नई दिल्ली, दिल्ली
Date 4/9/2016
By Wasi Siddiqui
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ४ सितंबर के आधिकारिक अपडेट के मुताबिक दिल्ली और हरियाणा के लिए ४ और ५ सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान में नई दिल्ली-सफदरजंग क्षेत्र में दोनों दिनों के दौरान आम तौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है।
दिल्ली में बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट का रुझान रहने का अनुमान है। स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार ४ सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब २६ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब ३२ डिग्री सेल्सियस रह सकता है। ५ सितंबर को न्यूनतम तापमान २५ डिग्री और अधिकतम तापमान ३१ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दिल्ली में रेड अलर्ट जारी होने की खबरों के बीच आधिकारिक मौसम रिकॉर्ड को देखना जरूरी है। ४ सितंबर को जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग की सब-डिवीजन चेतावनी में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए ४ सितंबर को भारी बारिश और ५ सितंबर को भी भारी बारिश दर्ज की गई है। ६ सितंबर से इस क्षेत्र के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
इस आधिकारिक रिकॉर्ड में दिल्ली के लिए अलग से रेड अलर्ट शब्द दर्ज नहीं है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध सरकारी सूचना के आधार पर दिल्ली में “रेड अलर्ट” की पुष्टि करना सही नहीं होगा। समाचार रिपोर्टिंग में भारी बारिश की चेतावनी को प्राथमिक तथ्य के तौर पर रखना अधिक सटीक है।
नई दिल्ली-सफदरजंग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक ४ सितंबर को आम तौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। ५ सितंबर को भी इसी तरह के मौसम का अनुमान है। ६ सितंबर को हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि इसके बाद मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के दिल्ली-एनसीआर पेज पर राजधानी और आसपास के इलाकों के लिए लगातार मौसम निगरानी और चेतावनी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे साफ है कि अगले कुछ दिनों में स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव पर नजर रखना जरूरी रहेगा।
मौसम विभाग के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। ३ और ४ सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई थी।
४ सितंबर के अपडेट में भी दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र के लिए भारी बारिश की चेतावनी कायम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी ४ से ७ सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। इसका असर दिल्ली-एनसीआर के आसपास के इलाकों में स्थानीय मौसम पर पड़ सकता है।
बारिश के दौरान राजधानी में सबसे बड़ा व्यावहारिक मुद्दा जलभराव और यातायात व्यवस्था रहता है। तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी जमा होने, सड़क यातायात की रफ्तार घटने और कुछ मार्गों पर जाम की स्थिति बनने की आशंका रहती है।
हालांकि, किसी खास इलाके में जलभराव या यातायात बाधित होने की पुष्टि अलग-अलग समय के स्थानीय प्रशासनिक अपडेट से ही की जानी चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी को सीधे तौर पर हर इलाके में बाढ़ या गंभीर जलभराव का संकेत मानना उचित नहीं है।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की जरूरत है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि तेज बारिश के दौरान सड़क की दृश्यता और पकड़ दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
बिजली चमकने या गरज के दौरान खुले स्थानों पर रुकने से बचना बेहतर है। पेड़ों, कमजोर ढांचों और खुले विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है।
यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और यातायात अपडेट देखना भी उपयोगी रहेगा। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में बारिश होने पर सफर में अतिरिक्त समय लग सकता है।
दिल्ली के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधि बनी हुई है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ४ और ५ सितंबर समेत आगे के दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की है।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम क्षेत्रीय प्रणालियों से प्रभावित होता है। इसलिए दिल्ली में बारिश की स्थिति को नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के मौसम से पूरी तरह अलग करके देखना सही नहीं होगा। हालांकि, हर शहर और जिले के लिए जारी स्थानीय चेतावनी अलग हो सकती है।
मौसम विभाग के ४ सितंबर के सब-डिवीजन अपडेट के अनुसार दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र के लिए ४ और ५ सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। ६ सितंबर से १० सितंबर तक इस विशेष चेतावनी में कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।
स्थानीय दिल्ली पूर्वानुमान में ६ सितंबर को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बताई गई है। इसके बाद ७ से १० सितंबर के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग की चेतावनी रंगों और अलग-अलग श्रेणियों के जरिए संभावित मौसम जोखिम की गंभीरता बताती है। इसलिए “भारी बारिश”, “बहुत भारी बारिश” और “रेड अलर्ट” को एक ही अर्थ में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली के मामले में ४ सितंबर के आधिकारिक रिकॉर्ड में भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। रेड अलर्ट की पुष्टि के लिए संबंधित समय का आधिकारिक जिला या क्षेत्रीय चेतावनी अपडेट देखना जरूरी है। यही अंतर सटीक मौसम पत्रकारिता के लिए अहम है।
दिल्ली में अगले दो दिनों तक बारिश से राहत की उम्मीद के साथ मौसम संबंधी जोखिम भी बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ४ और ५ सितंबर के लिए दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की है, जबकि राजधानी के स्थानीय पूर्वानुमान में मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक सूचना में दिल्ली के लिए अलग से रेड अलर्ट की पुष्टि नहीं होती। इसलिए नागरिकों को घबराने के बजाय आधिकारिक मौसम अपडेट, स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और यातायात सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।