AAP नेताओं ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन किया। सौरभ भारद्वाज और जरनैल सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया और रिहा कर दिया। पुलिस ने AAP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की। वर्मा के खिलाफ शिकायत पर NCR दर्ज हुई। पक्षों के आरोपों की जांच जारी है। अब मामला पुलिस कार्रवाई तक पहुंचा है।
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📍 New Delhi 📰 29 September 2026 ✍️ Apurva Choudhary
प्रवेश वर्मा विवाद में AAP का प्रदर्शन
दिल्ली में PWD मंत्री प्रवेश वर्मा से जुड़े थप्पड़ विवाद ने 29 सितंबर को नया राजनीतिक मोड़ ले लिया। आम आदमी पार्टी ने मंत्री के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया गया।
AAP नेताओं का प्रदर्शन उस घटना के बाद हुआ जिसमें 27 सितंबर को पश्चिमी दिल्ली में सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान एक युवक के साथ प्रवेश वर्मा की कथित हाथापाई और थप्पड़ का वीडियो सामने आया था। AAP ने इस घटना को लेकर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई और FIR की मांग की है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आई हैं। प्रवेश वर्मा के खिलाफ युवक की शिकायत पर NCR दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है, जबकि AAP विधायक जरनैल सिंह और अन्य के खिलाफ अलग शिकायत के आधार पर FIR दर्ज हुई है।
सौरभ भारद्वाज और जरनैल सिंह हिरासत में
29 सितंबर को AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि प्रवेश वर्मा के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के जरिए रोकने की कोशिश की।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक सौरभ भारद्वाज और जरनैल सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। बाद में दोनों नेताओं समेत हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया।
Hindustan Times की लाइव रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों को LIC राउंडअबाउट के पास बैरिकेड लगाकर रोका गया और पुलिस ने क्षेत्र को प्रतिबंधित बताते हुए प्रदर्शनकारियों से हटने को कहा। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने मौके से हटाया।
AAP नेताओं के खिलाफ भी FIR
विवाद का दूसरा पक्ष उस पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है जिसमें AAP विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार एक PWD अधिकारी की शिकायत में सरकारी कर्मचारियों के काम में कथित बाधा और धमकी से संबंधित आरोप लगाए गए थे।
बाद की रिपोर्टों में सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और कुछ अन्य AAP कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट के संबंध में भी मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। ये पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है।
इस कार्रवाई के बाद AAP ने सवाल उठाया कि जिस घटना में प्रवेश वर्मा पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप है, उसमें मंत्री के खिलाफ FIR क्यों नहीं दर्ज की गई। पुलिस रिकॉर्ड में फिलहाल वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज होने और AAP नेताओं के खिलाफ FIR होने की स्थिति सामने आती है।
प्रवेश वर्मा के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने 28 सितंबर को प्रवेश वर्मा के खिलाफ एक Non-Cognisable Report यानी NCR दर्ज की थी। यह शिकायत उस 22 वर्षीय युवक साहिब सिंह की ओर से सामने आई, जिसने आरोप लगाया कि सड़क निरीक्षण के दौरान उसे थप्पड़ मारा गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
Indian Express के मुताबिक पुलिस ने शिकायत के आधार पर वर्मा के खिलाफ voluntarily causing hurt से संबंधित NCR दर्ज की। NCR और FIR में कानूनी प्रक्रिया अलग होती है और गैर-संज्ञेय मामले में पुलिस को जांच आगे बढ़ाने के लिए अदालत की अनुमति की आवश्यकता हो सकती है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई पुलिस रिकॉर्ड दर्ज नहीं हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक शिकायत पर NCR दर्ज की गई है, जबकि AAP नेताओं के खिलाफ अलग मामले में FIR दर्ज हुई है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पूरा विवाद पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर और विकस्पुरी इलाके में सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण से शुरू हुआ। करीब 5.4 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण और गुणवत्ता को लेकर AAP विधायक जरनैल सिंह ने सवाल उठाए थे।
Indian Express के अनुसार संबंधित सड़क परियोजना की लागत करीब ₹15.76 करोड़ बताई गई है। सड़क की ऊपरी परत के कुछ हिस्से हाथ से निकलने के वीडियो सामने आने के बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई।
27 सितंबर को प्रवेश वर्मा सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान साहिब सिंह और अन्य लोगों के साथ उनकी बहस हुई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वर्मा एक युवक की ओर हाथ बढ़ाते और उसे थप्पड़ मारते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो के पूरे संदर्भ और घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं।
प्रवेश वर्मा का पक्ष क्या है?
प्रवेश वर्मा ने घटना को AAP द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे तरीके से अलग बताया है। उनके अनुसार मौके पर मौजूद AAP कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ा।
Hindustan Times ने वर्मा के हवाले से बताया कि उन्होंने घटना को केवल सड़क की गुणवत्ता पर उठाए गए सवालों से जुड़ा मामला मानने से इनकार किया और अपने पक्ष में कथित उकसावे का उल्लेख किया।
दूसरी ओर साहिब सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे और इसी दौरान उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। इन दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
AAP ने क्या मांग की?
AAP ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिलने पर समान कानूनी प्रक्रिया लागू होनी चाहिए।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विवाद में प्रवेश वर्मा की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित सड़क परियोजना की जांच और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये राजनीतिक मांगें हैं और इनके आधार पर किसी आरोप को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
सौरभ भारद्वाज और जरनैल सिंह का 29 सितंबर का प्रदर्शन इसी मांग को लेकर था। AAP नेताओं ने पुलिस से प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की और प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने का विरोध किया।
BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव
घटना के बाद BJP और AAP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। AAP ने प्रवेश वर्मा पर कार्रवाई की मांग की, जबकि BJP की ओर से घटना को AAP कार्यकर्ताओं के व्यवहार और कथित उकसावे से जोड़कर सवाल उठाए गए।
मौजूदा विवाद केवल एक कथित थप्पड़ की घटना तक सीमित नहीं है। इसके साथ सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सरकारी अधिकारियों के काम में कथित हस्तक्षेप, पुलिस शिकायतों और दोनों राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जुड़ गए हैं।
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक सड़क परियोजना पर भी स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने लंबे समय बाद सड़क की मरम्मत होने की बात कही, जबकि कुछ ने नई परत की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की।
पुलिस के सामने अब दो अलग मामले
मौजूदा स्थिति में पुलिस के सामने विवाद से जुड़े दो प्रमुख कानूनी पक्ष हैं। एक तरफ साहिब सिंह की शिकायत पर प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज है। दूसरी तरफ PWD अधिकारियों की शिकायत और पुलिसकर्मी से जुड़े आरोपों के आधार पर जरनैल सिंह तथा अन्य AAP नेताओं/कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज होने की रिपोर्ट है।
पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। किसी FIR या NCR का दर्ज होना अपने आप में आरोपों के साबित होने का अर्थ नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण जांच तथा जरूरत पड़ने पर न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
29 सितंबर के बाद मामला किस दिशा में?
29 सितंबर की हिरासत और रिहाई के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। AAP इस मुद्दे को लेकर आगे भी प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई की मांग कर सकती है, जबकि पुलिस पहले से दर्ज शिकायतों और FIR की जांच कर रही है।
प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज NCR की आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। वहीं AAP नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR में पुलिस की जांच यह तय करेगी कि सरकारी काम में बाधा, पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट या अन्य लगाए गए आरोपों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड से इतना स्पष्ट है कि विवाद अब केवल सड़क निर्माण की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहा। प्रवेश वर्मा के खिलाफ शिकायत, AAP नेताओं के खिलाफ FIR, दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस हिरासत—इन सभी घटनाक्रमों ने इसे एक व्यापक राजनीतिक और कानूनी विवाद बना दिया है।
मामले में अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। इसलिए वायरल वीडियो, राजनीतिक दावों और पुलिस शिकायतों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है और किसी भी पक्ष के आरोप को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य मानना उचित नहीं होगा।