मुरादनगर में मोहम्मद मुराद गाजी की दरगाह को लेकर फर्जी संस्था बनाकर कब्जे के प्रयास का आरोप सामने आया है।
सचिव हामिद खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्फ बोर्ड के नियमों की जानकारी दी। दरगाह प्रबंधन को लेकर मुरादनगर में विवाद उभरा है। सुन्नी वक्फ बोर्ड से पंजीकृत कमेटी ने फर्जी कमेटी गठन और अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया मुद्दा
मुरादनगर में 4 फरवरी 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दरगाह मोहम्मद मुराद गाजी रहमतुल्लाह अलैहि से जुड़ा मामला सामने आया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को दरगाह कमेटी के सचिव हामिद खान ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कुछ व्यक्तियों द्वारा दरगाह के नाम पर नई कमेटी गठित करने का ऐलान किया गया है, जो नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
बिना अनुमति जुटान का दावा
हामिद खान के अनुसार, मिर्जा इलियास, परवेज खान, एजाज शेख, जमीर बैग और ताहिर शेख सहित कुछ लोग बिना अनुमति दरगाह परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने अपने परिवार और जान पहचान के लोगों को भी शामिल किया और वहां यह घोषणा की कि दरगाह की नई कमेटी बनाई जा रही है।
कमेटी गठन का अधिकार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई कि दरगाह से जुड़ी किसी भी कमेटी के गठन, पंजीकरण या पदमुक्ति का अधिकार केवल वक्फ बोर्ड लखनऊ के अध्यक्ष और अधिकृत पदाधिकारी को है। हामिद खान ने बताया कि वह स्वयं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ द्वारा पंजीकृत कमेटी के सचिव हैं और वर्तमान कमेटी पिछले कई वर्षों से दरगाह का रखरखाव और प्रबंधन कर रही है।
फर्जी रसीदों का आरोप
हामिद खान ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति और उनके सहयोगी लंबे समय से दरगाह के नाम पर फर्जी रसीदें बनाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को लेकर कई बार मना किया गया, लेकिन इसके बावजूद ये लोग अपने कार्यों से बाज नहीं आए।
खुद को सचिव बताने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि ताहिर शेख स्वयं को दरगाह का सचिव बताता है, जबकि वक्फ बोर्ड की ओर से ऐसा कोई अधिकृत आदेश नहीं है। हामिद खान के अनुसार, इस तरह के दावे से शहर में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
शहर का माहौल बिगाड़ने की आशंका
हामिद खान ने बताया कि आरोपित व्यक्ति दबंग प्रवृत्ति के बताए जा रहे हैं और बिरादरी के लोगों को उकसाकर शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी संस्था बनाकर दरगाह की जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है और लोगों से चंदा वसूला जा रहा है।
आरोपों को बताया निराधार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हामिद खान ने कहा कि उनके और कमेटी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दरगाह वक्फ बोर्ड में अलल खैर की श्रेणी में दर्ज है और यह किसी एक परिवार या कुछ बिरादरी की संपत्ति नहीं है।
सभी समुदायों से जुड़ी दरगाह
उन्होंने कहा कि दरगाह मोहम्मद मुराद गाजी से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था जुड़ी हुई है। यह स्थान सभी के लिए खुला है और इसका प्रबंधन वक्फ बोर्ड के नियमों के अनुसार किया जाता है।
कब्रिस्तान से जुड़ा विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि कुछ लोगों के पूर्वजों द्वारा दरगाह की संपत्ति को कब्रिस्तान बताया गया, जबकि आज भी आधिकारिक दस्तावेजों में यह स्थान दरगाह के रूप में दर्ज है। आरोप है कि कब्रिस्तान के नाम पर भी लोगों से रसीदें काटी जा रही हैं।
वर्ष 2010 से कार्यरत कमेटी
हामिद खान ने बताया कि वर्ष 2010 में उन्हें वक्फ बोर्ड द्वारा दरगाह कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया था। तभी से यह कमेटी लगातार दरगाह की देखरेख, रखरखाव और व्यवस्थाओं का कार्य कर रही है।
फर्जी संस्था से सावधान रहने की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों ने शहरवासियों से अपील की कि वे फर्जी संस्थाओं और अवैध दावों से सावधान रहें। कमेटी का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से दरगाह की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन को दी गई जानकारी
हामिद खान ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा रही है, ताकि नियमों के अनुसार जांच हो सके और स्थिति स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि कमेटी का उद्देश्य केवल दरगाह का सही प्रबंधन और आपसी सौहार्द बनाए रखना है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।