नई दिल्ली,(Shah Times) ।– समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद अफजाल अंसारी ने मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को गाजीपुर से हाजीपुर वाया मोहम्मदाबाद तक फोरलेन (चार लेन) बनाने का प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्ताव से उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों नागरिकों को बेहतर सड़क परिवहन की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-31 उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से होकर बलिया, छपरा और फिर बिहार के हाजीपुर तक जाता है। यह राजमार्ग न केवल दो राज्यों को जोड़ता है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में इस सड़क की स्थिति खराब है, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है।
सांसद अफजाल अंसारी ने मंत्री नितिन गडकरी को हाथ से लिखा हुआ एक पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने इस मार्ग की बदहाल स्थिति और फोरलेन निर्माण की आवश्यकता को स्पष्ट किया। उनका कहना है कि यह मार्ग पहले से राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित है, अतः भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे परियोजना को तेजी से शुरू किया जा सकता है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह राजमार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सूरतापुर (पखनपुरा) के पास इससे जुड़ता है। यही नहीं, यह सड़क बक्सर, पटना जैसे पूर्वी बिहार के शहरों और सासाराम, जीटी रोड जैसे पश्चिमी बिहार के रास्तों को जोड़ती है। ऐसे में यह मार्ग पूरे उत्तर बिहार और पूर्वांचल के विकास की रीढ़ बन सकता है।
अंसारी और गडकरी के बीच हुई यह मुलाकात संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में हुई। मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और इस पत्र को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। यह स्पष्ट संकेत है कि सांसद अफजाल अंसारी अब गाजीपुर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्रीय मंच पर सक्रिय हो चुके हैं।
सांसद अंसारी ने अपने पत्र में नितिन गडकरी के अब तक के कार्यों की खुले शब्दों में सराहना की है। उन्होंने लिखा कि जैसे उन्होंने देशभर में सड़कों का कायाकल्प किया है, वैसे ही गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों को भी इस परिवर्तन का हिस्सा बनाएं। इस भावनात्मक अपील ने क्षेत्रीय जनता के मन में आशा की किरण जगाई है।
गाजीपुर, बलिया, छपरा और हाजीपुर के नागरिकों ने सांसद के इस प्रयास की खुले दिल से सराहना की है। स्थानीय व्यापारियों, छात्रों, मरीजों और किसानों के लिए यह सड़क जीवनरेखा की तरह है। वर्षों से इस सड़क की स्थिति जर्जर है, और फोरलेन निर्माण से आवागमन की रफ्तार तो बढ़ेगी ही, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि NH-31 को फोरलेन बनाने की परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो यह गाजीपुर, बलिया और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने से औद्योगिक निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
पूर्वांचल की राजनीति में अफजाल अंसारी एक प्रभावशाली नाम रहे हैं। उनके इस कदम को न केवल एक लोकहितैषी प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसे 2024 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर क्षेत्रीय समीकरणों में संतुलन बनाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। इस पहल से यह संदेश गया है कि अफजाल अंसारी न केवल राजनीति बल्कि विकास के एजेंडे को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
यदि मंत्रालय इस परियोजना को स्वीकृति देता है, तो इसके बाद DPR (Detailed Project Report), पर्यावरण स्वीकृति, बजट आवंटन और टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होने से प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो सकती है। यदि योजना लागू होती है, तो यह परियोजना 18 से 24 महीनों के भीतर पूर्ण की जा सकती है।
सांसद अफजाल अंसारी की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती जिलों के लाखों लोगों के भविष्य को बदलने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार और विशेष रूप से मंत्री गडकरी पर हैं, कि वे इस जनहितकारी मांग पर क्या निर्णय लेते हैं।
गाजीपुर-हाजीपुर NH-31 को फोरलेन बनाने की दिशा में यह पहल न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार लाएगी, बल्कि पूर्वांचल के समावेशी विकास की नई इबारत भी लिखेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।