कर्नाटक के मंगलुरु में दो प्रथम वर्ष के BBA छात्रों से कथित रैगिंग और मारपीट के मामले में पांच दूसरे वर्ष के छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। शिकायत के अनुसार, छात्रों को कॉलेज के पास से बाइक पर दूसरी जगह ले जाकर पीटा गया। पुलिस ने नौ छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच जारी है।
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मंगलुरु, कर्नाटक | 26 सितंबर 2026 | Apurva Choudhary
मंगलुरु में रैगिंग के आरोप के बाद पांच गिरफ्तार
कर्नाटक के मंगलुरु में रैगिंग और जूनियर छात्रों से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में पांच दूसरे वर्ष के कॉलेज छात्रों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दो प्रथम वर्ष के छात्रों को कॉलेज के पास से बाइक पर ले जाकर दूसरी जगह उनके साथ मारपीट की गई।
मामला 19 सितंबर की कथित घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई और आरोपियों के खिलाफ रैगिंग से संबंधित प्रावधानों के साथ अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई।
दोनों पीड़ित प्रथम वर्ष के BBA छात्र
शिकायत के अनुसार, दोनों प्रभावित छात्र 19 वर्षीय प्रथम वर्ष के BBA छात्र हैं और केरल से आते हैं। आरोप है कि 19 सितंबर को पांडेश्वर इलाके में कॉलेज के पास वरिष्ठ छात्रों के एक समूह ने उन्हें अपने साथ बाइक पर चलने के लिए कहा।
पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों छात्रों ने वरिष्ठ छात्रों की कुछ मांगों को मानने से इनकार किया। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर किसी दूसरी जगह ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई।
शिकायत में बेल्ट, धातु की रॉड और पाइप से कथित मारपीट का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा छात्रों ने कपड़े उतारने और घटना के बारे में कॉलेज प्रशासन या पुलिस को जानकारी देने पर धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है।
इन आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच पुलिस स्तर पर जारी है।
घर लौटने के बाद परिजनों को बताई घटना
बताया गया है कि कथित घटना के बाद दोनों छात्र घर लौटे और उन्होंने अपने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के साथ पुलिस से संपर्क किया गया और शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने कथित घटना की परिस्थितियों, इसमें शामिल छात्रों की भूमिका और दोनों पीड़ितों के साथ हुई मारपीट से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की।
रैगिंग के मामलों में पुलिस जांच के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपियों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों को देखा जा सकता है। इस मामले में भी जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन की स्थिति स्पष्ट होगी।
पांच दूसरे वर्ष के छात्रों की गिरफ्तारी
मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पांच छात्र 19 वर्षीय हैं और दूसरे वर्ष के BBA Logistics के छात्र बताए गए हैं।
पुलिस द्वारा बताए गए नामों में रहन एमपी, मोहम्मद उवैस, मोहम्मद आदिल यूपी, रोहन रमेश और नाशेद अमीर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले में कुल नौ छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पांच छात्रों की गिरफ्तारी के बाद चार अन्य छात्रों की तलाश किए जाने की जानकारी दी गई है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि गिरफ्तारी का मतलब आरोप सिद्ध होना नहीं है। अदालत में मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।
Karnataka Education Act की धारा 116 का जिक्र
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने रैगिंग से संबंधित कार्रवाई के लिए Karnataka Education Act की धारा 116 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ Bharatiya Nyaya Sanhita यानी BNS की विभिन्न धाराएं भी लगाई गई हैं।
मामले में लगाए गए प्रावधानों का अंतिम कानूनी प्रभाव जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगा। पुलिस द्वारा दर्ज की गई धाराएं अपने आप में आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं मानी जातीं।
रैगिंग पर पहले भी पुलिस कार्रवाई
मंगलुरु में इससे पहले भी रैगिंग से जुड़े मामले पुलिस कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं। अगस्त 2026 में एक निजी कॉलेज से जुड़े अलग मामले में पुलिस ने दो प्रथम वर्ष के छात्रों की शिकायत के बाद पांच छात्रों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी वरिष्ठ छात्रों पर कैंपस और कैंपस के बाहर जूनियर छात्रों को परेशान करने के आरोप लगाए गए थे।
उस अगस्त मामले में पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया था कि प्रभावित छात्रों को चोटें आई थीं और मारपीट से जुड़े अतिरिक्त आरोप भी जोड़े जाने थे। पुलिस ने उस मामले में छह छात्रों को आरोपी बनाया था, जिनमें पांच गिरफ्तार हुए थे।
हालांकि, अगस्त का वह मामला और वर्तमान में बताए जा रहे 19 सितंबर के मामले को एक ही घटना मानना उचित नहीं होगा। दोनों मामलों के विवरण अलग हैं।
कॉलेजों में रैगिंग रोकने की जिम्मेदारी
रैगिंग को लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में संस्थागत स्तर पर भी निगरानी और शिकायत व्यवस्था मौजूद रहती है। किसी छात्र द्वारा उत्पीड़न या हिंसा की शिकायत किए जाने पर कॉलेज प्रशासन को मामले की जानकारी संबंधित एंटी-रैगिंग व्यवस्था और जरूरत के अनुसार पुलिस तक पहुंचानी होती है।
मंगलुरु के इस मामले में भी पुलिस जांच के साथ यह देखा जाना महत्वपूर्ण होगा कि घटना किस स्थान पर हुई, उसमें कितने छात्र शामिल थे और आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।
चार अन्य छात्रों की तलाश
पुलिस के अनुसार, कुल नौ छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी चार छात्रों को पकड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी और क्या शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों से होती है।
मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
आरोपों की जांच जारी, दोषसिद्धि अभी नहीं
मंगलुरु का यह मामला रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्रों के साथ कथित हिंसा और धमकी के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। लेकिन फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायत, पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के स्तर पर है।
पांच छात्रों की गिरफ्तारी और नौ छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज होना जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं और उनकी दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
साथ ही, 19 सितंबर की घटना, नौ आरोपियों और पांच गिरफ्तारियों से जुड़े ऊपर दिए गए विशिष्ट विवरणों की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि फिलहाल सीमित है। पुलिस की विस्तृत जांच और आगे की आधिकारिक जानकारी से मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।