New Delhi , (Shah Times) । वक़्फ बिल पर सियासी और कानूनी हलकों में चर्चा और बहस जारी है। इस बिल के खिलाफ मज़हबी और सेक्यूलर ग्रुपों में मुख्लाफत में शिद्दत होने इमकानात है चाहे वह नया पार्लियामेंट हाउस हो या दिल्ली एयरपोर्ट, सब कुछ वक्फ की जमीन पर बना है।" यह दावा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने किया है।
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरुद्दीन अजमल ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश की नया पार्लियामेंट हाउस भी वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनी है, यहां तक कि एयरपोर्ट भी वक्फ बोर्ड की जमीन पर है।
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के सुप्रीमो मौलाना बदरुद्दीन अजमल कासमी पूर्व सांसद हैं। उन्होंने असम की धुबरी लोकसभा सीट से 2009, 2014 और 2019 में लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीता है। बदरुद्दीन अजमल असम के जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख भी हैं।
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता मौलाना बदरुद्दीन अजमल कासमी वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने वक्फ बिल में संशोधन के प्रस्ताव पर नाराजगी जताई और कहा, 'यह बहुत बुरा है। जल्द ही वक्फ की वजह से उनका मंत्रालय भी चला जाएगा।'
वक्फ बिल पर संयुक्त संसदीय समिति के बारे में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा, "पूरी देश में वक्फ संपत्तियों की सूची सामने आई है और आवाजें उठ रही हैं - संसद भवन, आस-पास के इलाकों, वसंत विहार के आस-पास के इलाकों से लेकर एयरपोर्ट तक वक्फ संपत्ति पर बने हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि एयरपोर्ट वक्फ संपत्ति पर बना है... यह बहुत बुरी बात है, वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर वे बहुत जल्द अपनी कैबिनेट खो देंगे।"
एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद असम में वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बिल के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की जाएगी। लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।