भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर को मार गिराया, जो IC-814 अपहरण कांड का मास्टरमाइंड था। यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी जीत है।
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) भारतीय सेना ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर और कुख्यात आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर को मार गिराया है। यह वही रऊफ अजहर है जिसने वर्ष 1999 में कंधार अपहरण कांड यानी इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट IC-814 के अपहरण की साजिश रची थी। खुफिया सूत्रों और सैन्य अधिकारियों ने गुरुवार को इस बड़ी सफलता की पुष्टि की।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार
भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा बुधवार को अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) स्थित नौ आतंकी शिविरों को लक्षित कर ध्वस्त किया गया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया गया, जिनमें मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके चार करीबी सहयोगी भी शामिल हैं। यह अभियान सर्जिकल सटीकता और अत्याधुनिक रणनीतियों के साथ अंजाम दिया गया।
रऊफ अजहर की मौत: आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका
रऊफ अजहर को जैश-ए-मोहम्मद के एक मुख्य ऑपरेशनल सेंटर पर लक्षित हमले में मार गिराया गया। यह केंद्र जैश की आतंकी गतिविधियों का प्रमुख ठिकाना माना जाता था। रऊफ की मौत से पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल रऊफ कई दशकों से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था।
कंधार अपहरण से पुलवामा तक: रऊफ का आतंकी इतिहास
अब्दुल रऊफ अजहर न केवल IC-814 अपहरण कांड का मास्टरमाइंड था, बल्कि 2001 के संसद हमले, 2003 के नगरोटा आर्मी कैंप पर हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 के पुलवामा हमले जैसे कई आतंकवादी कृत्यों में भी उसकी संलिप्तता रही है।
जैश-ए-मोहम्मद: भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों का चेहरा
जैश-ए-मोहम्मद एक पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन है जिसकी स्थापना 2000 में मसूद अजहर ने की थी। यह संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने के उद्देश्य से काम करता है और भारत में कई घातक हमलों को अंजाम दे चुका है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक नीति
रऊफ अजहर की मौत भारतीय सुरक्षा बलों की एक बड़ी रणनीतिक जीत है। यह ऑपरेशन न केवल भारत की कूटनीतिक और सैन्य प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि भारत अपनी धरती पर आतंक फैलाने वालों को बख्शेगा नहीं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।