नेशनल गार्ड पर हमले के बाद ट्रंप प्रशासन 19 देशों के ग्रीन कार्ड की दोबारा फुल स्केल समीक्षा करेगा। भारत इस सूची में नहीं। इमिग्रेशन पर सख्ती से अमेरिकी सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के जवानों पर हुए हमले ने अमेरिकी सरकार को इमिग्रेशन और सुरक्षा नीति को लेकर निर्णायक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। घटना व्हाइट हाउस के बेहद करीब हुई, जहां एक अफ़ग़ान नागरिक की फायरिंग में दो नेशनल गार्ड सैनिक घायल हुए। इलाज के दौरान एक जवान की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा अब भी गंभीर हालत में है।
हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 देशों के ग्रीन कार्ड की दोबारा गहन और फुल-स्केल जांच के आदेश दिए हैं। अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (USCIS) के निदेशक जो एडलो ने साफ कहा कि यह जांच पूरी तरह कठोर और व्यापक होगी।
19 देशों को ट्रंप प्रशासन ने पहले ही कंट्रीज ऑफ कंसर्न की सूची में रखा था। इन देशों में शामिल हैं:
अफगानिस्तान
म्यांमार (बर्मा)
चाड
कांगो गणराज्य
इक्वेटोरियल गिनी
इरिट्रिया
हैती
ईरान
लीबिया
सोमालिया
सूडान
यमन
बुरुंडी
क्यूबा
लाओस
सिएरा लियोन
टोगो
तुर्कमेनिस्तान
वेनेजुएला
भारत इस सूची में नहीं है, इसलिए भारतीय नागरिकों के ग्रीन कार्ड पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने अफ़ग़ान नागरिकों के इमिग्रेशन अनुरोधों की प्रोसेसिंग तुरंत रोक दी है, जब तक सुरक्षा प्रोटोकॉल और वेटिंग सिस्टम की समीक्षा पूरी नहीं हो जाती। प्रशासन ने इस फैसले के पीछे बैकलॉग और संभावित गलत वेटिंग को मुख्य वजह बताया है।
इस हमले की जांच अब एफबीआई संभाल रही है। निदेशक कश पटेल ने इसे आतंक की घटना मानते हुए कोस्ट-टू-कोस्ट जांच का ऐलान किया है। कई राज्यों में सर्च वारंट भी जारी किए जा चुके हैं।
घटना के अगले ही दिन ट्रंप ट्रुथ सोशल पर और सख्त नजर आए। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि:
तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन को स्थायी रूप से रोकने की दिशा में काम किया जाएगा
बाइडेन प्रशासन के दौरान स्वीकृत सभी आश्रय (Asylum) मामलों की समीक्षा होगी
सुरक्षा जोखिम और अशांति फैलाने वाले प्रवासियों की नागरिकता रद्द करने पर विचार होगा
गैर-नागरिकों को मिलने वाली सरकार समर्थित सब्सिडी और लाभ खत्म किए जाएंगे
उन्होंने साफ कहा कि, जो देश की सुरक्षा, शांति और सभ्यता के साथ तालमेल नहीं रखते, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
यह कार्रवाई सिर्फ एक सुरक्षा कदम नहीं, बल्कि अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का राजनीतिक रीसेट भी है। ट्रंप प्रशासन मानता है कि मौजूदा जांच तंत्र में बदलाव किए बिना, बड़े पैमाने पर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
19 देशों के ग्रीन कार्ड की समीक्षा होगी, भारत पर असर नहीं। ट्रंप का रुख सख्त है, लेकिन यह नीति फिलहाल सुरक्षा-केंद्रित जांच और सिस्टम समीक्षा पर टिकी हुई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।