो जाएंगे। अगले लोकसभा चुनाव में जीत के लिए यह रणनीति बनाई गई है। हर राज्य में भाजपा का अल्पसंख्यक मोर्चा हर लोकसभा सीट पर 5000 मुस्लिम मोदी मित्र बनाने की मुहिम में जुटा है। बीजेपी मुस्लिम समाज से ऐसे लोगों को मोदी मित्र बना रही है जिन्हें सीधे बीजेपी से जुड़ने में एतराज है लेकिन वो बतौर पीएम नरेंद्र मोदी को पसंद करते हैं। विश्व नेता के रूप में नरेंद्र मोदी को स्थापित करना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी के विज़न और उनके देश को आगे बढ़ाने के कार्यक्रमों से सहमत हैं।

जमाल सिद्दीकी कहते हैं कि ऐसे मुसलमान ढूंढना भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन मुस्लिम समाज में प्रधानमंत्री को निजी तौर पर पसंद करने वालों की संख्या बढ़ी है। हमारी कोशिश उन तक पहुंचकर उन्हें मोदी मित्र बबने को राज़ी करना और उनके जरिए मुस्लिम समाज में पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की पहुंच को बढ़ाना है। मोदी मित्र बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरत नहीं है। इनमें वकील, इंजीनियर, डाक्टर, टीचर और अन्य सरकारी कर्मचारी भी हो सकते हैं। इनका काम सिर्फ समाज में पीएम नरेंद्र मोदी और उनके विज़न का प्रचार- प्रसार करना है।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में हैदराबाद में हुई भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पसमांदा मुसलमानों के बीच पार्टी को काम करने की हिदायत दी थी। उसके बाद से बीजेपी ने पसमांदा मुसलमानों को जुड़ने के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाया। उत्तर प्रदेश में इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं। रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट पर जीत बीजेपी की इन्हीं कोशिशों का नतीजा है। बीजेपी ने अपना दल के सहारे ये जीत दर्ज की है। लेकिन बीजेपी मुसलमानों के बीच लगातार पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। नरेंद्र मोदी की सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर पार्टी की तरफ से मुसलमानों के बीच इस बात का बकायदा प्रचार किया जा रहा है कि मोदी की किन-किन योजनाओं से मुस्लिम समाज को सीधा फायदा हुआ है।

जमाल सिद्दीकी बताते हैं कि उन्होंने देशभर में 14 राज्यों मुस्लिम बहुल 65 लोकसभा सीटों की पहचान की है। ये वह सीटें हैं जहां मुसलमानों की आबादी 30% से ज्यादा है। जमाल सिद्दीकी के मुताबिक लोकसभा की 100 से ज्यादा सीटों पर मुसलमान असरदार भूमिका निभाते हैं। चुनाव जिताने हराने में उनकी बड़ी भूमिका होती है। ऐसी सभी सीटों पर उन्होंने 5000 मोदी मित्र बनाने का लक्ष्य रखा है‌‌। कई सीटों पर यह लक्ष्य पूरा हो चुका है। दिसंबर तक इस लक्ष्य को पूरा किया जाना है। उसके बाद दिल्ली में सभी मोदी मित्रों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा इस सम्मेलन में मोदी खुद अपने चाहने वालों से सीधे संवाद करेंगे। इसे अगले लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी मुस्लिम समाज को अपने मुस्लिम मित्रों के जरिए महत्वपूर्ण संदेश देंगे। इसका फायदा बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में निश्चित तौर पर होगा। ‌

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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