शाह टाइम्स। कोविड-19 के बाद एक और खतरनाक वायरस का खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है। मंकीपॉक्स वायरस ने दुनियाभर में तहलका मचा रखा है। मंकीपॉक्स वायरस ने एक, दो नहीं बल्कि 116 देश इस वायरस के घेरे में आ चुके हैं और यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन, WHO ने भी इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित होने पर शरीर पर लाल चकत्ते और म्यूकोसल घाव बन जाते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, और मांसपेशियों में दर्द मंकीपॉक्स के बेसिक सिम्पटम्स हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेचक जैसी बीमारी मंकीपॉक्स को इंटरनेशनल लेवल पर हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है।
ऐसे में सूत्रों का दावा है कि यह बीमारी 1958 में बंदरों में पाई गई थी और अब इस वायरस ने इंसानों में भी अपनी जगह बना ली है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि भारत में फिलहाल एमपॉक्स का ज्यादा खतरा नहीं है। WHO की रिपोर्ट्स में बताया गया है कि जनवरी 2022 से जून 2024 तक भारत में मंकीपॉक्स के 27 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में वायरस फैलने के चांसेज बहुत कम है और हमारे पास इसकी वैक्सीन भी मौजूद है। लेकिन हमारा इससे अलर्ट रहना जरूरी है।
जानिए कैसे फैलता है मंकीपॉक्स?
मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।